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अब क्या करेंगे कांग्रेस के 'संकटमोचक'? किन चुनौतियों से घिरे सीएम शिवकुमार

डीके शिवकुमार की चुनौती सिर्फ यह नहीं है कि किस मंत्री को कौन सा मंत्रालय दिया जाए. असल चुनौती यह है कि कांग्रेस के सभी वरिष्ठ नेताओं की महत्वाकांक्षाओं को कैसे सम्मान दिया जाए.

अब क्या करेंगे कांग्रेस के 'संकटमोचक'? किन चुनौतियों से घिरे सीएम शिवकुमार
कर्नाटक सीएम डीके शिवकुमार
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कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार को कांग्रेस पार्टी के संकटमोचक के रूप में जाना जाता है. जब भी पार्टी किसी मुश्किल परिस्थिति में फंसती है, डीके शिवकुमार आगे आते हैं और पार्टी को उस मुश्किल से बाहर निकालने की कोशिश करते हैं. लेकिन अब मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार खुद कई चुनौतियों से घिरे हुए हैं. बड़ी बात यह है कि ये कोई बाहरी चुनौतियां नहीं हैं बल्कि पार्टी के भीतर से ही उन्हें चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है.

दरअसल, कर्नाटक विधानसभा का मानसून सत्र गुरुवार यानी 13 अगस्त से शुरू होने वाला है. सरकार में कुल 34 मंत्री बनाए जा सकते हैं. इनमें से 33 पद भरे जा चुके हैं, लेकिन बड़ी बात यह है कि 19 मंत्रियों को अभी तक अपना विभाग नहीं मिल पाया है.

इसी वजह से डीके शिवकुमार रविवार को दिल्ली भी गए थे. बताया जा रहा है कि उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से मुलाकात की और कैबिनेट में कुछ छोटे बदलावों को लेकर चर्चा की. इसका मकसद पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को मनाने के रूप में देखा जा रहा है.

लेकिन डीके शिवकुमार की असल चुनौती यह है कि कई वरिष्ठ नेता बड़े और महत्वपूर्ण मंत्रालय चाहते हैं. ऐसे में किस नेता को कौन सा विभाग दिया जाए, यह उनके लिए बड़ी चुनौती बन गया है.

बताया जा रहा है कि बसवराज रायरेड्डी वित्त विभाग अपने पास चाहते हैं. इसी तरह वह प्लानिंग और प्रोग्राम मॉनिटरिंग विभाग भी चाहते हैं. वहीं, कृषि विभाग को लेकर केएम शिवलिंगे गौड़ा और पूर्व कृषि मंत्री एन. चलुवरायस्वामी के बीच दावेदारी की बात सामने आ रही है.

डीके शिवकुमार के सामने एक और चुनौती यह है कि अभी तक कैबिनेट में महिलाओं को पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं मिला है. एक मंत्री पद अभी खाली है. ऐसे में कहा जा रहा है कि यह जिम्मेदारी किसी महिला विधायक को दी जा सकती है.

पहले ऐसा कहा जा रहा था कि कैबिनेट विस्तार के बाद कांग्रेस की अंदरूनी लड़ाई कुछ कम हो जाएगी, लेकिन मौजूदा स्थिति में ऐसा होता दिखाई नहीं दे रहा है.

इस समय डीके शिवकुमार की चुनौती सिर्फ यह नहीं है कि किस मंत्री को कौन सा मंत्रालय दिया जाए. असल चुनौती यह है कि कांग्रेस के सभी वरिष्ठ नेताओं की महत्वाकांक्षाओं को कैसे सम्मान दिया जाए और जनता के सामने एकजुट तस्वीर पेश की जाए. 

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DK Shivakumar, Karnataka
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