विज्ञापन
This Article is From Nov 28, 2025

एक कॉलेज के लिए नियम नहीं बदल सकते... श्री माता वैष्णो देवी मेडिकल कॉलेज को NMC की दो टूक

एनएमसी से जुड़े सूत्रों ने कहा कि किसी एक राज्य या कॉलेज के लिए अलग नियम बनाना भेदभाव होगा और राष्ट्रीय ढांचा कमजोर करेगा. फिलहाल एनएमसी ने अनुरोध अस्वीकार किया है, लेकिन भविष्य में इस पर बोर्ड स्तर पर दोबारा चर्चा संभव है.

एक कॉलेज के लिए नियम नहीं बदल सकते... श्री माता वैष्णो देवी मेडिकल कॉलेज को NMC की दो टूक
नई दिल्ली:

राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) ने श्री माता वैष्णो देवी मेडिकल कॉलेज की उस डिमांग को मानने से मना कर दिया है जिसके तहत कॉलेज ने MBBS की सीटों को ऑल इंडिया कोटा से भरने की अनुमति मांगी थी. आयोग से जुड़े सूत्रों ने कहा कि किसी एक कॉलेज के लिए निमय बदलना संभव नहीं है. इससे देशभर की मेडिकल एडमिशन प्रणाली प्रभावित होगी.कॉलेज ने यह मांग तब रखी जब पहले बैच के 50 में से 42 छात्र एक ही समुदाय से दाखिला लिया. कॉलेज में एक ही समुदाय के छात्रों के एडमिशन पर सवाल भी खड़े किए. 

इन सब के बीच बीजेपी सहित तमाम हिन्दू संगठन कर रहे छात्रों के प्रवेश का विरोध किया है. कॉलेज का तर्क संस्थान वैष्णो देवी भक्तों के योगदान से बना है, इसलिए सीटें पूरे देश के छात्रों के लिए खुलनी चाहिए. मौजूदा नियम के तहत 85% सीटें राज्य कोटा, 15% ऑल-इंडिया कोटा के तहत भरी जाती है. यह नियम सभी मेडिकल कॉलेजों पर लागू है.

एनएमसी से जुड़े सूत्रों ने कहा कि किसी एक राज्य या कॉलेज के लिए अलग नियम बनाना भेदभाव होगा और राष्ट्रीय ढांचा कमजोर करेगा. फिलहाल एनएमसी ने अनुरोध अस्वीकार किया है, लेकिन भविष्य में इस पर बोर्ड स्तर पर दोबारा चर्चा संभव है. यह मेडिकल कॉलेज 2024 में मंजूर हुआ और 2025-26 से पहला MBBS बैच शुरू हो रहा है. कॉलेज को 50 सीटों पर एमबीबीएस पढ़ाई की मिली है अनुमति. 

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com