- तमिलनाडु चुनाव में विजय की पार्टी TVK ने सबसे अधिक सीटें जीतकर 108 सीटें हासिल की हैं लेकिन बहुमत से दूर है.
- कांग्रेस के 5 विधायकों ने TVK को समर्थन दिया है, विजय को सरकार बनाने के लिए 5 और विधायकों की आवश्यकता है.
- AIADMK ने विधायकों को पुडुचेरी के एक रिसॉर्ट में भेज दिया है. जिससे राज्य में सियासत गरमा गई है.
तमिनलाडु में विधासनभा चुनाव के नतीजे आने के बाद एक नया सियासी ड्रामा शुरू हो गया है. यहां एक्टर विजय की पार्टी TVK ने सबसे अधिक 108 सीटें जीती है. लेकिन इसके बाद भी TVK बहुमत से दूर है. 5 विधायकों के साथ कांग्रेस ने टीवीके को समर्थन देने की घोषणा तो कर दी है, लेकिन इससे भी बहुमत के आंकड़ें पूरे नहीं हो रहे. विजय को सरकार बनाने के लिए 5 और विधायकों की जरूरत है. सरकार बनाने की कवायद के बीच AIADMK के एक दर्जन से ज्यादा नए चुने गए विधायकों को पुडुचेरी के एक रिसॉर्ट में भेज दिया गया. इससे पार्टी के अंदरूनी कलह की अटकलें तेज हो गईं कि क्या पार्टी सरकार बनाने की बातचीत में अभिनेता विजय की पार्टी TVK को समर्थन देगी या नहीं.
AIADMK का बयान- पार्टी में सब कुछ ठीक है
हालांकि, AIADMK ने किसी भी तरह की बगावत की खबरों को खारिज कर दिया. पार्टी ने जोर देकर कहा कि पार्टी के अंदर "सब कुछ ठीक है" और दावा किया कि विधायकों को सिर्फ इसलिए दूसरी जगह भेजा गया था, ताकि TVK द्वारा कथित तौर पर उन्हें अपने पाले में करने की कोशिशों को रोका जा सके.
EPS की चुप्पी से अटकलों को मिली हवा
AIADMK सूत्रों ने बताया कि यह भ्रम इसलिए पैदा हुआ, क्योंकि पार्टी प्रमुख एडप्पादी के. पलानीस्वामी (EPS) ने शुरू में इस बात पर चुप्पी साध रखी थी कि क्या पार्टी विधानसभा चुनावों में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी TVK को समर्थन देगी या नहीं. सूत्रों ने माना कि इसी चुप्पी ने उन अटकलों को हवा दी कि विधायकों का एक गुट विजय को समर्थन देने के पक्ष में था.
सूत्रों का अब दावा है कि EPS द्वारा TVK को समर्थन न देने के पार्टी के रुख को साफ तौर पर बताने के बाद, AIADMK के सभी विधायक पार्टी के साथ हो गए हैं और नेतृत्व के साथ "पूरी तरह से सहमत" हैं.
पहले विजय की सरकार के लिए रिसॉर्ट पॉलिटिक्स की हुई थी चर्चा
इससे पहले, सूत्रों ने संकेत दिया था कि पुडुचेरी के रिसॉर्ट में ठहरे विधायक, सरकार बनाने में TVK का समर्थन करने के लिए EPS पर दबाव डाल रहे थे. AIADMK के सूत्रों ने यह भी आरोप लगाया था कि रिसॉर्ट में ठहरने का इंतजाम पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री C V Shanmugam ने किया था.
हालांकि उन्होंने इस कदम के पीछे अपना हाथ होने से इनकार किया था. AIADMK के सूत्रों ने अब कहा, "विधायक पुडुचेरी में सिर्फ TVK द्वारा उन्हें अपने पाले में करने की कोशिशों से बचाने के लिए हैं," और साथ ही यह भी कहा कि पार्टी के भीतर कोई फूट या बगावत नहीं है.
सूत्रों का अब दावा है कि EPS द्वारा TVK को समर्थन न देने के पार्टी के रुख को साफ तौर पर बताने के बाद, AIADMK के सभी विधायक पार्टी के साथ हो गए हैं और नेतृत्व के साथ "पूरी तरह से सहमत" हैं.
पार्टी में कोई फूट या बगावत नहींः AIADMK
इससे पहले, सूत्रों ने संकेत दिया था कि पुडुचेरी के रिसॉर्ट में ठहरे विधायक, सरकार बनाने में TVK का समर्थन करने के लिए EPS पर दबाव डाल रहे थे. AIADMK के सूत्रों ने यह भी आरोप लगाया था कि रिसॉर्ट में ठहरने का इंतज़ाम पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री C V Shanmugam ने किया था, हालाँकि उन्होंने इस कदम के पीछे अपना हाथ होने से इनकार किया था.
AIADMK के सूत्रों ने अब कहा, "विधायक पुडुचेरी में सिर्फ़ इसलिए हैं ताकि उन्हें TVK द्वारा पाला बदलने की कोशिशों से बचाया जा सके," और साथ ही यह भी कहा कि पार्टी के भीतर कोई फूट या बगावत नहीं है.
AIADMK ने आधिकारिक तौर पर फिर दोहराया कि वह TVK का समर्थन नहीं करेगी. वरिष्ठ नेता के.पी. मुनुसामी ने कहा, "AIADMK ने TVK को कोई समर्थन नहीं दिया है. पार्टी प्रमुख EPS की मंजूरी से मैं यह घोषणा कर रहा हूँ."
कांग्रेस के 5 विधायकों ने दिया समर्थन, VCK, CPI और CPM को आज लेना है फैसला
इस बीच, विजय ने कांग्रेस पार्टी के 5 विधायकों का समर्थन पहले ही हासिल कर लिया है, जब राष्ट्रीय पार्टी ने TVK को सशर्त समर्थन देने का फैसला किया. विजय ने DMK के सहयोगी दलों VCK, CPI और CPM से भी समर्थन मांगा है, जिनके गुरुवार को इस पर फैसला लेने की उम्मीद है. ऐसे में विजय तमिलनाडु में सरकार बना पाते हैं या नहीं, इसके लिए आज का दिन अहम है.
AIADKM का समर्थन लेने को तैयार नहीं TVK
TVK के सूत्रों का कहना है कि विजय AIADMK का समर्थन लेने के इच्छुक नहीं हैं, क्योंकि उसका BJP के साथ गठबंधन है, जिसे उन्होंने बार-बार अपना वैचारिक प्रतिद्वंद्वी बताया है. TVK ने बुधवार को ही सरकार बनाने का दावा पेश कर दिया था, लेकिन इस प्रक्रिया में देरी हो गई है, क्योंकि पता चला है कि राज्यपाल सी.पी. राधाकृष्णन ने विजय से सरकार बनाने के लिए औपचारिक रूप से आमंत्रित करने से पहले, उनका समर्थन करने वाले सभी 118 विधायकों की सूची देने को कहा है.
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