- पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले के तारापीठ में स्थित होटल में सोमवार तड़के लगी आग में आठ लोगों की मौत
- आग लगने के कारण प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट को माना जा रहा है, जबकि सुरक्षा नियमों की भी जांच जारी है
- आग लगने के समय होटल का एक इमरजेंसी निकास और छत पर सीढ़ियां बंद होने से बचाव कार्य प्रभावित हुआ
पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले स्थित प्रसिद्ध तीर्थस्थल तारापीठ में सोमवार तड़के हुए भीषण होटल अग्निकांड में 8 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए. हादसे के बाद पुलिस ने होटल मालिक को हिरासत में ले लिया है और आग से सुरक्षा संबंधी इंतजामों की जांच शुरू कर दी है. यह होटल बंगाल की सबसे प्रसिद्ध तीर्थ स्थलों में से एक, तारापीठ में एक प्रमुख जगह पर स्थित है.
मंदिर के पास स्थित था होटल
सोमवार तड़के होटल के ग्राउंड फ्लोर पर अचानक आग लग गई. कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए. उन्हें बचाकर रामपुरहाट मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया. 'बिदेशिनी' होटल मंदिर से सटे पवित्र तालाब के पास और तारापीठ पुलिस स्टेशन से बहुत करीब स्थित है.
सो रहे थे श्रद्धालु, धुएं से मचा हड़कंप
शायद यही एक कारण था कि पर्यटक ठहरने के लिए 'बिदेशिनी' को पसंद करते थे. सोमवार तड़के पांच मंजिला इमारत के ग्राउंड फ्लोर पर आग लग गई. शुरुआती तौर पर आशंका है कि आग शॉर्ट सर्किट के कारण लगी. यह तेजी से अलग-अलग कमरों में फैल गई. उस समय होटल में ठहरे गेस्ट, जिनमें बच्चे भी शामिल थे, सो रहे थे. जल्द ही पूरा इलाका धुएं से भर गया. इससे पहले कि कोई स्थिति को पूरी तरह समझ पाता, आग काफी फैल चुकी थी, जिससे कई लोग अपने कमरों में फंस गए और अफरातफरी मच गई.
चूंकि होटल पुलिस स्टेशन के पास स्थित था, इसलिए पुलिस जल्दी पहुंच गई. तारापीठ पुलिस के साथ-साथ रामपुरहाट पुलिस स्टेशन के जवान भी मौके पर पहुंच गए. खबर मिलते ही दमकलकर्मी भी मौके पर पहुंचे. आग पर जल्द ही काबू पा लिया गया, लेकिन होटल के ग्राउंड फ्लोर का एक बड़ा हिस्सा जलकर खाक हो चुका था. कुछ लोग झुलस गए, जबकि अन्य धुएं के कारण बीमार पड़ गए.
43 लोगों को निकाला गया, 8 की मौत
बीरभूम जिले के पुलिस अधीक्षक विदित राज भुंडेश ने कहा, 'सुबह करीब 5 बजे तारापीठ पुलिस स्टेशन को पुलिस स्टेशन के पास स्थित एक होटल में आग लगने की सूचना मिली. होटल से कुल 43 लोगों को बचाया गया. उनमें से 9 लोगों को अस्पताल ले जाया गया, जिनमें से 8 को मृत घोषित कर दिया गया. एक का इलाज चल रहा है.'
बंद मिला इमरजेंसी एग्जिट
उन्होंने कहा, 'FASL टीम और हमारे फायर डिपार्टमेंट के अधिकारी फिलहाल आग लगने के कारणों का पता लगाने के लिए काम कर रहे हैं. होटल के पिछले हिस्से में एक दरवाजा था जिसका इस्तेमाल आग लगने की स्थिति में बाहर निकलने के लिए किया जा सकता था, लेकिन वह बंद था. छत पर जाने वाली सीढ़ियां भी बंद थीं. फायर डिपार्टमेंट इस बात की भी जांच कर रहा है कि क्या आग से बचाव के नियमों का ठीक से पालन किया गया था.'
फायर डिपार्टमेंट के अधिकारियों को शुरुआती तौर पर शक है कि आग शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी. धुआं पांचवीं मंजिल तक पहुंच गया, जबकि आग ग्राउंड और पहली मंजिल पर फैल गई. आग लगने की घटना के बाद पुलिस ने होटल के मालिक को हिरासत में ले लिया है. अधिकारी इस बात की जांच कर रहे हैं कि क्या होटल में आग से बचाव के उपाय पर्याप्त थे और क्या सभी नियमों का पालन किया गया था. कई लोगों ने आरोप लगाया है कि पीछे का निकास द्वार बंद था, जिससे वे बाहर नहीं निकल पाए. इस आरोप की भी जांच की जा रही है.
मालिक के बेटे ने क्या कहा?
हिरासत में लिए जाने से पहले मालिक के बेटे कल्याण पाल ने बताया, 'सुबह करीब 4.30 बजे AC के MCB में शॉर्ट सर्किट हुआ, जिससे आग लग गई. नाइट गार्ड मौके पर मौजूद था और आग लगने का पता चलते ही उसने तुरंत किसी को सतर्क किया और फायर अलार्म बजाया. लोग जाग गए और अपने कमरों से बाहर आने लगे. आग का धुआं ऊपर की ओर उठने लगा, जिससे कई लोगों का दम घुटने लगा. आग पर काबू पाने की कई कोशिशें की गईं.'
तारापीठ में होटल में लगी आग में झुलसने से मेघालय के एक ही परिवार के पांच सदस्यों की मौत हो गई, जिनमें दो बच्चे भी शामिल थे. खबरों के मुताबिक, परिवार होटल की सबसे ऊपरी मंजिल पर ठहरा हुआ था. आग लगने का पता चलने पर उन्होंने बच्चों के साथ भागने की कोशिश की, लेकिन नीचे उतरते समय वे आग की लपटों की चपेट में आ गए. उनमें से किसी को भी बचाया नहीं जा सका. चार अन्य लोगों की भी मौत हो गई. बचाए गए कई लोग अपनी जान इसलिए बचा पाए क्योंकि वे किसी तरह खिड़की के शीशे तोड़कर बाहर कूदने में कामयाब रहे.
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