- होर्मुज स्ट्रेट से दो तेल से लदे भारतीय जहाज सुरक्षित रूप से गुजर चुके हैं और नौसेना उनकी निगरानी कर रही है
- भारतीय नौसेना के जंगी जहाज इन तेल भरे जहाजों की सुरक्षा के लिए अलर्ट मोड पर तैनात हैं
- मिडिल ईस्ट टेंशन के बीच ईरान ने भारतीय जहाजों को होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की अनुमति दी है.
मिडिल ईस्ट टेंशन के बीच भारत के लिए अच्छी खबर सामने आई है. तेल से भरे 2 जहाजों ने होर्मुज का रास्ता क्रॉस कर लिया है. सूत्रों के मुताबिक, भारतीय नौसेना इन जहाजों की निगरानी कर रही है. सूत्रों के मुताबिक, ये दोनों जहाज भारत के लिए पेट्रोलियम प्रोडक्ट लेकर आ रहे हैं. दोनों मर्चेंट जहाज़ होर्मुज स्ट्रेट पार कर चुके हैं. इंडियन नेवी के जंगी जहाज़ उन्हें मदद देने के लिए तैयार हैं. जल्द ही और जहाज़ों के आने की उम्मीद है.
भारत के लिए पेट्रोलियम प्रोडक्ट ले जा रहे दो और मर्चेंट जहाज़ होर्मुज स्ट्रेट पार कर रहे हैं। इंडियन नेवी के जंगी जहाज़ उन्हें मदद देने के लिए तैयार हैं। जल्द ही और जहाज़ों के आने की उम्मीद है: सोर्स pic.twitter.com/cCtcO01PJT
— ANI_HindiNews (@AHindinews) March 28, 2026
बता दें कि LPG गैस वाले कई जहाज हाल ही में सुरक्षित रूप से होर्मुज पार कर भारत पहुंच चुके हैं.बता दें कि एमटी जग वसंत 47,000 मीट्रिक टन एलपीजी लेकर डीपीए कांडला के वडीनार टर्मिनल पहुंच गया है. पोर्ट पर जहाज से एलपीजी उतारी जा रही है.
#WATCH | MT Jag Vasant arrives at DPA Kandla's Vadinar Terminal (Jamnagar, Gujarat) with 47,000 MT of LPG, set for Ship-to-Ship (STS) transfer at anchorage. Maintaining resilience & reliability for un-interrupted energy supply chain.
— ANI (@ANI) March 28, 2026
(Source: Deendayal Port Authority Kandla) pic.twitter.com/aelhMDbxyp
अब तेल से लदे जहाज भी भारत आने को तैयार हैं. इसके लिए भारत ईरान को कोई टैक्स नहीं दे रहा है. ईरान के भारतीय जहाजों को होर्मुज से सुरक्षित गुजरने की अनुमति दी है. भारतीय ध्वज वाले इन जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भारतीय नेवी के जंगी जहाज अलर्ट मोड पर हैं.
ईरान ने भारतीय जहाजों को दी होर्मुज से गुजरने की अनुमति
बता दें कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज एक अहम समुद्री मार्ग है, जो वैश्विक तेल आपूर्ति का अहम मार्ग है. ईरान-इजरायल युद्ध की वजह से इस रास्ते को ईरान ने ब्लॉक कर दिया है. लेकिन भारतीय जहाजों को उसने गुजरने की अनुमति दी है. पहले गैस से लगे जहाज भारत आए थे. अब तेल से लदे जहाज भारत आने के लिए तैयार हैं.
देश में पेट्रोलियम और एलपीजी की कमी नहीं
सरकार के अनुसार, पेट्रोलियम और एलपीजी की आपूर्ति की स्थिति नियंत्रण में है और देश में कहीं भी पेट्रोल, डीजल या एलपीजी की कमी नहीं है, जबकि रिटेल आउटलेट्स के पास पर्याप्त स्टॉक है और वे ईंधन निरंतर उपलब्ध करा रहे हैं.स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज की स्थिति के बावजूद, भारत अपने 41 से अधिक वैश्विक आपूर्तिकर्ताओं से पहले से अधिक कच्चा तेल प्राप्त कर रहा है.
भारत के पास 74 दिनों की रिजर्व क्षमता
पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, भारत के पास कुल 74 दिनों की रिजर्व क्षमता है, और वर्तमान में वास्तविक स्टॉक कवर लगभग 60 दिन का है. इसमें कच्चे तेल का स्टॉक, उत्पाद स्टॉक और रणनीतिक भंडारण की सुविधाएं शामिल हैं. अगले 60 दिनों के लिए कच्चे तेल की खरीद पहले ही सुनिश्चित की जा चुकी है.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं