- बेंगलुरु के पुलिस स्टेशन में अजित पवार की विमान दुर्घटना को लेकर रोहित पवार की तरफ से जीरो FIR दर्ज की गई है
- FIR में विमान हादसे को तकनीकी खराबी नहीं बल्कि एक बड़ी आपराधिक साजिश बताया गया है और गंभीर आरोप लगाए गए हैं
- शिकायत में विमान ऑपरेटिंग कंपनी पर उड़ान रिकॉर्ड में हेराफेरी और पायलट के पिछले शराब निलंबन के मामले उठाए
अजित पवार की बारामती विमान हादसे में हुई मौत को लेकर बेंगलुरु के हाई ग्राउंड्स पुलिस स्टेशन में एक जीरो FIR दर्ज की गई है. यह शिकायत 23 मार्च को उनके भतीजे रोहित पवार की तरफ से दर्ज कराई गई है, जिसमें हादसे को तकनीकी खराबी नहीं बल्कि एक बड़े आपराधिक साजिश का नतीजा बताया गया है. यह हादसा 28 जनवरी 2026 को हुआ था, जब बॉम्बार्डियर लियरजेट‑45 (VT‑SSK), का प्लेन मुंबई से उड़ान भरने के बाद बारामती एयरपोर्ट के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया था. विमान में सवार सभी 5 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी. मृतकों में अजित पवार के अलावा पायलट सुमित कपूर, को‑पायलट शंभवी पाठक, एयरलाइन स्टाफ पिंकी माली और पुलिस अधिकारी विदिप जाधव शामिल थे.
BNS की कई धाराओं में दर्ज हुई FIR
एफआईआर भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धाराओं 61, 103, 105, 106, 125, 238 और 336(2) के तहत दर्ज की गई. शिकायत में विमान ऑपरेटिंग कंपनी पर फ्लाइट रिकॉर्ड में हेराफेरी जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं. जहां ऑफिशियल लॉग में विमान के 4,915 फ्लाइंग आवर्स दर्ज हैं, वहीं शिकायतकर्ता का दावा है कि विमान ने 8,000 घंटे से अधिक उड़ान भरी हो सकती है. एफआईआर में यह भी आरोप लगाया गया है कि विजुअल फ्लाइट रूल्स के लिए निर्धारित सीमा से लो विजिबिलिटी के बावजूद विमान को लैंडिंग क्लियरेंस दिया गया. इसके अलावा, पायलट सुमित कपूर को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं. शिकायत में दावा किया गया है कि उनके खिलाफ पहले शराब से जुड़े निलंबन के मामले रहे हैं.
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बीमा पॉलिसी पर भी उठे सवाल
रोहित पवार ने यह भी आरोप लगाया कि सुमित कपूर को आखिरी समय में क्रू बदलकर विमान में लाया गया, जबकि पहले से तय क्रू के ट्रैफिक में फंसने की दलील पर उन्होंने सवाल उठाए हैं. एफआईआर में यह भी जिक्र किया गया है कि हादसे से कुछ समय पहले VSR वेंचर्स ने पायलट सुमित कपूर के नाम पर लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी ली थी, जिसे शिकायतकर्ता ने संदिग्ध मंशा से जोड़कर देखा है.
महाराष्ट्र में FIR दर्ज न होने का आरोप
रोहित पवार के मुताबिक, महाराष्ट्र में शिकायत दर्ज नहीं किए जाने के बाद उन्हें बेंगलुरु में जीरो FIR दर्ज करानी पड़ी. उन्होंने पुणे CID पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि मामले को सिर्फ एक्सीडेंटल डेथ रिपोर्ट मानकर देखा जा रहा है, जबकि उन्हें इसमें साजिश की आशंका है. बेंगलुरु में दर्ज की गई यह जीरो FIR अब पुणे जिले की बारामती ग्रामीण पुलिस को ट्रांसफर कर दी गई है, क्योंकि दुर्घटना स्थल उसी के अधिकार क्षेत्र में आता है.
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