दिल्ली में यमुना नदी का जलस्तर तीन दिन पहले 45 साल का रिकॉर्ड तोड़ने के बाद शुक्रवार रात दस बजे घटकर 208.02 मीटर के स्तर पर आ गया. हालांकि, शहर के कई प्रमुख इलाके अब भी जलमग्न हैं. उधर, शुक्रवार देर रात दिल्ली के उपराज्यपाल वी के सक्सेना ने कहा कि सेना ने यमुना नदी के तेज बहाव के कारण इंद्रप्रस्थ के निकट क्षतिग्रस्त हुए ड्रेनेज रेगुलेटर (गति व्यवस्थापक) की मरम्मत का काम पूरा कर लिया है. उपराज्यपाल ने ट्वीट किया, ‘‘मजदूर कर्मियों, भारतीय सेना के जवानों और अधिकारियों को नमन. उनके अथक प्रयास और परिश्रम से ही विश्व स्वास्थ्य संगठन की इमारत के सामने यमुना का तटबंध किया जा सका और आईटीओ बैराज पर गाद से जाम द्वार को खोला जा सका.''
काम होने का भरोसा था
उपराज्यपाल कार्यालय के एक बयान में कहा था कि सेना ने आईटीओ बैराज के पांच गेटों को जाम करने वाली गाद और कीचड़ को साफ करने का काम भी पूरा कर लिया है. इस संबंध में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी ट्वीट कर रात में काम पूरा होने का भरोसा जताया था. 13 जुलाई 23 की रात को जब यमुना नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही थी और निचले इलाके जलमग्न हो रहे थे, तब दिल्ली प्रशासन ने भारतीय सेना की सहायता की मांग की थी.
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प्वाइंट्स में समझें कब क्या हुआ?
- आईटीओ पुल बैराज पर जाम स्लुइस गेट खोलने के लिए इंजीनियरिंग प्रयास. इंजीनियरों की एक टीम को स्लुइस गेट के ऊपर के ओवरहैंग को काटने के लिए नियुक्त किया गया था. टीम ने रात भर काम किया और सुबह तक एक गेट पर काम पूरा कर लिया.
- 14 जुलाई के शुरुआती घंटों के दौरान, WHO बिल्डिंग के पास एक अतिरिक्त टीम की आवश्यकता महसूस की गई. इस स्थान पर, यमुना नदी से पानी का प्रवाह वापस आने से शहर में बाढ़ आने लगी क्योंकि यमुना नदी के पानी के उछाल के कारण नियामक दरवाजा क्षतिग्रस्त हो गया था. इंजीनियरों की टीम ने स्थिति का आकलन करते हुए पानी को वापस यमुना नदी की ओर मोड़ने के लिए एक अस्थायी बांध का निर्माण किया. शहर में पानी के बैकफ़्लो को नियंत्रित कर लिया गया है. सेना की इंजीनियर टीम स्थान पर तैनात है और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार है.
- वजीराबाद जल उपचार संयंत्र से जल आपूर्ति बहाल करने के लिए आईए के रोजगार की आवश्यकता भी महसूस की गई. शहर में पानी की आपूर्ति के लिए पंप पानी में डूब गए हैं और निस्पंदन संयंत्र निष्क्रिय हो गया है. दिल्ली क्षेत्र के मुख्य कार्य अभियंता यूटिलिटी ने टोह लेने का काम पूरा किया और निस्पंदन संयंत्र को कार्यात्मक बनाने की आवश्यकता का आकलन किया. दिल्ली जल बोर्ड के साथ करीबी समन्वय में सेना की इंजीनियर टीम दिल्ली में पानी की आपूर्ति बहाल करने के लिए पूरी तरह तैयार है. जलस्तर कम होते ही काम शुरू हो जाएगा.
- मुख्यालय दिल्ली क्षेत्र द्वारा स्थिति पर बारीकी से नजर रखी जा रही है. इंजीनियरों की टीमों को स्टैंडबाय पर रखा गया है. उपलब्ध संसाधनों को बढ़ाने के लिए मेरठ से दो अतिरिक्त टीमें भेजी गईं हैं.
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