- भारत की पहली बुलेट ट्रेन अगले साल शुरू होने वाली है, साथ ही दक्षिण भारत के लिए नए कॉरिडोर को मंजूरी मिली है
- साउथ बुलेट ट्रेन कॉरिडोर बेंगलुरु को हैदराबाद, अमरावती, चेन्नई और पुणे से जोड़ेगा और यात्रा समय कम करेगा
- हाईस्पीड रेल कॉरिडोर से यात्रा का समय काफी घटकर बेंगलुरु-चेन्नई सवा घंटे और बेंगलुरु-मैसूरु 30-45 मिनट होगा
देश की पहली बुलेट ट्रेन अगले साल शुरू हो जाएगी. इसके साथ ही देशभर में अन्य बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट को भी मंजूरी मिल गई है. इसी में शामिल है 'साउथ बुलेट ट्रेन कॉरिडोर'. यह कॉरिडोर बेंगलुरु को हैदराबाद, अमरावती और चेन्नई से जोड़ेगा. इसके अलावा बेंगलुरु को पुणे तक जोड़ने की भी योजना है. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसका ऐलान किया.
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'साउथ बुलेट ट्रेन कॉरिडोर' को मंजूरी दे दी है. यह कॉरिडोर इस क्षेत्र के प्रमुख तकनीकी और आर्थिक केंद्रों को आपस में जोड़ेगा और दक्षिणी राज्यों के विकास को गति देगा.
रेल मंत्री ने बताया कि इस प्रस्तावित कॉरिडोर से यात्रा के समय में काफी कमी आएगी. बेंगलुरु से चेन्नई के बीच का सफर महज 73 मिनट में और बेंगलुरु से हैदराबाद के बीच का सफर लगभग 2 घंटे 10 मिनट में पूरा होने की उम्मीद है. उन्होंने कहा, "बेंगलुरु और चेन्नई, ये दोनों शहर मानो एक ही शहर बन जाएंगे." उन्होंने आगे कहा कि इससे दक्षिण भारत के प्रमुख शहरों के बीच आर्थिक जुड़ाव और मजबूत होगा.
वैष्णव ने कहा कि जैसे-जैसे भारत 'विकसित भारत' के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है, प्रधानमंत्री ने 4,000 किलोमीटर के बुलेट ट्रेन कॉरिडोर को मंजूरी दी है और आने वाले दिनों में 3,000 किलोमीटर के और कॉरिडोर की घोषणा की जाएगी. उन्होंने विश्वास जताया कि प्रस्तावित 'बेंगलुरु-पुणे बुलेट ट्रेन कॉरिडोर' भी हकीकत बनेगा, जो कर्नाटक के उत्तरी हिस्सों को कवर करेगा.
चेन्नई-बेंगलुरु-मैसूरु हाईस्पीड रेल कॉरिडोर
चेन्नई-बेंगलुरु-मैसूरु बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक को जोड़ेगा. 463 किलोमीटर के कॉरिडोर में चेन्नई से बेंगलुरु 306 किमी और बेंगलुरु से मैसूरु 157 किमी का रूट है. इससे बेंगलुरु से चेन्नई का सफर 5–6 घंटे के बजाय सिर्फ सवा घंटे का रह जाएगा. बेंगलुरु से मैसूरु का सफर 2 घंटे से घटकर लगभग 30-45 मिनट रह जाएगी. ये कॉरिडोर बेंगलुरु-चेन्नई एक्सप्रेसवे के समानांतर चलेगा. इसमें चेन्नई सेंट्रल, पूनमल्ली, चित्तूर (आंध्र प्रदेश), कोलार, कोडिहल्ली, व्हाइटफील्ड, बयप्पनहल्ली (बेंगलुरु), इलेक्ट्रॉनिक्स सिटी, कैंगेरी, मांड्या और मैसूरु स्टेशन हो सकते हैं.
हैदराबाद-बेंगलुरु हाईस्पीड रेल कॉरिडोर
यह भारत के दो सबसे बड़े आईटी हब बेंगलुरु और हैदराबाद को जोड़ेगा. 610 किमी के इस रूट पर 320 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से बुलेट ट्रेन दौड़ेंगी. अभी ट्रेन से 10 से 12 घंटे का सफर घटकर सिर्फ 2.5 घंटे रह जाएगा. ये रूट तेलंगाना, आंध्र प्रदेश के रायलसीमा इलाके और उत्तरी कर्नाटक से होकर जाएगा. हैदराबाद (शमशाबाद एयरपोर्ट), महबूबनगर, करनूल, अनंतपुर, चिकबल्लापुर और बेंगलुरु का कैंपेगौड़ा एयरपोर्ट इसका स्टेशन प्रस्तावित है.
इन 7 रूट्स पर चलेगी बुलेट ट्रेन
1. दिल्ली-वाराणसी बुलेट ट्रेन रूट
2. दिल्ली-सिलिगुड़ी बुलेट ट्रेन
3. मुंबई-पुणे बुलेट ट्रेन
4. पुणे-हैदराबाद बुलेट ट्रेन
5. बेंगलुरु-चेन्नई बुलेट ट्रेन
6. बेंगलुरु-हैदराबाद बुलेट ट्रेन
7. चेन्नई-हैदराबाद बुलेट ट्रेन
कर्नाटक में वंदे भारत स्लीपर का भी ऐलान
कर्नाटक के तटीय इलाकों में बेहतर रेल कनेक्टिविटी की मांग का जिक्र करते हुए, केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मंगलुरु एक महत्वपूर्ण शहर है और बेंगलुरु-मंगलुरु रूट पर विद्युतीकरण व टेस्टिंग का काम अगले कुछ हफ्तों में पूरा कर लिया जाएगा. उन्होंने कहा, "हमारे पास मंगलुरु-बेंगलुरु वंदे भारत ट्रेन होगी. यह पूरे क्षेत्र को बेहतरीन और उच्च-स्तरीय कनेक्टिविटी से जोड़ेगी." वैष्णव ने कर्नाटक में एक और 'वंदे भारत स्लीपर' सेवा शुरू करने की योजना की भी घोषणा की. यह सेवा बेंगलुरु को उत्तरी कर्नाटक से जोड़ेगी, हुबली की ओर जाएगी और फिर पुणे और मुंबई तक जाएगी.
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