विज्ञापन

भारत-अमेरिका ट्रेड वार्ता टली, US सुप्रीम कोर्ट के "रेसिप्रोकल टैरिफ" को अमान्य घोषित करने के फैसले का असर!

वाणिज्य मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक कि दोनों देशों ने तय किया है कि भारत के मुख्य वार्ताकार और उनकी टीम की प्रस्तावित अमेरिका यात्रा को हाल के ताज़ा घटनाक्रम और उसके असर के मूल्यांकन के बाद निर्धारित किया जायेगा.

भारत-अमेरिका ट्रेड वार्ता टली, US सुप्रीम कोर्ट के "रेसिप्रोकल टैरिफ" को अमान्य घोषित करने के फैसले का असर!
भारत अमेरिका के बीच ट्रेड डील को लेकर होनी है बातचीत
NDTV
नई दिल्ली:

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा लगाए गए "रेसिप्रोकल टैरिफ" को रद्द करने के अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले से अंतराष्ट्रीय व्यापार में हलचल तेज़ हो गयी है. इसको लेकर अंतर्राष्ट्रीय ट्रेड जगत में बढ़ती अनिश्चितता के बीच भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर भारत के मुख्य वार्ताकार दर्पण जैन का अमेरिका दौरा टल गया है.दर्पण जैन सोमवार को भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर कानूनी समझौते को अंतिम रूप देने के लिए अमेरिकी वार्ताकारों के साथ निर्णायक दौर की बातचीत के लिए वाशिंगटन पहुँचने वाले थे.

वाणिज्य मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक कि दोनों देशों ने तय किया है कि भारत के मुख्य वार्ताकार और उनकी टीम की प्रस्तावित अमेरिका यात्रा को हाल के ताज़ा घटनाक्रम और उसके असर के मूल्यांकन के बाद निर्धारित किया जायेगा. बैठक पारस्परिक रूप से सुविधाजनक तिथि पर पुनर्निर्धारित की जाएगी. भारतीय वार्ताकारों का अमेरिका दौरा ऐसे समय पर टला है जब अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के "रेसिप्रोकाल टैरिफ" को अमान्य घोषित करने के बाद अंतराष्ट्रीय व्यापार जगत में इसके संभावित असर की समीक्षा चल रही है.

शनिवार को केंद्र सरकार ने अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर अपनी पहली प्रतिक्रिया में कहा था कि शुक्रवार को आये टैरिफ पर अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले को भारत ने नोट किया है. वाणिज्य मंत्रालय ने एक बयान जारी कर कहा था कि इस संबंध में राष्ट्रपति ट्रंप ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को भी संबोधित किया है. अमेरिकी प्रशासन की ओर से कुछ कदमों की घोषणा की गई है. हम इन सभी घटनाक्रमों के असर का अध्ययन कर रहे हैं.

इससे पहले सोमवार को वाणिज्य सचिव ने कहा था कि हमारा प्रयास मार्च, 2026 में भारत-अमेरिका ट्रेड डील को अंतिम रूप देना है. यह एक प्रयास है, लेकिन मैं इसके लिए कोई समयसीमा नहीं रखूंगा. मुख्य वार्ताकार दर्पण जैन अगले सप्ताह अमेरिका की यात्रा करेंगे। वह अमेरिका में कानूनी समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में काम करेंगे.

उधर, अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर राजनीति भी फिर तेज़ हो रही है. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म X पर शनिवार को एक बयान जारी कर कहा कि अनजान विदेश नीति या एकतरफा समर्पण? मोदी सरकार ने ट्रैप डील में फंसने से पहले टैरिफ पर अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार क्यों नहीं किया, जिसने भारत से भारी रियायतें लीं? संयुक्त वक्तव्य में भारत को होने वाले कई अमेरिकी निर्यातों पर शून्य टैरिफ, वस्तुतः भारतीय कृषि को अमेरिकी वस्तुओं के लिए खोलने, 500 अरब अमेरिकी डॉलर मूल्य के अमेरिकी सामान आयात करने की योजना, हमारी ऊर्जा सुरक्षा को नुकसान पहुंचाने वाले रूसी तेल की खरीद पर रोक लगाने की प्रतिबद्धता और डिजिटल मोर्चे पर कई कर रियायतों की बात की गई. पीएम मोदी को भारतीयों के सामने खड़ा होना चाहिए और सच बताना चाहिए.

यह भी पढ़ें: भारत के रक्षा बजट से 3 गुना ज्यादा तो अमेरिका ने टैरिफ लगाकर कमा लिया; फिर भी वो नहीं हुआ जो ट्रंप चाहते थे

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com