
नई टीम गुजरात लायन्स की कमान सुरेश रैना के हाथ में है
गुजरात की टीम नई है लेकिन कमज़ोर नहीं है। यह उन चंद टीमों में से है जो हर छोर पर मज़बूत दिखाई देती है। चिंता है तो बस एक - प्लेइंग इलेवन चुनने की यानि सही कॉम्बिनेशन तलाशने की। लायन्स की ताकत उनकी मज़बूत बल्लेबाज़ी है जिसमें फ़िंच और मेक्कलम जैसे हिटर्स हैं। फिर आईपीएल के नंबर 1 बल्लेबाज़ सुरेश रैना और दिनेश कार्तिक को कैसे भुलाया जा सकता है। लायन्स की ताकत उनके ऑलराउंडर्स हैं जिसमें ड्वेन ब्रावो जैसा खिलाड़ी है जिसने सीज़न में सबसे ज्यादा विकेट लिए और फ़ॉल्कनर और रवींद्र जडेजा जैसे मैच विनर हैं।
गुजरात लायन्स के कप्तान सुरेश रैना कहते हैं की उनकी टीम नई ज़रूर है लेकिन इसमें पुरानी टीम के खिलाड़ी हैं। रैना ने कहा 'मेक्कलम है, ब्रावो है और भी कुछ खिलाड़ी पुरानी टीम से हैं जैसा कि मैंने कहा कि आपको अपनी ताकत पता होनी चाहिए और सभी तीन डिपार्टमेंट में अच्छा करने की कोशिश करनी चाहिए। नतीजे अपने आप आपके पक्ष में आने लगेंगे।
टीम की कमज़ोरी
लायन्स की कमज़ोरी टीम कॉम्बिनेशन है। डेल स्टेन और ड्वेन स्मिथ जैसे खिलाड़ी प्लेइंग इलेवन में जगह कैसे बनाएंगे और अगर यह खेलेंगे तो कौन बाहर बैठेगा? तेज़ गेंदबाज़ी के रूप में धवल कुलकर्णी और प्रवीण कुमार का घरेलू अनुभव तो है, लेकिन यह विपक्षी खेमे को डराते नहीं हैं। लायन्स की कमज़ोरी उनका मध्यक्रम है जिसमें 1-2 घरेलू बल्लेबाज़ों की कमी महसूस हो सकती है। यह देखना होगा की स्पिन में प्रवीण तांबे क्या एक बार फिर चौंकाने का माद्दा रखते हैं? अगर नहीं तो शादाब जकाती और सरबजीत लड्डा का विकल्प कुछ खास नहीं है।
हालांकि सुरेश रैना टीम में कमज़ोरी वाली बात से इत्तेफ़ाक नहीं रखते। वह कहते हैं कि 'हमारे पास एक संतुलित टीम है, जब आप घरेलू खिलाड़ियों की बात करते हैं तो उनके पास अच्छा अनुभव है, विदेशी खिलाड़ी भी मज़बूत हैं। हमें बस मैदान पर जाकर पॉज़ीटिव खेल दिखाना है। मुझे उम्मीद है कि हम ऐसा करेंगे।' टीम नई है और सुरेश रैना की कप्तानी का टेस्ट होना बाकी है। अगर रैना इस टीम के साथ वह कर सके जो धोनी ने पुणे के साथ किया था तो इस सीज़न लायन्स से बाकी टीमों को सावधान रहना होगा।
गुजरात लायन्स के कप्तान सुरेश रैना कहते हैं की उनकी टीम नई ज़रूर है लेकिन इसमें पुरानी टीम के खिलाड़ी हैं। रैना ने कहा 'मेक्कलम है, ब्रावो है और भी कुछ खिलाड़ी पुरानी टीम से हैं जैसा कि मैंने कहा कि आपको अपनी ताकत पता होनी चाहिए और सभी तीन डिपार्टमेंट में अच्छा करने की कोशिश करनी चाहिए। नतीजे अपने आप आपके पक्ष में आने लगेंगे।
टीम की कमज़ोरी
लायन्स की कमज़ोरी टीम कॉम्बिनेशन है। डेल स्टेन और ड्वेन स्मिथ जैसे खिलाड़ी प्लेइंग इलेवन में जगह कैसे बनाएंगे और अगर यह खेलेंगे तो कौन बाहर बैठेगा? तेज़ गेंदबाज़ी के रूप में धवल कुलकर्णी और प्रवीण कुमार का घरेलू अनुभव तो है, लेकिन यह विपक्षी खेमे को डराते नहीं हैं। लायन्स की कमज़ोरी उनका मध्यक्रम है जिसमें 1-2 घरेलू बल्लेबाज़ों की कमी महसूस हो सकती है। यह देखना होगा की स्पिन में प्रवीण तांबे क्या एक बार फिर चौंकाने का माद्दा रखते हैं? अगर नहीं तो शादाब जकाती और सरबजीत लड्डा का विकल्प कुछ खास नहीं है।
हालांकि सुरेश रैना टीम में कमज़ोरी वाली बात से इत्तेफ़ाक नहीं रखते। वह कहते हैं कि 'हमारे पास एक संतुलित टीम है, जब आप घरेलू खिलाड़ियों की बात करते हैं तो उनके पास अच्छा अनुभव है, विदेशी खिलाड़ी भी मज़बूत हैं। हमें बस मैदान पर जाकर पॉज़ीटिव खेल दिखाना है। मुझे उम्मीद है कि हम ऐसा करेंगे।' टीम नई है और सुरेश रैना की कप्तानी का टेस्ट होना बाकी है। अगर रैना इस टीम के साथ वह कर सके जो धोनी ने पुणे के साथ किया था तो इस सीज़न लायन्स से बाकी टीमों को सावधान रहना होगा।
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