आने वाले दिन क्षेत्रीय दलों के, मोदी को 2024 में सरकार बनाने के लिए बहुमत नहीं मिलेगा : KCR

Telangana Elections 2023: केसीआर ने 30 नवंबर को होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए एक रैली को संबोधित करते हुए केंद्र में सत्तारूढ़ पार्टी बीजेपी की कथित विफलताएं गिनाईं

आने वाले दिन क्षेत्रीय दलों के, मोदी को 2024 में सरकार बनाने के लिए बहुमत नहीं मिलेगा : KCR

भारत राष्ट्र समिति (BRS) प्रमुख के चंद्रशेखर राव (फाइल फोटो).

खास बातें

  • केसीआर ने कहा- भाजपा और कांग्रेस एक-दूसरे से बहुत अलग नहीं
  • सांप्रदायिक कट्टरता भड़काने वाली भाजपा को कचरे में फेंक देना चाहिए
  • कांग्रेस ने अल्पसंख्यकों के विकास पर केवल 2,000 करोड़ रुपये खर्च किए थे
आदिलाबाद/निजामाबाद (तेलंगाना):

Telangana Assembly Elections: भारत राष्ट्र समिति (BRS) प्रमुख के चंद्रशेखर राव (KCR) ने गुरुवार को कहा कि आने वाले दिन क्षेत्रीय दलों के हैं और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को 2024 के लोकसभा चुनावों में बहुमत नहीं मिलेगा और पार्टियों का गठबंधन केंद्र में सरकार बनाएगा.

केसीआर ने तीस नवंबर के विधानसभा चुनाव के लिए एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए केंद्र में सत्तारूढ़ पार्टी की कथित विफलताएं गिनाईं, विशेष रूप से तेलंगाना के संबंध में. राव ने साथ ही भविष्यवाणी की कि अगले साल के आम चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) बहुमत पाने में विफल रहेगी. उन्होंने क्षेत्रीय दलों के गठबंधन द्वारा केंद्र सरकार बनाने की संभावना पर प्रकाश डाला.

राव ने बृहस्पतिवार को अपनी यह टिप्पणी दोहरायी कि भाजपा और कांग्रेस एक-दूसरे से बहुत अलग नहीं हैं और इन दलों को वोट देना, वोट ‘‘बर्बाद'' करना है.

केसीआर ने दोनों पार्टियों की आलोचना करते हुए कहा, ‘‘सांप्रदायिक कट्टरता भड़काने वाली भाजपा को कचरे में फेंक देना चाहिए. यदि आप भाजपा को एक वोट भी देते हैं, तो वह वोट की बर्बादी है. यदि आप कांग्रेस को वोट देते हैं, तो वह भी वोट की बर्बादी है.''

‘‘यदि आप भाजपा को वोट देते हैं, तो वह बर्बाद हो जाएगा''

उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए सवाल किया कि किसी को उस पार्टी को वोट क्यों देना चाहिए जिसने तेलंगाना को एक भी मेडिकल कॉलेज या नवोदय स्कूल नहीं दिया है. उन्होंने कहा, ‘‘यदि आप भाजपा को वोट देते हैं, तो वह बर्बाद हो जाएगा. लोगों को इसके बारे में सोचना चाहिए. मैं लोगों से इस बारे में विचार करने का अनुरोध कर रहा हूं.''

उन्होंने बीआरएस के धर्मनिरपेक्ष पहचान का उल्लेख करते हुए इस बात पर जोर दिया, ‘‘जब तक केसीआर जीवित हैं, यह धर्मनिरपेक्ष रहेगा.'' उन्होंने अल्पसंख्यकों की कथित चिंता करने के लिए कांग्रेस पर निशाना साधा और कहा कि 2014 में राज्य बनने से पहले दस साल तक शासन करने वाली कांग्रेस पार्टी ने अल्पसंख्यकों के विकास पर केवल 2,000 करोड़ रुपये खर्च किए थे, जबकि पिछले दशक में बीआरएस सरकार ने 12,000 करोड़ रुपये खर्च किए.

राव ने उनसे बीआरएस उम्मीदवार को वोट देने का अनुरोध करते हुए आगामी चुनावों और 2024 के आम चुनावों में भी उनकी पार्टी के उम्मीदवार को वोट देने की अपील की. उन्होंने भविष्यवाणी की, 'आने वाले दिन क्षेत्रीय दलों के हैं. आप इसे लिख सकते हैं. अगले चुनाव में मोदी को बहुमत नहीं मिलेगा. गठबंधन सरकार आएगी.''

बीआरएस सरकार की उपलब्धियों की जिक्र

उन्होंने कहा कि जब राज्य का गठन हुआ था तो राज्य में स्थिति अराजक थी, पीने या सिंचाई के पानी की कोई उचित सुविधा नहीं थी और लोग अन्य स्थानों पर पलायन करते थे. उन्होंने कहा कि हालांकि, उनकी सरकार ने सब कुछ ठीक कर दिया है.

केसीआर द्वारा राज्य की बीआरएस सरकार की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला गया जिसमें सिंचाई नेटवर्क स्थापित करने से लेकर पीने के पानी की आपूर्ति, किसानों का वित्तीय समर्थन करना और उन्हें 24 घंटे बिजली आपूर्ति प्रदान करना, राज्य की प्रति व्यक्ति आय को 3.17 लाख रुपये तक बढ़ाना शामिल है.

लोगों को कांग्रेस के अतीत के कार्यों की याद दिलाते हुए, राव ने कहा कि कांग्रेस ने तेलंगाना के गठन में 15 साल की देरी की थी और यहां तक कि बीआरएस (तब टीआरएस) पार्टी को विभाजित करने की भी कोशिश की थी.

कांग्रेस छह चुनावी गारंटी को लागू करने का वादा कर रही

उन्होंने यह भी आगाह किया कि जबकि कांग्रेस छह चुनावी गारंटी को लागू करने का वादा कर रही है, उसके नेता किसानों को रायथु बंधु निवेश समर्थन को करदाताओं के पैसे का व्यर्थ खर्च मानते हैं और किसानों के लिए मुफ्त बिजली आपूर्ति को 24 घंटे से घटाकर तीन घंटे प्रतिदिन करने की योजना बना रहे हैं.

केसीआर ने यह भी चेतावनी दी कि धरणी एकीकृत भूमि प्रबंधन पोर्टल को 'बंद' करने की कांग्रेस की कथित योजना बिचौलियों के शासन के खतरे को वापस लाएगी.

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बीआरएस के चुनावी आश्वासनों के बारे में मुख्यमंत्री ने कहा कि रायथु बंधु योजना के तहत भुगतान मौजूदा 10,000 रुपये से धीरे-धीरे बढ़ाकर 16,000 रुपये किया जाएगा और इसी तरह सामाजिक पेंशन को चरणबद्ध तरीके से 5000 रुपये तक बढ़ाया जाएगा. उन्होंने लोगों से वोट की अपील करते हुए कहा कि कल्याणकारी योजनाएं तभी जारी रहेंगी जब बीआरएस फिर से सत्ता में आएगी.