छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में वेदांता पावर प्लांट में हुए धमाके में मरने वालों की संख्या बढ़कर 20 हो गई है. मृतकों में पश्चिम बंगाल के 6 लोग, छत्तीसगढ़ के 5, झारखंड और उत्तर प्रदेश के तीन-तीन, बिहार के 2 और मध्य प्रदेश के एक मजदूर शामिल हैं. अधिकारियों के मुताबिक, मंगलवार दोपहर सिंघीतराई गांव में वेदांता लिमिटेड के विद्युत संयंत्र (Vedanta Power Plant) में एक स्टील ट्यूब में धमाका हुआ, जो बॉयलर से टरबाइन तक तेज दबाव वाली भाप ले जा रही थी. इस भीषण धमाके में कई मजदूर झुलस गए.
मृतकों की संख्या 20 पहुंची
अधिकारियों के मुताबिक, 4 मजदूरों की तभी मौके पर ही मौत हो गई, जबकि अन्य ने बाद में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया. सक्ती के जिलाधिकारी अमृत विकास टोपनो ने बताया कि हादसे में कुल 36 मज़दूर झुलसे थे, जिनमें से अब 20 की मौत हो गई. घायल 16 मज़दूरों में से 5 का इलाज रायपुर के अस्पतालों में चल रहा है, जबकि 11 अन्य का इलाज सक्ती के पड़ोसी जिले रायगढ़ के अस्पतालों में चल रहा है.
किस राज्य से कितने मजदूर की मौत
- बिहार- आकिब खान और रितेश कुमार
- पश्चिम बंगाल- दीपांकर सिंह, सुशांत जाना, शेख सैफुद्दीन, मानस गिरी, कैलाश महतो और शिवनाथ मुर्मू
- झारखंड- तरुण कुमार ओझा, अब्दुल करीम और अशोक परहिया
- उत्तर प्रदेश- राजू राम, पप्पू कुमार और बृजेश कुमार
- मध्य प्रदेश- चितरंजन धुलाई
- छत्तीसगढ़- अमृत लाल पटेल, ठंडा राम लहरे, उधव सिंह यादव, रामेश्वर महिलांगे, और नदीम अंसारी
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मृत मजदूरों के परिवारों को 5 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की है. प्रधानमंत्री मोदी की ओर से मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये देने की घोषणा हुई है. वहीं, वेदांता पावर ने भी हादसे में मरने वाले हर मजदूर के परिवार को 35-35 लाख रुपये का मुआवजा देने के साथ-साथ रोजगार दिलाने में मदद की घोषणा की है. संयंत्र प्रबंधन (Vedanta Power Plant) की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि कंपनी घायल हुए हर व्यक्ति को 15 लाख रुपये भी देगी, ठीक होने तक उन्हें तनख्वाह देती रहेगी और उन्हें ‘काउंसलिंग' में भी मदद देगी.
मुख्यमंत्री ने दिए जांचे के आदेश
इसके अलावा, जिला प्रशासन ने एक अलग ‘मजिस्ट्रीयल' जांच का आदेश दिया है, जबकि कंपनी ने अंदरूनी जांच शुरू कर दी है. मुख्यमंत्री ने बिलासपुर संभाग के आयुक्त को इस घटना की जांच करने का आदेश भी दिया है और भरोसा दिलाया है कि जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. सक्ती के जिलाधिकारी ने ‘मजिस्ट्रीयल' जांच के लिए डभरा के अनुविभागीय दंडाधिकारी (एसडीएम) को नियुक्त किया है तथा उनसे 30 दिनों के भीतर एक रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है. इस रिपोर्ट में दुर्घटना के कारणों, जैसे कि यह तकनीकी गड़बड़ी के कारण हुई या मानवीय भूल के कारण और संयंत्र में की गई सुरक्षा जांचों के विवरण जैसे अहम पहलुओं को शामिल किया जाएगा.
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