विज्ञापन
This Article is From Jun 20, 2024

प्रीतम कुमार कौन है? नीट पेपरलीक के मास्टरमाइंड और तेजस्वी यादव से कैसे जुड़ा इस अफसर का नाम...यहां जानें

नीट पेपरलीक में लगातार नये खुलासे हो रहे हैं. अब इसमें बिहार के एक बड़े अफसर का नाम सामने आया है. नाम लेने वाले खुद बिहार के उप मुख्यमंत्री हैं.

प्रीतम कुमार कौन है? नीट पेपरलीक के मास्टरमाइंड और तेजस्वी यादव से कैसे जुड़ा इस अफसर का नाम...यहां जानें
प्रीतम कुमार को लेकर बिहार के अफसरों में भी चर्चाओं का बाजार गर्म है.

52 साल के प्रीतम कुमार बिहार प्रशासनिक सेवा के अधिकारी हैं. अगस्त 2022 में उन्हें तेजस्वी यादव का सरकारी निजी सचिव (आप्त सचिव) बनाया गया और तब से अब तक वह उनके साथ हैं. आज उन पर बिहार के डिप्टी सीएम ने नीट (NEET) पेपरलीक में शामिल होने का आरोप लगाया है. जाहिर है प्रीतम कुमार की मुश्किलें अब बहुत ज्यादा बढ़ने वाली हैं. सबसे पहले यह जान लें कि बिहार के डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने प्रीतम कुमार को लेकर क्या कहा?

प्रीतम कुमार पर क्या आरोप?

बिहार के डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने कहा कि नीट पेपरलीक मामले में प्रारंभिक जानकारी मिली है कि प्रीतम कुमार का संबंध सिकंदर से है. सिकंदर को पेपपरलीक का मास्टरमाइंड माना जा रहा है. विजय सिन्हा ने कहा कि प्रीतम ने सिकंदर के लिए गेस्टबुक में कमरा बुक कराया. 1 मई को प्रीतम ने पथ निर्माण विभाग के कर्मचारी प्रदीप को सिकंदर के लिए राज्य सरकार के पथ निर्माण विभाग के निरीक्षण गेस्ट हाउस में कमरा बुक कराने के लिए बुलाया था. इस मामले में जिम्मेदारी तय होगी और मामले की जांच होगी. प्रीतम कुमार नीट-यूजी 2024 के कथित पेपरलीक मामले में बिहार पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए मुख्य आरोपी सिकंदर प्रसाद यादवेंदु के साथ लगातार संपर्क में था.  राजद नेता से जुड़े अधिकारी और मुख्य आरोपी के बीच संबंधों की गहन जांच की जानी चाहिए. सिकंदर के लिए पटना और अन्य स्थानों के गेस्ट हाउसों में ठहरने की व्यवस्था प्रीतम करता था. मेरे पास उन संदेशों का विवरण है जो प्रीतम ने सिकंदर के ठहरने की व्यवस्था करने के लिए संबंधित व्यक्तियों को भेजे थे. पूरे घटनाक्रम से पता चलता है कि राजद नेता किस तरह भ्रष्ट आचरण में लिप्त हैं. ऐसी खबरें हैं कि आरोपी रांची में न्यायिक हिरासत के दौरान लालू प्रसाद से जुड़ा था.

कौन है सिकंदर प्रसाद यादवेंदु?

नीट पेपर लीक मामले पुलिस ने जिस आरोपी अनुराग यादव को गिरफ्तार किया है, उसने अपने कबूलनामे में बताया कि नीट एग्जाम के लिए सारी सेटिंग उसके फूफा सिकंदर प्रसाद यादवेंदु की तरफ से की गई थी. 30 से 32 लाख में और लड़कों को भी पेपर बेचा गया. सिकंदर प्रसाद यादवेंदु दानापुर नगर परिषद में जूनियर इंजीनियर है. अनुराग नीट परीक्षा की तैयारी कोटा के एलेन कोचिंग सेंटर में कर रहा था. उसने बताया कि मेरे फूफा ने मुझे फोन कर कहा कि नीट की परीक्षा है, अब तुम कोटा से वापस आ जाओ. परीक्षा की सारी सेटिंग हो चुकी है. उनके कहने पर मैं कोटा से वापस आ गया. कोटा में कोचिंग करने वाले अनुराग ने बताया कि मेरे फूफा ने 04.05.24 की रात में अमित आनंद एवं नीतीश कुमार के पास मुझे छोड़ा. वहां पर नीट की परीक्षा का प्रश्न पत्र एवं उत्तर पुस्तिका दी गई. रात में परीक्षा में आने वाले सवालों की तैयारियां कराई गई. मेरा सेंटर डीवाई पाटिल स्कूल में था और मैं स्कूल में परीक्षा देने गया तो जो प्रश्न पत्र पूरी तरह रटवाया गया था, परीक्षा में मुझे वही सवाल मिले. परीक्षा के बाद अचानक पुलिस आ गई और आकर मुझे पकड़ लिया, जिसके बाद पूछताछ में मैंने अपना अपराध स्वीकार कर लिया.

राजद ने बोला हमला

विजय सिन्हा के तेजस्वी यादव के पीएस प्रीतम यादव के बाद राष्ट्रीय जनता दल ने ट्वीट कर उल्टे बीजेपी और जनता दल यूनाइटेड पर इस लीक मामले के कुछ आरोपियों के साथ संबंध का आरोप लगाया. आरजेडी ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, "𝐁𝐉𝐏 शासित तीनों प्रदेशों बिहार, गुजरात और हरियाणा में ही #𝐍𝐄𝐄𝐓 का पेपर लीक हुआ. तीनों जगह बीजेपी नेताओं की संलिप्तता सामने आयी. केंद्रीय शिक्षा मंत्री निरंतर कह रहे है कि कहीं कोई पेपर लीक नहीं हुआ है, जबकि विपक्ष और लाखों परीक्षार्थी लगातार कह रहे है कि 𝐏𝐚𝐩𝐞𝐫 𝐋𝐞𝐚𝐤 हुआ है." 

 

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Pritam Kumar, Bihar, NEET Paper Leak 2024, Tejaswi Yadav
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com