ओडिशा में फैलिन और हुदहुद की याद और नए तूफान का डर

ओडिशा में फैलिन और हुदहुद की याद और नए तूफान का डर

भुवनेश्वर:

लगातार पिछले दो वर्ष चक्रवाती तूफानों की मार झेल चुके ओडिशा के तटवर्ती इलाके के लोग इस साल कोई जोखिम नहीं उठाना चाहते और समुद्र देवता से प्रार्थना कर रहे हैं कि इस बार एक और विनाशकारी तूफान तबाही न मचाए। अधिकारियों ने चक्रवात आने की आशंका से इनकार किया है।

दो दिनों तक भारी बारिश की संभावना
हालांकि बंगाल की खाड़ी के उत्तरी हिस्से और इससे लगे इलाके के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र बनने के कारण अगले दो दिनों के दौरान ओडिशा में बारिश होने और आंधियां चलने की संभावना है। पिछले लगातार दो वर्षों से इसी समय इलाके में क्रमश: फैलिन और हुदहुद चक्रवातों ने तबाही मचाई थी।

न्यू बोक्सीपल्ली के एक मछुआरे पीकृष्णन ने कहा, फैलिन के कारण हुई तबाही अब भी हमें डराती है। पोडमपेटा निवासी एस मोहन ने कहा, हम चक्रवात और सुनामी के डर से नौकाएं और मछली पकड़ने के जाल समुद्र तट से अपने घर ले जाए हैं। पोडमपेटा और न्यू पोडमपेटा के लोगों ने चक्रवातों को दूर रखने के लिए समुद्र देवता की प्रार्थना की।

लोगों ने की प्रार्थना
मरकांडी, कीर्तिपुर, न्यू बॉक्सीपल्ली, बॉक्सीपल्ली, लौदीगांव, हातीपाडु और अन्य कई गांवों में भी गत सोमवार को लोगों ने प्रार्थना की। कीर्तिपुर निवासी एस अप्पा राव ने कहा, यदि समुद्र देवता हमसे प्रसन्न होंगे, तो कोई चक्रवात या सुनामी नहीं आएगी। हालांकि जिला प्रशासन ने चक्रवात की किसी भी आशंका से इनकार किया है।

गंजाम के कलेक्टर पीसी चौधरी ने कहा, चक्रवात के संबंध में अभी तक कोई चेतावनी नहीं मिली है। लोगों को घबराने की आवश्यकता नहीं है। अर्जीपल्ली में मरीन पुलिस थाने के प्रभारी निरीक्षक रवींद्र पात्रा ने कहा, हमें चक्रवात या सुनामी की आशंका के संबंध में सरकार से कोई निर्देश नहीं मिला है, हालांकि उन्होंने कहा कि समुद्र इस समय अशांत है।

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17 लोगों की जान लेने वाला फैलिन 13 अक्तूबर, 2013 को गोपालपुर के निकट आया था। इसके बाद पिछले साल 12 अक्तूबर को आंध्र प्रदेश में विशाखापत्तनम के निकट आए हुदहुद ने गजपति जिले में नुकसान पहुंचाया था।