विज्ञापन

जयशंकर ने इंटरनेशनल मंच पर तेल साजिश का सवाल उठा दिया, कहा- कुछ तो करना होगा

जयशंकर ने कहा कि दुनिया ऊर्जा संकट का सामना कर रही है, लेकिन यह संकट उत्पादन की कमी का नहीं बल्कि अनिश्चितता और आपूर्ति में बाधा का है.

जयशंकर ने इंटरनेशनल मंच पर तेल साजिश का सवाल उठा दिया, कहा- कुछ तो करना होगा
  • जयशंकर ने तेल सप्लाई रूटों पर हमलों को सोची-समझी रणनीति बताते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय साजिश करार दिया
  • उन्होंने कहा कि ऊर्जा संकट उत्पादन की कमी नहीं बल्कि आपूर्ति में बाधा और अनिश्चितता के कारण उत्पन्न हुआ है
  • जयशंकर ने जी-20 से ऊर्जा बाजारों को खुला और स्थिर बनाए रखने के लिए नेतृत्व और समझदारी दिखाने का आग्रह किया
नई दिल्ली:

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने तेल सप्लाई के रूटों पर हमले और पाबंदियों को सोची-समझी रणनीति बताया है. उन्होंने इससे कड़ी असहमति जताते हुए कहा कि यह इंटरनेशनल लेवल पर एक साजिश जैसी है, जिस पर हमें कुछ तो करना होगा. उन्होंने कहा कि यह ऊर्जा की कीमतों को अपने नियंत्रण में रखने की सोची-समझी रणनीति है. जयशंकर ने यह टिप्पणी शुक्रवार को अटलांटा में जी-20 विदेश मंत्रियों की बैठक में की. यह बैठक ऐसे समय हुई है, जब अमेरिका ने ईरानी तेल की बिक्री पर प्रतिबंध लगा रखे हैं. पश्चिम एशिया से ऊर्जा आपूर्ति बाधित है और रूस के डीजल की बिक्री पर प्रतिबंध हटाने का फैसला किया गया है.

जयशंकर ने कहा कि दुनिया ऊर्जा संकट का सामना कर रही है, लेकिन यह संकट उत्पादन की कमी का नहीं बल्कि अनिश्चितता और आपूर्ति में बाधा का है. इसके अलावा संकट यहां तक बढ़ गया है कि हर किसी के लिए वहन कर पाना संभव नहीं है. उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि उन्होंने बैठक में इस बात पर जोर दिया कि ऊर्जा व्यापार और बुनियादी ढांचे पर जानबूझकर किए जाने वाले हमले ऊर्जा की कीमतों को अपने नियंत्रण में रखने की सोची-समझी रणनीति है. अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की ओर से बुलाई गई बैठक में उन्होंने कहा, 'जी20 को ऊर्जा बाजारों को खुला और स्थिर बनाए रखने के लिए समझदारी और नेतृत्व, दोनों का परिचय देना चाहिए.'

विदेश मंत्री ने कहा कि बाधाओं, प्रतिबंधों और समुद्री मार्गों पर अवरोधों के जरिये ऊर्जा बाजारों में लगातार बढ़ते असंतुलन की घटनाएं अब अधिक बार हो रही हैं. इनकी जटिलता बढ़ रही है और इनका प्रभाव भी व्यापक हो रहा है. जयशंकर ने कहा कि उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि कम आय वाले देशों की मुश्किलों के प्रति बहुत कम ध्यान दिया जा रहा है. उन्होंने कहा कि तेल और गैस के मामले में सुविधानुसार अलग-अलग मापदंड अपनाए जा रहे हैं. उन्होंने कहा, 'चुनिंदा मामलों में दी जा रही छूट अपने आप में सब कुछ बयां करती है.'

जयशंकर बोले- एक-दूसरे पर निर्भरता को कम न आंका जाए

जयशंकर ने कहा कि उन्होंने वैश्वीकृत बाजार में एक-दूसरे पर निर्भरता और इसके दूरगामी प्रभावों को कम करके नहीं आंकने की बात दोहराई. उन्होंने दोहराया कि भारत को स्वच्छ ईंधन से खाना पकाने की अपनी जरूरतों के लिए एलपीजी की विश्वसनीय और नियमित आपूर्ति की आवश्यकता है. जयशंकर ने दोहराया कि भारत का राष्ट्रीय महत्वपूर्ण खनिज मिशन इन खनिजों की खोज और उत्खनन से लेकर उनके रिफाइनिंग तक के सभी चरणों को शामिल करता है. उन्होंने यह भी बताया कि भारत ने जी20 के तहत महत्वपूर्ण खनिजों के पुनर्चक्रण और दोबारा इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए एक पहल का प्रस्ताव रखा है. उन्होंने कहा कि जी-20 को वित्तीय सहायता तक पहुंच बढ़ाने के साथ-साथ ऊर्जा भंडारण, छोटे मॉड्यूलर परमाणु संयंत्रों, हरित हाइड्रोजन और जैव ईंधन को बढ़ावा देना चाहिए.

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
S Jaishankar News, S Jaishankar, S Jaishankar Latest News, S Jaishankar News In Hindi, India News
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com