- तेलंगाना CM रेवंत रेड्डी ने स्काईरूट एयरोस्पेस के विक्रम-1 रॉकेट को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया
- विक्रम-1 भारत का पहला निजी तौर पर विकसित ऑर्बिट रॉकेट है जो अंतरिक्ष क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगा
- रॉकेट का प्रक्षेपण सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से किया जाएगा और यह फर्स्ट प्राइवेट ऑर्बिटल लॉन्च है
तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने उद्योग मंत्री डी. श्रीधर बाबू के साथ मिलकर स्काईरूट एयरोस्पेस के विक्रम-1 रॉकेट को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. यह भारत का पहला निजी तौर पर विकसित ऑर्बिट रॉकेट है. इस दौरान सीएम रेड्डी ने कहा कि यह अवसर अंतरिक्ष क्षेत्र में वैश्विक अग्रणी बनने की दिशा में तेलंगाना के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है.
हरी झंडी दिखाए जाने के बाद रॉकेट औपचारिक तौर पर श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र के प्रक्षेपण स्थल पहुंचा. बता दें कि स्काईरूट आने वाले महीनों में भारत का फर्स्ट प्राइवेटली ऑर्बिटल लॉन्च करने जा रहा है.
Telangana CM Revanth Reddy, along with Industries Minister D. Sridhar Babu, flagged off the flight hardware of Skyroot Aerospace's Vikram-1 — India's first privately developed orbital rocket. The Chief Minister said the occasion marks a key milestone in Telangana's pursuit of… pic.twitter.com/XadvfFFmfO
— ANI (@ANI) April 25, 2026
क्या है विक्रम-I?
विक्रम-I भारत का प्राइवेट ऑर्बिटल-क्लास लॉन्च व्हीकल है, जिसका नाम महान वैज्ञानिक विक्रम साराभाई के नाम पर रखा गया है. ये एक फोर स्टेज रॉकेट है, जो काफी तेज और सैटेलाइट मार्केट के लिए काफी आकर्षक है. इसकी खासियत कुछ ऐसी हैं.
- विक्रम-I कुल 20 मीटर लंबा और 1.7 मीटर चौड़ा है.
- कम वजन के साथ पूरी तरह से कार्बन कंपोजिट संरचना का इस्तेमाल करते हुए ये रॉकेट 1,200 kN का थ्रस्ट पैदा करता है.
- रॉकेट काफी सरल और भरोसेमंद है, यही वजह है कि किसी भी साइट से 24 घंटे के भीतर इसे असेंबल और लॉन्च किया जा सकता है.
- विक्रम-I रॉकेट 350 किलोग्राम तक के पेलोड को लो अर्थ ऑर्बिट (LEO) में या 260 किलोग्राम को सन-सिंक्रोनस ऑर्बिट (SSO) में ले जा सकता है.
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