Tamil Nadu Election Result तमिलनाडु की सियासत में क्या कोई नया मोड़ आने वाला है. राजनीतिक पंडित कुछ इस ओर ही इशारा कर रहे हैं. दरअसल, तमिलनाडु की राजनीति एक दिलचस्प और अनिश्चित मोड़ पर खड़ी नजर आ रही है. एग्जिट पोल्स इशारा कर रहे हैं कि इस बार विधानसभा चुनाव में 'विजय बनाम स्टालिन' की जंग है. लेकिन इस हाई-वोल्टेज लड़ाई के बीच एक तीसरा खिलाड़ी भी है- AIADMK, जिसकी भूमिका 'किंगमेकर' से लेकर 'गेम चेंजर' तक हो सकती है.
विजय की एंट्री, क्या एक करिश्मा
विजय का राजनीति में प्रवेश तमिलनाडु की पारंपरिक राजनीति के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विजय का सबसे बड़ा हथियार उनका स्टारडम और 'एंटी-एस्टैब्लिशमेंट' इमेज है. चुनाव प्रचार विजय के समर्थकों ने उन्हें बदलाव के प्रतीक के रूप में पेश किया. हालांकि, जमीनी संगठन की कमी और बूथ स्तर पर कैडर की अनुपस्थिति उनके लिए चुनौती बनी. लेकिन एग्जिट पोल्स के रुझान बता रहे हैं कि तमिलनाडु में इस बारे खेला होने जा रहा है. स्टालिन पर विजय भारी पड़े हैं. ऐसे में तमिलनाडु सत्ता परिवर्तन के स्पष्ट आसार नजर आ रहे हैं. एक आशंका ये भी जताई जा रही है कि किसी को भी स्पष्ट बहुमत न मिले. ऐसे में तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में संभावित त्रिशंकु जनादेश की आशंका को देखते हुए विजय ने अपनी पार्टी की स्थिति मजबूत करने के लिए पहले ही कदम उठा लिए हैं. तमिलगा वेट्ट्रि कझगम (टीवीके) ने 4 मई को आने वाले परिणामों से पहले संभावित 'रिसॉर्ट राजनीति' की तैयारी शुरू कर दी है.
क्या काम नहीं आया स्टालिन वेलफेयर मॉडल?
दूसरी ओर, द्रविड़ मुन्नेत्र कज़गम के नेतृत्व में स्टालिन सरकार अपने कामकाज और वेलफेयर स्कीम्स के दम पर चुनाव में उतरी. सरकारी योजनाओं की डिलीवरी को चुनावी मुद्दा बनाना, महिलाओं, छात्रों और किसानों के बीच मजबूत पकड़ बनाए रखी, यहां तक कि विपक्ष को “अनुभवहीन” और “अस्थिर” भी बताया. लेकिन इसके बावजूद डीएमके विजय को कड़ी टक्कर देने से रोक नहीं पाए. एग्जिट पोल्स के रुझानों के बाद स्टालिन समझ गए हैं कि तमिलनाडु में इस बार खेला होने जा रहा है.
AIADMK: किंगमेकर या गेम चेंजर
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में इस बार AIADMK किंगमेकर या गेम चेंजर साबित हो सकती है, सियासी पंडित ये संभावना जता रहे हैं. 234 सीटों में से 22 से 32 सीटों AIADMK की झोली में जाती नजर आ रही हैं. AIADMK पिछले कुछ वर्षों में नेतृत्व संकट, आंतरिक कलह और गठबंधन की अनिश्चितता से जूझती रही है. लेकिन इन चुनावों में पार्टी खुद को फिर से संगठित करने की कोशिश करती नजर आई है. इस असर होता हुआ नजर भी आ रहा है. ऐसे में AIADMK की भी भूमिका इस बार अहम होती नजर आ रही है.
तमिलनाडु में सीटों का गणित
तमिलनाडु का यह चुनाव पारंपरिक 'डीएमके बनाम AIADMK' की लड़ाई से आगे निकल चुका है. विजय की एंट्री ने समीकरण पूरी तरह बदल दिए हैं. तमिलनाडु में सरकार बनाने के लिए किसी भी दल या गठबंधन को 118 सीटों की जरूरत होगी. इस चुनाव में कुल 4,023 उम्मीदवार मैदान में उतरे. मुख्य मुकाबला सत्तारूढ़ डीएमके के सेक्युलर प्रोग्रेसिव अलायंस और एआईएडीएमके गठबंधन के बीच रहा. अभिनेता विजय की पार्टी टीवीके ने भी इस बार सभी सीटों पर चुनाव लड़कर मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है. तमिलनाडु में इस बार कुल 5.73 करोड़ से अधिक मतदाता थे. चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, राज्य में इस बार रिकॉर्ड मतदान दर्ज किया गया. कुल मतदान 84.69 प्रतिशत दर्ज किया गया. वोटिंग प्रतिशत के लिहाज से यह तमिलनाडु के चुनावी इतिहास का सबसे बड़ा मतदान माना जा रहा है. चुनाव में पुरुषों का मतदान 83.57 प्रतिशत, महिलाओं का 85.76 प्रतिशत और थर्ड जेंडर मतदाताओं का मतदान 60.49 प्रतिशत दर्ज किया गया.
EXIT POll किस ओर कर रहे इशारा
तमिलनाडु विधानसभा में इस बार बहुत बड़ा खेला होने जा रहा है. Axis My India के एग्जिट पोल में तमिलनाडु में एक्टर विजय की पार्टी TVK इस बार बड़ा खेला कर सकती है. एग्जिट पोल में TVK को 98 से 120 सीटें मिलने का अनुमान है. एमके स्टालिन की डीएमके को 92 से 110 सीटें मिल सकती हैं. वहीं, ADMK को 22 से 32 सीटें मिलने के आसार हैं. तमिलनाडु में विधानसभा की 234 सीटें हैं और बहुमत के लिए 118 सीटें जीतना जरूरी है. अगर एग्जिट पोल के नतीजे सही साबित होते हैं तो तमिलनाडु में पहली बार चुनावी मैदान में उतरी TVK सरकार भी बना सकती है.
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टीवीके ने ‘रिसॉर्ट राजनीति' की तैयारी की
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में संभावित त्रिशंकु जनादेश की आशंका को देखते हुए अभिनेता-राजनेता सी. जोसेफ विजय ने अपनी पार्टी की स्थिति मजबूत करने के लिए पहले ही कदम उठा लिए हैं. तमिलगा वेट्ट्रि कझगम (टीवीके) ने चुनाव रिजल्ट से पहले संभावित 'रिसॉर्ट राजनीति' की तैयारी शुरू कर दी है. एग्जिट पोल के नतीजे कांटे की टक्कर के संकेत दे रहे हैं- कुछ डीएमके नेतृत्व वाले गठबंधन के पक्ष में हैं, तो कुछ एआईएडीएमके गठबंधन की बढ़त दिखा रहे हैं, जबकि कुछ टीवीके के मजबूत एंट्री का अनुमान लगा रहे हैं. ऐसे में विजय ने अपनी पार्टी के विजयी उम्मीदवारों को रिजल्ट के बाद किसी तरह के ‘टूट-फूट' से बचाने के लिए कदम उठाए हैं. पार्टी सूत्रों के अनुसार, महाबलीपुरम के पास पूंजेरी में एक निजी रिसॉर्ट में निर्वाचित विधायकों को ठहराने की व्यवस्था की गई है. यह रिसॉर्ट 100 से अधिक लोगों को ठहरा सकता है और इसे परिणाम घोषित होते ही टीवीके के विजयी उम्मीदवारों को रखने के लिए तैयार किया जा रहा है. अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक, विजय ने पार्टी पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि सभी तैयारियां पूरी कर ली जाएं, जिससे संभावित कड़े चुनावी मुकाबले के बाद स्थिति को संभाला जा सके.
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