18,600 फीट की बर्फीली ऊंचाई, हड्डियों को जमा देने वाली तेज हवाएं और सीधी खड़ी ढलान पर फंसा एक मरीज. जब हालात ऐसे हों जहां एविएशन के सारे नियम अपनी आखिरी सीमा पर पहुंच जाएं, तब भारतीय सेना के जांबाज पायलट वह कर दिखाते हैं जिसे अदम्य साहस कहा जाता है. लद्दाख के दुर्गम नन कुन (Nun Kun) पर्वत क्षेत्र में शनिवार को सेना के एविएशन विंग ने एक ऐसा ही सांसें रोक देने वाला रेस्क्यू ऑपरेशन सफलतापूर्वक पूरा किया.
हल्का हेलिकॉप्टर और ढलती रोशनी की चुनौती
यह कोई सामान्य रेस्क्यू मिशन नहीं था. इतनी ऊंचाई पर हवा इतनी तेज होती है कि हेलिकॉप्टर के इंजन की ताकत और रोटर्स का लिफ्ट (उठने की क्षमता) काफी कम हो जाती है. इसके अलावा दिन की रोशनी भी तेजी से खत्म हो रही थी और पायलटों के पास वक्त बेहद कम था. मिशन को हर हाल में कामयाब बनाने के लिए टीम ने हेलिकॉप्टर से सारा गैर-जरूरी सामान उतार दिया ताकि वजन कम से कम रहे. उड़ान भरते समय ईंधन भी केवल उतना ही रखा गया जिससे जरूरी लिफ्ट मिले और मिशन पूरा कर सुरक्षित लौटा जा सके.
In a daring rescue mission at 18,600 ft near Nun Kun, Indian Army Aviation pilots evacuated a casualty from an extremely challenging slope with no landing space and strong winds.
— ANI (@ANI) August 29, 2026
With the helicopter lightened by removing non-essential equipment and carrying limited fuel, the… pic.twitter.com/dNaqrbljOp
सिर्फ एक स्किड पर टिकाया हेलिकॉप्टर
जब सेना का हेलिकॉप्टर मौके पर पहुंचा, तो सामने भयंकर बर्फीली हवाएं और खड़ी पहाड़ी ढलान थी, जहां लैंडिंग की कोई जगह नहीं थी. ऐसे में पायलटों ने हैरतअंगेज संतुलन और जांबाजी का परिचय दिया. उन्होंने हेलिकॉप्टर को हवा में बेहद नीचे स्थिर (hover) रखा और उसका सिर्फ एक स्किड (निचला लैंडिंग स्टैंड) ढलान पर टिकाकर संतुलन साधा. कुछ ही पलों में मरीज को सुरक्षित तरीके से हेलिकॉप्टर में खींच लिया गया और जांबाजों ने सुरक्षित नीचे की ओर उड़ान भर ली.
फायर एंड फ्यूरी कॉर्प्स ने किया सलाम
भारतीय सेना की फायर एंड फ्यूरी कॉर्प्स (Fire and Fury Corps) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस सफल मिशन की जानकारी साझा करते हुए पायलटों के साहस, तकनीकी दक्षता और समर्पण को नमन किया. उन्होंने बताया कि दिन की आखिरी रोशनी में अंजाम दिया गया यह साहसिक मिशन भारतीय सेना के अद्वितीय कौशल, जज्बे और सेवा भाव का जीता-जागता सबूत है.
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