1993 के मुंबई बम धमाकों का मुख्य दोषी और आजीवन कारावास की सजा काट रहा अंडरवर्ल्ड डॉन अबू सलेम जेल से बाहर आना चाहता है. सुरक्षा कारणों से हाल ही में नवी मुंबई की तलोजा जेल से नासिक सेंट्रल जेल में शिफ्ट किए गए सलेम ने दावा किया है कि उसकी सजा की अवधि पूरी हो चुकी है.
इस बात की जानकारी महाराष्ट्र राज्य अल्पसंख्यांक आयोग अध्यक्ष प्यारे खान ने दी जिन्होंने नाशिक जेल जाकर अबू सलेम से मुलाकात की है. प्यारे खान ने मीडिया को बताया कि मुलाकात के दौरान सलेम ने उनके सामने अपनी रिहाई की गुहार लगाते हुए कहा, "मेरी सजा पूरी हो गई है, अब मेरी रिहाई कराएं."
प्यारे खान के जरिए सलेम ने रखी बात
सलेम ने प्यारे खान के जरिए अपनी यह बात और रिहाई की मांग मीडिया और प्रशासन तक पहुंचाने की कोशिश की है. अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष प्यारे खान ने दोपहर में नासिक सेंट्रल जेल का दौरा किया.
मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए अबू सलेम के साथ हुई चर्चा की जानकारी दी. नासिक सेंट्रल जेल का दौरा करने के बाद अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष प्यारे खान ने अबू सलेम के साथ हुई अपनी बातचीत की जानकारी दी. खान ने बताया कि इस बातचीत के दौरान सलेम ने पिछले 25 सालों से जेल में बंद होने को लेकर सवाल उठाया. प्यारे खान के मुताबिक, अबू सलेम ने पूछा, "मैं पिछले 25 सालों से यहां हूं. मेरा गुनाह क्या है? मेरा अपराध क्या है?"
कौन है अबू सलेम?
अबू सलेम उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ का रहने वाला एक कुख्यात भारतीय अंडरवर्ल्ड गैंगस्टर और सजायाफ्ता आतंकवादी है. वह लंबे समय तक अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के आपराधिक संगठन 'डी-कंपनी' का मुख्य सदस्य रहा.
मुख्य रूप से 1993 के मुंबई सिलसिलेवार बम धमाकों में हथियारों की सप्लाई करने, जबरन वसूली और हत्याओं की साजिश रचने का दोषी है.
मुंबई धमाकों के बाद वह भारत से फरार हो गया था. इसे साल 2002 में पुर्तगाल से गिरफ्तार किया गया और नवंबर 2005 में भारत प्रत्यर्पित किया गया. वर्तमान में वह नासिक सेंट्रल जेल में बंद है. अबू सलेम को 4 जुलाई 2024 को नवी मुंबई की तलोजा जेल से नासिक सेंट्रल जेल में स्थानांतरित किया गया था.
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