Sonam Wangchuk: भारत के प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता और लद्दाख के शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक की तबीयत बिगड़ गई है. सोनम वांगचुक इस समय जोधपुर सेंट्रल जेल में बंद है. राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत हिरासत में लिए गए सोनम वांगचुक की सेहत को लेकर चिंता बढ़ गई है, क्योंकि जेल के दूषित पानी के कारण उन्हें पेट से जुड़ी गंभीर समस्याएं हो रही है. उनकी पत्नी गीतांजलि जे आंगमो ने सुप्रीम कोर्ट में गुहार लगाई, जिसके बाद कोर्ट ने तुरंत कार्रवाई करते हुए विशेषज्ञ डॉक्टर (जैसे गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट) से उनकी चिकित्सा जांच कराने का निर्देश दिया है.
सुप्रीम कोर्ट ने एक्सपर्ट डॉक्टर से इलाज कराने का दिया निर्देश
उच्चतम न्यायालय ने दूषित पेयजल से पेट संबंधी समस्याओं की जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की शिकायत के बाद बृहस्पतिवार को एक विशेषज्ञ चिकित्सक द्वारा उनकी जांच कराने का निर्देश दिया. न्यायमूर्ति अरविंद कुमार और न्यायमूर्ति पी.बी. वराले की पीठ ने जेल अधिकारियों को वांगचुक की चिकित्सा रिपोर्ट सोमवार तक सीलबंद लिफाफे में उपलब्ध कराने का भी निर्देश दिया.
वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंगमो की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने अदालत को बताया कि जलवायु कार्यकर्ता की तत्काल चिकित्सा जांच के लिए जेल अधिकारियों को निर्देश देने संबंधी एक याचिका दायर की गई है.
दूषित पानी से सोनम की तबीयत बिगड़ी
उन्होंने कहा, “दूषित पेयजल की वजह से उनके पेट में दिक्कत हो रही है. वह डॉक्टर से जांच करवाना चाहता है, लेकिन कोई आता नहीं. उनकी साप्ताहिक जांच होने दीजिए और उन्हें वह पानी पीने दीजिए जो हम देते हैं.” राजस्थान सरकार की ओर से पेश हुए वकील ने हालांकि कहा कि पिछले चार महीनों में जेल चिकित्सक ने उनकी 21 बार जांच की है.
26 सितंबर से 26 जनवरी तक 21 बार हुई सोनम की जांच
उच्चतम न्यायालय ने कहा कि उन्हें ‘गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट' (उदर रोग विशेषज्ञ) जैसे विशेषज्ञ चिकित्सक की जरूरत है. राजस्थान सरकार की ओर से पेश हुए वकील ने अदालत को सूचित किया कि वांगचुक को विटामिन बी12 लेने की सलाह दी गई है और उनकी नवीनतम रिपोर्ट में कुछ भी गलत नहीं है. अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल के.एम. नटराज ने वांगचुक की चिकित्सा रिपोर्ट को रिकॉर्ड पर रखा, जिसमें दिखाया गया कि 26 सितंबर से 26 जनवरी तक कार्यकर्ता की 21 बार जांच की गई थी.
नटराज ने कहा कि नवीनतम चिकित्सा परीक्षण रिपोर्ट से पता चलता है कि रक्तचाप सामान्य है और यहां तक कि छाती और पेट की नैदानिक जांच भी सामान्य है. न्यायालय ने नटराज के बयान को दर्ज किया कि वांगचुक की जांच सरकारी अस्पताल के एक विशेषज्ञ द्वारा की जाएगी और सोमवार तक एक सीलबंद लिफाफे में रिपोर्ट दाखिल की जाएगी.
लद्दाख में भड़की हिंसा के बाद हिरासत में लिए गए थे सोनम
पिछले साल लद्दाख को राज्य का दर्जा देने और छठी अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर हुए हिंसक प्रदर्शनों के दो दिन बाद 26 सितंबर को वांगचुक को कड़े राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) के तहत हिरासत में लिया गया था. इस प्रदर्शन के दौरान केंद्र शासित प्रदेश में चार लोग मारे गए और 90 लोग घायल हो गए थे. सरकार ने वांगचुक पर हिंसा भड़काने का आरोप लगाया है.
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