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इसमें गलत क्या है... बागी सांसदों के लिए अपशब्दों के इस्तेमाल पर सांसद संजय राउत बोले

शिवसेना सांसद संजय राउत ने पार्टी के बागी सांसदों पर अपनी भड़ास निकाली है. साथ ही उनके लिए अपशब्दों का इस्तेमाल करके भी वो विवादों में घिर गए हैं.

इसमें गलत क्या है... बागी सांसदों के लिए अपशब्दों के इस्तेमाल पर सांसद संजय राउत बोले
Shiv Sena (UBT) MP Sanjay Raut
PTI
नई दिल्ली:

बागी सांसदों के लिए इस्तेमाल की गई अपशब्दों वाली भाषा पर शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा, हम मराठी भाषा में ऐसे शब्दों का इस्तेमाल करते हैं. इसमें क्या गलत है? मुझे अच्छी तरह पता है कि कब और कौन सी भाषा इस्तेमाल करनी चाहिए. वही भाषा इस्तेमाल करनी चाहिए जो सामने वाला व्यक्ति समझ सके. मैंने संसद में इस भाषा का इस्तेमाल नहीं किया है. जो व्यक्ति 15 करोड़ रुपये लेकर पार्टी छोड़ देता है, उसके बारे में आप क्या कहेंगे? क्या आप ऐसे व्यक्ति पर फूलों की बारिश करेंगे?

शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत के बयान पर शिवसेना नेता संजय निरुपम ने कहा, संजय राउत, जो कभी अपने सांसदों का सम्मान करते थे, अब उन्हें अपशब्द कहने लगे हैं. यह उनकी पार्टी की लीडरशिप के पतन को दिखाता है. वो हिंदुत्व से दूर हो गए हैं, जिससे कार्यकर्ता, कैडर, विधायक और सांसद बहुत नाराज और बेचैन हैं. इसे समझने के बजाय वो अपने ही लोगों को दोष देते हैं और उनका अपमान करते हैं. ऐसी भाषा का इस्तेमाल करते हैं जो सभ्य समाज में स्वीकार्य नहीं है.

शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत द्वारा अपशब्दों का इस्तेमाल करने पर शिवसेना (UBT) सांसद अनिल देसाई ने कहा, जो कुछ भी कहा गया, वे अपशब्द हैं और किसी खास व्यक्ति के लिए नहीं कहे गए. जब ​​कोई भावनात्मक रूप से संवेदनशील व्यक्ति, जिसने राजनीति और सार्वजनिक जीवन में 50 साल बिताए हों, कुछ कहता है, तो ऐसी बातें हो जाती हैं.वो किसी खास व्यक्ति को संबोधित नहीं कर रहे थे.

उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) में फूट पड़ने की अटकलें तेज होने के बीच पार्टी नेता संजय राउत ने बुधवार को आरोप लगाया कि महाराष्ट्र के कुछ सांसदों को पाला बदलने के लिए 50 करोड़ रुपये की पेशकश की जा रही है. उन्होंने बागी सांसदों को पार्टी छोड़ने से पहले इस्तीफा देने की चुनौती भी दी. राउत ने, 2022 में हुई नेताओं की बगावत का जिक्र करते हुए कहा कि अगर पार्टी में फिर उसी तरह फूट डाली गई तो महाराष्ट्र की जनता और शिवसेना (उबाठा) के सांसद चुप नहीं बैठेंगे.

इस संवाददाता सम्मेलन में शिवसेना (उबाठा) के नौ लोकसभा सदस्यों में से केवल तीन अरविंद सावंत, अनिल देसाई और राजाभाऊ वाजे शामिल हुए. राउत ने कहा, महाराष्ट्र के सांसदों को खरीदने की कोशिश की जा रही है.मुझे बताया गया कि कीमत 50 करोड़ रुपये है और रात तक प्रत्येक सांसद को 15-15 करोड़ रुपये पहुंचाए जाने थे. वे धन मिले बिना विमान में सवार होने को कथित रूप से तैयार नहीं थे. अगर दलों को इस तरह तोड़ा जाता है तो चुनाव लड़ने का कोई अर्थ नहीं रह जाता. सभी सांसद उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में शिवसेना (उबाठा) के ‘मशाल' चुनाव चिह्न पर निर्वाचित हुए हैं और किसी को भी उस जनादेश से विश्वासघात करने का अधिकार नहीं है.
 

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अमरीश कुमार त्रिवेदी
Associate News Editor
अमरीश कुमार त्रिवेदी NDTV हिन्दी में एसोसिएट न्यूज एडिटर पद पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में उनका 19 सालों का अनुभव हैं. राष्ट्रीय, अंतरराष्ट... और पढ़ें
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