बागी सांसदों के लिए इस्तेमाल की गई अपशब्दों वाली भाषा पर शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा, हम मराठी भाषा में ऐसे शब्दों का इस्तेमाल करते हैं. इसमें क्या गलत है? मुझे अच्छी तरह पता है कि कब और कौन सी भाषा इस्तेमाल करनी चाहिए. वही भाषा इस्तेमाल करनी चाहिए जो सामने वाला व्यक्ति समझ सके. मैंने संसद में इस भाषा का इस्तेमाल नहीं किया है. जो व्यक्ति 15 करोड़ रुपये लेकर पार्टी छोड़ देता है, उसके बारे में आप क्या कहेंगे? क्या आप ऐसे व्यक्ति पर फूलों की बारिश करेंगे?
शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत के बयान पर शिवसेना नेता संजय निरुपम ने कहा, संजय राउत, जो कभी अपने सांसदों का सम्मान करते थे, अब उन्हें अपशब्द कहने लगे हैं. यह उनकी पार्टी की लीडरशिप के पतन को दिखाता है. वो हिंदुत्व से दूर हो गए हैं, जिससे कार्यकर्ता, कैडर, विधायक और सांसद बहुत नाराज और बेचैन हैं. इसे समझने के बजाय वो अपने ही लोगों को दोष देते हैं और उनका अपमान करते हैं. ऐसी भाषा का इस्तेमाल करते हैं जो सभ्य समाज में स्वीकार्य नहीं है.
#WATCH | Delhi | On the abusive language used by him for rebel MPs, Shiv Sena UBT MP Sanjay Raut says, "We use such words in Marathi language. What is wrong in it? I very well know which language to use and when. Only a language which a person understands must be used. I have not… pic.twitter.com/F1Bs86fMcR
— ANI (@ANI) June 17, 2026
शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत द्वारा अपशब्दों का इस्तेमाल करने पर शिवसेना (UBT) सांसद अनिल देसाई ने कहा, जो कुछ भी कहा गया, वे अपशब्द हैं और किसी खास व्यक्ति के लिए नहीं कहे गए. जब कोई भावनात्मक रूप से संवेदनशील व्यक्ति, जिसने राजनीति और सार्वजनिक जीवन में 50 साल बिताए हों, कुछ कहता है, तो ऐसी बातें हो जाती हैं.वो किसी खास व्यक्ति को संबोधित नहीं कर रहे थे.
#WATCH | Delhi: On Shiv Sena UBT MP Sanjay Raut hurls abuses at suspected rebel MPs, Shiv Sena UBT MP Anil Desai says, "Whatever is said, these are slangs, it is not meant for anyone particularly. When an emotionally sensitive person, who has spent 50 years of his life in… pic.twitter.com/sL8sNdRmcj
— ANI (@ANI) June 17, 2026
उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) में फूट पड़ने की अटकलें तेज होने के बीच पार्टी नेता संजय राउत ने बुधवार को आरोप लगाया कि महाराष्ट्र के कुछ सांसदों को पाला बदलने के लिए 50 करोड़ रुपये की पेशकश की जा रही है. उन्होंने बागी सांसदों को पार्टी छोड़ने से पहले इस्तीफा देने की चुनौती भी दी. राउत ने, 2022 में हुई नेताओं की बगावत का जिक्र करते हुए कहा कि अगर पार्टी में फिर उसी तरह फूट डाली गई तो महाराष्ट्र की जनता और शिवसेना (उबाठा) के सांसद चुप नहीं बैठेंगे.
#WATCH | Mumbai, Maharashtra: On Shiv Sena (UBT) MP Sanjay Raut's statement, Shiv Sena leader Sanjay Nirupam says, "... Sanjay Raut, who once spoke with respect for his MPs, has now begun abusing them... This reflects the collapse of their party's leadership. They have broken… pic.twitter.com/FLrEau8Tjn
— ANI (@ANI) June 17, 2026
इस संवाददाता सम्मेलन में शिवसेना (उबाठा) के नौ लोकसभा सदस्यों में से केवल तीन अरविंद सावंत, अनिल देसाई और राजाभाऊ वाजे शामिल हुए. राउत ने कहा, महाराष्ट्र के सांसदों को खरीदने की कोशिश की जा रही है.मुझे बताया गया कि कीमत 50 करोड़ रुपये है और रात तक प्रत्येक सांसद को 15-15 करोड़ रुपये पहुंचाए जाने थे. वे धन मिले बिना विमान में सवार होने को कथित रूप से तैयार नहीं थे. अगर दलों को इस तरह तोड़ा जाता है तो चुनाव लड़ने का कोई अर्थ नहीं रह जाता. सभी सांसद उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में शिवसेना (उबाठा) के ‘मशाल' चुनाव चिह्न पर निर्वाचित हुए हैं और किसी को भी उस जनादेश से विश्वासघात करने का अधिकार नहीं है.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं