
Waqf Bill Debate: बुधवार को लोकसभा से पास होने के बाद गुरुवार को राज्यसभा में वक्फ संशोधन बिल पर चर्चा जारी है. राज्यसभा में गुरुवार को कई सांसदों ने वक्फ बिल पर अपनी-अपनी राय रखी. राज्यसभा में हुई बहस के दौरान भाजपा सदस्य राधामोहन दास अग्रवाल के भाषण की खूब चर्चा हुई. राधामोहन दास अग्रवाल ने वक्फ बिल पर अपनी बात रखते हुए कई चुटीले तंज भी कसे. राधामोहन दास अग्रवाल के बाद राज्यसभा में एक बार फिर माहौल तब बना, जब राजद के राज्यसभा सांसद मनोज झा अपनी बात रखना शुरू करें.
राजद सांसद मनोज झा तेज-तर्रार वक्ता हैं. उन्होंने वक्फ बिल पर चर्चा के दौरान के राजद सुप्रीमो लालू यादव के वायरल पुराने वीडियो की भी चर्चा की. साथ ही उन्होंने मुंशी प्रेमचंद की कहानी 'ईदगाह' की भी चर्चा की.
लालू यादव का वीडियो कट कर चलाया गयाः मनोज झा
राजद सांसद मनोज झा ने कहा, "हमारी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एम्स में इलाजरत हैं. कल उनका एक वीडियो कट करके सोशल मीडिया पर खूब चलाया गया. उन्होंने कहा कि देश बंटवारे के बाद ट्रस्ट इश्यू थे. जानता हूं कि दोनों ही पक्ष आए हैं, तैयारियों के साथ. हम गर्दनों के साथ हैं वो आरियों के साथ. देश का माहौल कैसा है, इस पर एक नजर डाला जाए."
आज मस्जिद के नीचे कुछ ढूंढा जाता हैः मनोज झा
मनोज झा ने आगे कहा, "गाहे-बगाहे आर्थिक बायकॉट की बात होती है, गाहे-बगाहे पुरानी मस्जिद के नीचे कुछ ढूंढा जाता है. प्लेस ऑफ वॉरशिप एक्ट पर सवाल उठता है. ऐसे माहौल में आपके बिल का कंटेंट और इंटेंट दोनों मैच करता है तो डर लगता है. आप भी चुनकर आए हैं, हम भी चुनकर आए हैं."
मनोज झा ने मुंशी प्रेमचंद की कहानी ईदगाह का जिक्र किया
इसके बाद मनोज झा ने मुंशी प्रेमचंद की कहानी ईदगाह का जिक्र करते हुए कहा, हममें से हमारे सारे साथियों ने बचपन में इस कहानी को पढ़ा होगा. ईदगाह की कहानी हामिद नामक एक बच्चा होता है. जो ईद के मेले से अपनी दादी के लिए एक चिमटा खरीद कर लाता है.
हिंदू-मुसलमान की आदत नहीं बदलिएः मनोज झा
मनोज झा ने आगे कहा कि कोई बता सकता है कि दुकानदार हरखू था या हरेंद्र. हामिद खरीदेगा तो वहीं खरीदेगा, हरखू खरीदेगा तो हरेंद्र के पास जाएगा. इस देश के हिंदूओं को मुसलमान की आदत है, मुसलमानों को हिंदूओं की आदत है. इसाई-सिखों को हिंदू और मुस्लिमों की आदत है. इस आदत को नहीं बदलवाईए.
मनोज झा ने आगे कहा कि कल गृह मंत्री को सुन रहा था. बहुत अच्छे से वक्फ का मतलब बता रहे थे. कुछ तो समान है तैयारी के मामले में. आप पहली बार सुधार नहीं कर रहे हैं, सुधार आगे भी होंगे. बाबा साहब को कोट करते हुए कहा कि आज आइसोलेशन और एक्सक्लूजन, दोनों चीजें बहुतायात में हैं. ये उचित नहीं है.
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