New Delhi:
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने अगले साल उत्तर प्रदेश सहित पांच राज्यों में होने वाले चुनावों से पहले मुस्लिम युवकों को अपने साथ जोड़ने की मुहिम तेज कर दी है। इसके लिए जिला एवं विकास खंड स्तर पर काम चल रहा है। संघ की इस मुहिम को उससे जुड़ा संगठन मुस्लिम राष्ट्रीय मंच अंजाम दे रहा है। मुस्लिम राष्ट्रीय मंच ने बीते कुछ महीने में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मुस्लिम बहुल इलाकों में कई कार्यक्रम चलाए है। इस संगठन की नजर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जि़लों मसलन- मुरादाबाद, बरेली, सहारनपुर, मुजफ्फरपुर, मेरठ और आगरा पर है। संगठन का कहना है कि उसके लोग विभिन्न स्थानों पर मौलानाओं और समुदाय के प्रभावी लोगों से संपर्क करके उन्हें साथ लेने की कोशिश कर रहे हैं। मुस्लिम राष्ट्रीय मंच का कहना है कि वह मुख्य रूप से मुस्लिम युवाओं को अपने साथ जोड़ रहा है, ताकि इस समुदाय में अपनी ज्यादा से ज्यादा पैठ बनाई जा सके। देश के मुस्लिम युवकों को साथ जोड़ने की मुहिम में मंच के संयोजक मोहम्मद अफजल एवं संगठन सचिव गिरीश जुयाल जोर-शोर से लगे हुए हैं। मोहम्मद अफजल दावा किया, हम उत्तर प्रदेश और देश के अन्य हिस्सों में सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं। हमारे साथ बड़ी संख्या में मुस्लिम युवा जुड़ रहे हैं। हम मुस्लिम समुदाय के बुजुर्गों के पास कम जाते हैं, क्योंकि उन्हें समझाना आसान नहीं है। उनके दिमाग में भाजपा और संघ को लेकर पूर्वाग्रह बन गया है, जिसे खत्म करना मुश्किल है। अफजल ने कहा, हम मुस्लिम युवाओं के पास जा रहे हैं। नई पीढ़ी आज की वास्तविकता को समझती है। उन्हें हम यह समझाने में कामयाब हो रहे हैं कि कांग्रेस और तथाकथित धर्मनिरपेक्ष दलों ने इतने वर्षों तक मुस्लिम समुदाय के साथ धोखा किया है। अब लोगों को समझ में आने लगा है कि संघ और भाजपा से मुसलमानों के लिए किसी तरह का खतरा नहीं है। उनके मुताबिक मौजूदा समय में मुस्लिम राष्ट्रीय मंच की देश के 27 राज्यों के 200 से अधिक जिलों में क्षेत्रीय स्तर पर शाखाएं हैं और इनमें मुस्लिम युवाओं की संख्या हजारों में हैं। मुस्लिम राष्ट्रीय मंच की स्थापना 2002 में संघ के वरिष्ठ नेता इंद्रेश कुमार की ओर से की गई थी। यह पूछे जाने पर कि क्या उन्हें मुस्लिम युवाओं को लक्ष्य बनाकर काम करने का निर्देश संघ के शीर्ष नेतृत्व ने दिया, उन्होंने कहा, हम पर संघ नेतृत्व का कोई दबाव नहीं है, लेकिन हम उसके मार्गदर्शन में जरूर काम करते हैं। अफजल यह मानते हैं कि उन्हें गुजरात दंगों, नरेंद्र मोदी और इंद्रेश कुमार पर लगे आरोपों के बारे में मुस्लिम युवाओं के सवालों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा, इसके बारे में सवाल पूछे जाते हैं, लेकिन हम लोगों से कहते हैं कि कांग्रेस ने हमारे खिलाफ दुष्प्रचार किया है। इंद्रेश मुस्लिम समुदाय के बीच लोकप्रिय हो रहे थे, इसीलिए उनका नाम आतंकवादी वारदात में घसीटा गया। उनका कहना है, उन लोगों कि देवबंदी और बरेलवी मौलानाओं से भी बातचीत हुई है और वे उनकी बात सुन रह हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि उत्तर प्रदेश में मुसलमान इस बार बड़ी संख्या में भाजपा के लिए मतदान करेगा।
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