ऑपरेशन सिंदूर की पहली सालगिरह पर लेफ्टिनेंट जनरल जुबिन ए मिनवाला, लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई, एयर मार्शल अवधेश कुमार, वाइस एडमिरल ए.एन. प्रमोद ने प्रेस कॉफ्रेंस किया है. इस दौरान उन्होंने इस ऑपरेशन के महत्वपूर्ण पहलुओं, रणनीति और उपलब्धियों पर विस्तार से बात की है. इस दौरान एयर मार्शल अवधेश कुमार भारती ने ये भी बताया कि भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर क्यों रोक दिया था.
एयर मार्शल अवधेश कुमार भारती ने कहा, पाकिस्तान की ओर से हमसे रिक्वेस्ट किया गया था कि हम अपने ऑपरेशन सिंदूर को रोक दे, इसके बाद डीजीएमओ स्तर की बातचीत में इस ऑपरेशन को पॉज किया गया था."
हालांकि एयर मार्शल एके भारती ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर भले ही रोक दिया गया था लेकिन अब भी ये खत्म नहीं हुआ है और अब भी जारी है.
लेफ्टिनेंट जनरल घई बोले- अनुरोध पर ऑपरेशन को रोक दिया लेकिन अभियान का अंत नहीं
लेफ्टिनेंट जनरल घई ने कहा कि मौजूदा दौर में जहां संघर्ष लंबे चलते हैं, वहीं भारत ने तेज और सटीक हमला किया. अपने रणनीतिक लक्ष्य हासिल किए और फिर पाकिस्तान के अनुरोध पर ऑपरेशन को रोक दिया.
उन्होंने साफ कहा कि ऑपरेशन सिंदूर किसी अभियान का अंत नहीं, बल्कि आतंकवाद के खिलाफ भारत की लंबी लड़ाई का नया अध्याय है. उन्होंने दोहराया कि भारत का रुख स्पष्ट है, आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई लगातार जारी रहेगी और इसे जड़ से खत्म करने के लिए हर कदम उठाया जाएगा.
#WATCH | Defence Minister Rajnath Singh tweets, "On the anniversary of Operation Sindoor, we salute the valour and sacrifices of our armed forces, whose courage and dedication continue to safeguard the nation. Their actions during the operation reflected unmatched precision,… pic.twitter.com/PSeySMFKZv
— ANI (@ANI) May 7, 2026
ऑपरेशन सिंदूर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने क्या कहा?
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ऑपरेशन सिंदूर की वर्षगांठ पर एक्स पर पोस्ट कर लिखा, "ऑपरेशन सिंदूर की सालगिरह पर, हम अपने सशस्त्र बलों की बहादुरी और बलिदान को सलाम करते हैं, जिनकी हिम्मत और लगन देश की सुरक्षा करती रहती है. ऑपरेशन के दौरान उनके कामों में बेजोड़ सटीकता, बिना रुकावट के तालमेल और सभी सेनाओं के बीच गहरा तालमेल दिखा, जिसने मॉडर्न मिलिट्री ऑपरेशन के लिए एक बेंचमार्क सेट किया."
उन्होंने लिखा, "ऑपरेशन सिंदूर देश के इरादे और तैयारी का एक मज़बूत प्रतीक है, जो दिखाता है कि हमारे सशस्त्र बल हमेशा सबसे ज़रूरी समय पर निर्णायक कार्रवाई के लिए तैयार रहते हैं. यह आत्मनिर्भरता हासिल करने की दिशा में भारत की लगातार तरक्की का भी सबूत है, जिससे क्षमता बढ़ती है और लचीलापन भी बढ़ता है."
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