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This Article is From Sep 26, 2017

भारतीय नौसेना के बेड़े में शामिल युद्धपोत तरासा

49 मीटर लंबी इस युद्धपोत पर एक कमांडेंट, 4 अफसर सहित 41 नौसैनिक तैनात रहेंगे. 

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भारतीय नौसेना के बेड़े में शामिल युद्धपोत तरासा
आईएनएस तरासा.
मुंबई: युद्धपोत तरासा मंगलवार को भारतीय नौसेना के बेड़े में शामिल हो गया. स्वदेशी ताकिनिक से  बना ये युद्धपोत  तारमुगली सीरीज का चौथा और आखिरी युद्धपोत है जो नौसेना की निगरानी क्षमता को और तेज और सक्षम बनाएगा. फ़ॉलोऑन वाटर जेट फास्ट अटैक क्राफ्ट  की तकनीकी से लैश ये युद्धपोत 35 नॉटिकल माइल  की रफ्तार से चलने में सक्षम है. 49 मीटर लंबी इस युद्धपोत पर एक कमांडेंट, 4 अफसर सहित 41 नौसैनिक तैनात रहेंगे. 

कोलकाता के गार्डेनरिच  शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स द्वारा निर्मित ये युद्धपोत पिछ्ले साल मुम्बई लाया गया था. तबसे इसका परीक्षण चल रहा था।इस युद्धपोत का नाम अंडमान के एक द्वीप तरासा के नाम पर रखा गया है. तरासा तीन वाटर जेट प्रोपल्सन सिस्टम से लैस है. 

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सुरक्षा के लिए इसमें स्वेदेशी सीआरएन-91 30 एमएम गन लगी हुई है. जिसका निशाना अचूक माना जाता है और ये गन रिमोट और मैनुअली दोनों तरहं से ओपरेट होती है. 
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तारमुगली सीरीज की 2 युद्धपोत पूर्वी  समंदरी सीमा में तैनात है तो एक युद्धपोत कारवार में तैनात है. ये चौथा युद्धपोत पश्चिमी समंदरी सीमा  खासकर महारष्ट्र ,गुजरात और गोवा की तरफ आने वाले  दुश्मनों पर नजर रखेगा. इसका घोष वाक्य है  तीव्र तेज और निर्भय  यानी बिना किसी भय के तीव्र गति से अपने काम को अंजाम देना. 
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