पश्चिम बंगाल के विभिन्न जिलों में तनावग्रस्त इलाकों को व्यापक सुरक्षा घेरे में रखा गया है. आज रामनवमी के जुलूसों को देखते हुए सुबह से विशेष इंतजाम है. कोलकाता से सटे हुगली जिले के चंदननगर और उत्तरी दिनाजपुर जिले के इस्लामपुर में सुरक्षा कड़ी है. इस संबंध में बुधवार (25 मार्च) की शाम को राज्य सचिवालय, नबन्ना में एक आपातकालीन वर्चुअल बैठक आयोजित की गई. बैठक की अध्यक्षता मुख्य सचिव दुष्यंत नारियाला ने की. इसमें राज्य गृह सचिव संघमित्रा घोष, राज्य पुलिस महानिदेशक सिद्धनाथ गुप्ता, जिला मजिस्ट्रेट और जिला पुलिस अधीक्षकों सहित अन्य लोग उपस्थित थे.
3 हजार से अधिक अधिकारी होंगे तैनात
बैठक में उपस्थित राज्य सरकार के एक अधिकारी ने बताया, "यह निर्णय लिया गया है कि जुलूसों के दौरान कानून व्यवस्था को सुचारू रूप से बनाए रखने के लिए विभिन्न जिलों में कुल 3,000 पुलिस अधिकारियों को तैनात किया जाएगा. पुलिस को जुलूसों में किसी भी प्रकार की अशांति न हो, यह सुनिश्चित करने के लिए निर्देश दिए गए हैं."
इन जिलों में अलर्ट मोड पर एजेंसी
हावड़ा, चंदननगर और इस्लामपुर में विशेष सतर्कता बरती जाएगी. क्योंकि इन इलाकों में जुलूसों के दौरान हिंसा और तनाव की पिछली घटनाएं हो चुकी हैं. साथ ही कोलकाता पर भी विशेष ध्यान दिया गया है. राम नवमी के अवसर पर विभिन्न जुलूसों की सुरक्षा संभालने के साथ-साथ शहर में लगभग 1,000 पुलिस कर्मियों को तैनात किया जाएगा.
सोशल मीडिया पर भी की जा रही निगरानी
इस अवसर पर भड़काऊ पोस्टों के प्रसार को रोकने के लिए लगातार साइबर निगरानी की जा रही है. सभी जिला मजिस्ट्रेटों, पुलिस आयुक्तों और पुलिस अधीक्षकों को 29 मार्च तक यह विशेष निगरानी रखने के लिए कहा गया है. स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि रामनवमी की शोभायात्राओं को केवल पुलिस द्वारा निर्धारित मार्गों से ही निकलने की अनुमति होगी. किसी भी परिस्थिति में एक शोभायात्रा में 500 से अधिक प्रतिभागियों को शामिल होने की अनुमति नहीं होगी.
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