- पश्चिम बंगाल विधानसभा के 292 विजेता विधायकों में 63 प्रतिशत ने स्नातक या उससे अधिक पढ़ाई की है
- महिला प्रतिनिधित्व में कमी आई है, 2026 में 13 प्रतिशत विधायक महिलाएं हैं जो पिछले चुनाव के मुकाबले कम है
- 65 प्रतिशत विजेता विधायकों ने अपने खिलाफ आपराधिक मामले घोषित किए हैं जो पिछले चुनाव की तुलना में बढ़ा है
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों के बाद अब विजेता विधायकों की प्रोफाइल से जुड़े आंकड़े सामने आए हैं, जो नेता से जुड़े कई अहम पहलुओं की तस्वीर पेश करते हैं. शिक्षा, महिला भागीदारी, आपराधिक मामलों और संपत्ति से जुड़े ये आंकड़े राज्य की नई विधानसभा की पृष्ठभूमि को समझने में मदद करते हैं. चुनावों पर नजर रखने वाली संस्था Association for Democratic Reforms (ADR) और पश्चिम बंगाल इलेक्शन वॉच ने राज्य में 292 चुनाव जीतने वाले उम्मीदवारों के एफिडेविट का विश्लेषण किया है. इस विश्लेषण में नवनिर्वाचित विधायकों की सामाजिक, आपराधिक और आर्थिक पृष्ठभूमि से जुड़े कई तथ्य सामने आए हैं.
नेताओं की पढ़ाई-लिखाई का ब्यौरा
शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो 92 (32%) विजेता उम्मीदवारों ने अपनी शिक्षा 5वीं पास से 12वीं पास के बीच बताई है, जबकि 185 (63%) विजेता उम्मीदवारों ने स्नातक और उससे अधिक की शैक्षणिक योग्यता घोषित की है. इसके अलावा 9 विजेता उम्मीदवार डिप्लोमा धारक हैं, 5 ने खुद को सिर्फ साक्षर बताया है और 1 उम्मीदवार ने अपनी शैक्षणिक योग्यता निरक्षर बताई है. इसका मतलब है कि चुनाव जीतने वाले विधायकों में लगभग हर तीन में एक विधायक ने स्कूल के आगे पढ़ाई नहीं की है.
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महिला प्रतिनिधित्व में कमी
Association for Democratic Reforms (ADR) के विश्लेषण किए गए 292 विजेता उम्मीदवारों में सिर्फ 37 (13%) महिलाएं हैं. 2021 में 292 विधायकों में से 40 (14%) महिला विधायक थीं, यानी पांच साल में यह संख्या 3 कम हो गई है. पश्चिम बंगाल इलेक्शन वॉच के अनुसार, इस बार विधानसभा चुनाव में 385 (13%) महिला उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा था.
आपराधिक मामलों में बढ़ोतरी
2026 विधानसभा चुनाव में 292 विजेता उम्मीदवारों में से 190 (65%) ने अपने खिलाफ आपराधिक मामले घोषित किए हैं. 2021 में 142 (49%) विधायकों ने अपने खिलाफ आपराधिक मामले घोषित किए थे. इस तरह आपराधिक पृष्ठभूमि वाले विधायकों की संख्या इस बार 16% तक बढ़ गई.
इस बार 294 निर्वाचन क्षेत्रों में से 129 (44%) “रेड अलर्ट” निर्वाचन क्षेत्र रहे. “रेड अलर्ट” वे क्षेत्र हैं जहां तीन या उससे अधिक उम्मीदवारों ने अपने खिलाफ आपराधिक मामले घोषित किए थे.
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संपत्ति में बढ़ोतरी
साल 2026 में कुल 102 विधायक दोबारा चुने गए हैं, इनकी औसत संपत्ति पिछले पांच साल में 1.43 करोड़ रुपये बढ़ी है, यानी 60% की वृद्धि हुई है. कुल मिलाकर 292 विजेता उम्मीदवारों के पास 1,091 करोड़ रुपये की संपत्ति है. वहीं, प्रति विधायक औसत संपत्ति 3.73 करोड़ रुपये रही, जो 2021 में 2.53 करोड़ रुपये थी. आयु वर्ग के अनुसार, 46 (16%) विधायक 25 से 40 वर्ष के बीच हैं. 184 (63%) विधायक 41 से 60 वर्ष के हैं, जबकि 59 (20%) विधायक 61 से 80 वर्ष की आयु के हैं। 3 विधायक ऐसे हैं जिनकी उम्र 80 वर्ष से अधिक है.
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