- श्रीप्रकाश जायसवाल का निधन 81 वर्ष की उम्र में कानपुर के कार्डियोलॉजी अस्पताल में हुआ है
- वे यूपी के कानपुर लोकसभा क्षेत्र से चार बार सांसद चुने गए और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के वरिष्ठ नेता थे
- मनमोहन सिंह सरकार में उन्होंने कोयला मंत्री और गृह राज्यमंत्री के पद पर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी
मनमोहन सरकार में कोयला मंत्री रहे श्रीप्रकाश जायसवाल का निधन हो गया है. उन्होंने 81 वर्ष की उम्र में आखिरी सांसे ली. बताया जा रहा है कि श्रीप्रकाश जायसवाल काफी लंबे समय से बीमार चल रहे थे. शुक्रवार को उनकी तबीयत एकाएक ज्यादा बिगड़ी तो उन्हें कानपुर के कार्डियोलॉजी अस्पताल में ले जाया गया. जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. श्रीप्रकाश जायसवाल के निधन की पुष्टि उनके छोटे भाई प्रमोद जायसवाल ने की है.
कांग्रेस महानगर अध्यक्ष पवन गुप्ता और ग्रामीण अध्यक्ष संदीप शुक्ला समेत कानपुर के कई दिग्गज कांग्रेसी नेता उनके आवास पर पहुंचे व शोकाकुल परिवार को सांत्वना दी. श्रीप्रकाश जायसवाल के भाई प्रमोद जायसवाल ने एनडीटीवी को बताया कि उनका पार्थिव शरीर लालबंगला, पोखरपुर स्थित उनके आवास पर लाया गया है. जहां उनके समर्थक और शहरवासी अंतिम दर्शन के लिए उमड़ पड़े हैं. श्रीप्रकाश जायसवाल का राजनीतिक सफर किसी फिल्मी कहानी से कम रोचक नहीं था. 25 सितंबर 1944 को कानपुर में जन्मे जायसवाल ने अपनी स्कूली शिक्षा बीएनएसडी इंटर कॉलेज से पूरी की। 1989 में जब उन्होंने कानपुर के महापौर (मेयर) के रूप में शपथ ली.
तब शायद ही किसी ने सोचा होगा कि यह शख्स एक दिन देश का गृह राज्यमंत्री और कोयला मंत्री बनेगा. स्थानीय राजनीति से निकलकर उन्होंने 1990 के दशक में राष्ट्रीय पटल पर अपनी पहचान बनाई. वे तीन बार (1996, 2004 और 2009) कानपुर लोकसभा क्षेत्र से सांसद चुने गए.केंद्र में संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (UPA) की सरकार के दौरान उनका कद काफी बढ़ा. 2004 से 2009 के बीच उन्होंने गृह राज्यमंत्री के रूप में आंतरिक सुरक्षा के मोर्चे पर अहम जिम्मेदारी निभाई. 2009 से 2014 में उन्हें केंद्रीय कोयला मंत्री का स्वतंत्र प्रभार सौंपा गया.
आपको बता दें कि श्रीप्रकाश जायसवाल का विवाह 28 अप्रैल 1967 को माया रानी जायसवाल से हुआ था. उनके भरे-पूरे परिवार में दो बेटे, एक बेटी और दो पोते हैं. वह न केवल एक राजनेता थे, बल्कि कानपुर के सामाजिक ताने-बाने में भी रचे-बसे थे. उनका जाना कानपुर के लिए एक अभिभावक को खोने जैसा है.
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