- नल्लिथोप्पू इलाके में मुस्लिम समुदाय को केवल रमजान और बकरीद के दौरान ही नमाज पढ़ने की अनुमति दी गई है
- मद्रास हाई कोर्ट ने जानवरों की कुर्बानी पर भी रोक लगा दी थी जिसे सुप्रीम कोर्ट ने सही माना है
- सुप्रीम कोर्ट ने मद्रास हाई कोर्ट के आदेश में किसी भी तरह के हस्तक्षेप से इनकार कर दिया है
सुप्रीम कोर्ट ने पहाड़ियों के नल्लिथोप्पू इलाके में मुस्लिम समुदाय को केवल रमजान और बकरीद के दौरान ही नमाज पढ़ने की इजाजत वाले मद्रास हाई कोर्ट के दखल देने से इनकार किया. हाई कोर्ट ने जानवरों की कुर्बानी पर भी रोक लगा दी थी. सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई से इनकार करते हुए कहा कि मद्रास हाई कोर्ट का आदेश संतुलित है और हमें इसमें हस्तक्षेप की कोई जरूरत नहीं लगती.
हाईकोर्ट के इस फैसले को स्थानीय मुस्लिम एम. इमाम हुसैन ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी. याचिकाकर्ता की ओर से पेश प्रशांत भूषण ने कहा कि ट्रायल कोर्ट और प्रिवी काउंसिल पहले ही यह मान चुके हैं कि नल्लिथोप्पू की 33 सेंट जमीन मुसलमानों की है. इसके बावजूद हाई कोर्ट ने गलत फैसला देते हुए नमाज को केवल रमज़ान और बकरीद तक सीमित कर दिया गया.
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