- भारत ने अमेरिका द्वारा प्रतिबंधित तीन ईरानी तेल जहाजों को अपने समुद्री क्षेत्र में जब्त किया है- रिपोर्ट
- भारत ने अपने समुद्री जल में जहाज से जहाज तेल ट्रांसफर की निगरानी बढ़ाई है, अवैध व्यापार को रोक रहा- रिपोर्ट
- अमेरिका-भारत संबंधों में सुधार के बीच यह कार्रवाई हुई है और दोनों देशों के बीच नया व्यापार समझौता भी हुआ है
भारत ने फरवरी के महीने में ईरान से जुड़े और अमेरिका द्वारा प्रतिबंधित तीन तेल टैंकर जहाजों को जब्त यानी सीज कर लिया है. साथ ही उसने प्रतिबंधित तेल के अवैध व्यापार पर रोक लगाने के लिए अपने समुद्री क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी है. न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने इस मामले की सीधी जानकारी रखने वाले एक सूत्र के हवाले से यह रिपोर्ट छापी है. रिपोर्ट के अनुसार सूत्र ने बताया कि भारत का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि उसके समुद्री जल का इस्तेमाल ऐसे जहाज से जहाज (शिप-टू-शिप) ट्रांसफर करने के लिए न हो, जिससे तेल कार्गो के स्रोत को छिपाया जा सके.
रिपोर्ट के अनुसार भारत की ओर से इन तीन जहाजों को उस समय सीज किया गया है और निगरानी कड़ी की गई है जब अमेरिका-भारत संबंधों में सुधार आया है. बता दें कि इस महीने की शुरुआत में भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते पर मुहर लगी है. अब अमेरिका में भारतीय सामानों पर टैरिफ कुल 50% से घटाकर 18% हो जाएगा. अमेरिका का कहना है कि भारत ने रूसी तेल आयात बंद करने पर सहमति जताई है.
रिपोर्ट में क्या दावा किया गया है?
रिपोर्ट के अनुसार भारतीय अधिकारियों ने 6 फरवरी को X पर एक पोस्ट में कहा था कि उन्होंने भारत के विशिष्ट आर्थिक क्षेत्र में एक टैंकर से जुड़ी संदिग्ध गतिविधि का पता चलने के बाद मुंबई से लगभग 100 समुद्री मील पश्चिम में तीन जहाजों को रोका. कथित तौर पर बाद में यह पोस्ट हटा दी गई. लेकिन रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार सूत्र ने पुष्टि की कि आगे की जांच के लिए तीनों जहाजों को मुंबई लाया गया था.
सूत्र के अनुसार, इसके बाद भारतीय तटरक्षक बल ने अपने समुद्री क्षेत्रों में चौबीसों घंटे निगरानी के लिए लगभग 55 जहाज और 10–12 विमान तैनात किए हैं.
क्या तीनों जहाज ईरान के हैं?
रिपोर्ट के अनुसार पिछले साल यूएस ऑफिस ऑफ फॉरेन एसेट्स कंट्रोल ने ग्लोबल पीस, चिल 1 और ग्लोरी स्टार 1 नाम के तीन जहाजों पर प्रतिबंध लगाया था. इन तीनों जहाज के IMO नंबर भारत द्वारा पकड़े गए जहाजों के समान थे. LSEG के आंकड़ों के मुताबिक, तीन में से दो टैंकर ईरान से जुड़े हैं. अल जाफ़ज़िया ने 2025 में ईरान से जिबूती तक फ्यूल ऑयल ढोया था, जबकि स्टेलर रूबी ईरान के झंडे के तहत रजिस्टर्ड था.
आंकड़ों के अनुसार, एस्फाल्ट स्टार ज़्यादातर चीन के आसपास के समुद्री मार्गों पर संचालित होता रहा. बता दें कि जोखिमों के कारण प्रतिबंधित तेल और फ्यूल अक्सर भारी छूट पर बेचे जाते हैं.
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