महाराष्ट्र के ठाणे में आयोजित 'संस्कृति युवा प्रतिष्ठान' के दही हांडी उत्सव के मंच पर हुई एक घटना अब महाराष्ट्र की राजनीति और सोशल मीडिया में बड़ा विवाद बन गई है. बॉलीवुड अभिनेता संजय दत्त के मराठी बोलने को लेकर छिड़ी इस बहस पर अब महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री और एकनाथ शिंदे गुट की शिवसेना के नेता प्रताप सरनाईक का बयान सामने आया है.
मंत्री प्रताप सरनाईक ने एनडीटीवी से बातचीत करते हुए साफ किया कि अभिनेता का वीडियो काटकर अधूरा और गलत संदर्भ में पेश किया गया है.
मंच पर हुआ क्या था?
शनिवार को थाणे में आयोजित दही हांडी कार्यक्रम के दौरान मंत्री प्रताप सरनाईक मंच से संजय दत्त को मराठी में भाषण देने के लिए प्रेरित कर रहे थे.
उन्होंने कहा कि संजय दत्त आमतौर पर हिंदी में बात करते हैं, लेकिन यहां मौजूद जनता मराठी समझती है, इसलिए उन्हें राज्य की आधिकारिक भाषा में बोलना चाहिए. इस पर अभिनेता संजय दत्त ने अपने चिरपरिचित अंदाज और हाजिरजवाबी से जवाब दिया.
सरनाईक का दावा- संजय दत्त ने बाद में बोली मराठी
मामले के तूल पकड़ने पर मंत्री प्रताप सरनाईक ने सफाई देते हुए कहा कि जो वीडियो वायरल हो रहा है, वह अधूरा है.
उन्होंने बताया, "उस बातचीत के ठीक बाद संजय दत्त ने माइक संभाला और जनता से मराठी में कहा- 'नमस्कार मंडली, माझा सर्वांना नमस्कार'. लेकिन इंटरनेट पर वीडियो को आगे से काट दिया गया और गलत तरीके से पेश किया गया."
सरनाईक ने जोर देकर कहा, "मेरे दही हांडी कार्यक्रम में सुनील शेट्टी, सूर्यकुमार यादव और संजय दत्त जैसी कई प्रमुख हस्तियां शामिल हुई थीं. यह सही है कि किसी को अपनी पसंद की भाषा चुनने का अधिकार है, लेकिन अगर आप महाराष्ट्र में हैं तो आपको मराठी बोलनी चाहिए. सुनील शेट्टी और सूर्यकुमार यादव दोनों ने मराठी में बात की. मैंने संजय दत्त से भी यही कहा था."
विपक्ष ने घेरा
इस घटना के सामने आने के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है. शिवसेना (यूबीटी) के वरिष्ठ नेता संजय राउत ने सोमवार को मंत्री सरनाईक पर कड़ा हमला बोला.
राउत ने कहा कि मंत्री को संजय दत्त को स्पष्ट रूप से कहना चाहिए था कि वह महाराष्ट्र में हैं, इसलिए उन्हें मराठी में ही बोलना पड़ेगा.
दूसरी तरफ, सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को लेकर एक नई बहस छिड़ गई है. जानकारों और आम लोगों का ध्यान इस बात पर गया कि परिवहन विभाग के नियमों के तहत मुंबई में ऑटो-टैक्सी ड्राइवरों के लिए परमिट पाने के लिए मराठी भाषा का ज्ञान होना अनिवार्य है.
बता दें कि संजय दत्त को 1993 के मुंबई बम धमाकों के मामले में पांच साल की सजा सुनाई गई थी, जिसके तहत वे पुणे की येरवडा जेल में 42 महीने काट चुके हैं. वे 25 फरवरी 2016 को जेल से रिहा हुए थे.
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