- तेलंगाना के मंत्रियों ने नलगोंडा के दौरे के लिए सिर्फ दो घंटे की दूरी हेलीकॉप्टर से तय की, जो विवादित रहा
- मंत्रियों का कारों का काफिला लगभग साठ वाहनों का था, जिसमें लग्जरी एसयूवी और प्रशासनिक वाहन शामिल थे
- किसानों और स्थानीय लोगों ने मंत्रियों के भारी काफिले और हेलीकॉप्टर के उपयोग पर सवाल उठाए और आलोचना की
Telangana ministers helicopter ride: एक तरफ जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देशवासियों से ईंधन बचाने और फिजूलखर्ची रोकने की अपील कर रहे हैं, वहीं तेलंगाना में सरकार के मंत्रियों का एक दौरा चर्चा और विवाद का विषय बन गया है. तेलंगाना के मंत्रियों द्वारा धान खरीद केंद्रों के निरीक्षण के दौरान इस्तेमाल किए गए हेलीकॉप्टर और विशाल काफिले को लेकर अब सवाल उठने लगे हैं. स्थानीय लोगों और विपक्षी दलों ने इस 'शाही' दौरे की तीखी आलोचना की है.

Telangana ministers helicopter ride: मात्र दो घंटे की दूरी तय करने के लिए तेलंगाना के मंत्रियों ने पहले हेलीकॉप्टर का सहारा लिया फिर कारों के काफिले के साथ पहुंचे
कैसा था मंत्रियों का 'शाही' सफर?
शुक्रवार को राज्य के कैबिनेट मंत्री कोमाटिरेड्डी वेंकट रेड्डी, उत्तम कुमार रेड्डी और जिला प्रभारी मंत्री अदलूरी लक्ष्मण ने नलगोंडा निर्वाचन क्षेत्र का दौरा किया. मंत्रियों ने अपने सफर की शुरुआत हैदराबाद से की, जहां से वे सड़क मार्ग के बजाय हेलीकॉप्टर के जरिए नलगोंडा के एसजी कॉलेज मैदान पहुंचे. दिलचस्प बात यह है कि हैदराबाद से नलगोंडा की दूरी सड़क मार्ग से महज दो घंटे की है.मैदान पर उतरने के बाद असली तामझाम शुरू हुआ. केंद्रों तक पहुंचने के लिए मंत्रियों का करीब 60 गाड़ियों का विशाल काफिला सड़क पर उतरा. इसमें लग्जरी एसयूवी, पार्टी कार्यकर्ताओं की गाड़ियां और प्रशासनिक अधिकारियों का पूरा अमला शामिल था. चेतला चेन्नाराम और कोठापल्ली गांवों के रास्तों पर गाड़ियों की यह लंबी कतार आकर्षण के साथ-साथ आलोचना का केंद्र भी बनी रही.
ये भी पढ़ें: बिहार की जेल में बनाया चोरी का प्लान, तेलंगाना में ज्वेलरी शॉप से लूट लिए लाखों के गहने, पुलिस ने सुलझाया केस

Telangana ministers helicopter ride: हेलीकॉप्टर की सवारी के बाद जब मंत्री उतरे तो फिर 60 कारों के काफिले के साथ धान खरीदी निरीक्षण करने पहुंचे.
Photo Credit: आशीष पांडे
निरीक्षण के नाम पर शक्ति प्रदर्शन?
खरीद केंद्रों पर पहुंचकर मंत्रियों ने धान की आवक और खरीद की व्यवस्था का जायजा तो लिया, लेकिन वहां मौजूद किसान मंत्रियों के काम से ज्यादा उनके काफिले की चर्चा करते नजर आए. किसानों और स्थानीय लोगों के बीच यह सवाल तैरता रहा कि क्या महज दो धान केंद्रों के निरीक्षण के लिए इतने भारी-भरकम लाव-लश्कर और हेलीकॉप्टर की आवश्यकता थी? मंत्रियों ने वहां अधिकारियों को निर्देश दिए और किसानों से बातचीत की, लेकिन पूरी यात्रा में ईंधन की बचत और सादगी का कहीं नामोनिशान नहीं दिखा.
पीएम मोदी की अपील को लगा पलीता
मंत्रियों का यह व्यवहार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस अपील के बिल्कुल विपरीत दिखा, जो उन्होंने 10 मई को हैदराबाद की ही रैली में की थी. पीएम ने वैश्विक तेल संकट का हवाला देते हुए देशवासियों से ईंधन बचाने, कारपूलिंग करने और सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने को कहा था. जहां केंद्र और पड़ोसी राज्य आंध्र प्रदेश के मंत्रियों ने अपने काफिले छोटे किए हैं, वहीं तेलंगाना के इन मंत्रियों का 'लश्कर' सरकार की गंभीरता पर सवालिया निशान लगा रहा है.
किसानों और स्थानीय लोगों में आक्रोश
धान खरीद केंद्रों पर मौजूद किसानों ने मंत्रियों की इस 'वीआईपी संस्कृति' पर हैरानी जताई. स्थानीय निवासियों का कहना था कि सरकारी काम और निरीक्षण के लिए इतनी बड़ी संख्या में वाहनों और हेलीकॉप्टर के उपयोग की क्या जरूरत थी. किसानों के बीच इस बात की चर्चा रही कि एक ओर सरकार बचत की बात करती है, वहीं दूसरी ओर जनता के पैसे का इस तरह प्रदर्शन किया जा रहा है. विपक्ष ने इसे पीएम की अपील का अपमान और जनता के संसाधनों की बर्बादी करार दिया है.
ये भी पढ़ें: तेलंगाना: रेसिंग का शौक बना जानलेवा, 140KMPH की रफ्तार से दौड़ रही हायाबूसा ने कार को मारी टक्कर, 5 की मौत
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं