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डॉक्टर डेथ ने 'मदर ऑफ शैतान' से किया था धमाका, कार को बना दिया था 'बम'... लाल किला ब्लास्ट में बड़े खुलासे

नई दिल्ली:

दिल्ली में लाल किला के पास पिछले साल 10 नवंबर को बम ब्लास्ट हुआ था. इस मामले में जांच कर रही NIA ने अब चार्जशीट दाखिल कर दी है. NDTV के पास इस चार्जशीट की कॉपी है. इसके मुताबिक, इस हमले का मास्टरमाइंड डॉ. उमर उन नबी ही था. डॉ. उमर ही वह आतंकी था जो सुसाइड बॉम्बर था.

NIA ने अपनी चार्जशीट में 13 लोगों को आरोपियों बनाया है. इस चार्जशीट में सभी 13 आतंकियों की तस्वीर भी सामने आ गई है. चार्जशीट में NIA ने दावा किया है कि जांच के दौरान जो सबूत हाथ लगे, उससे साबित होता है कि धमाके के वक्त उमर कार में ही मौजूद था.

NIA की चार्जशीट में तीन बातें अहम हैं. पहली- कार को ही 'बम' के तौर पर इस्तेमाल किया गया था. दूसरी- कार में डॉ. उमर उन नबी ही मौजूद था. और तीसरी- कार के पास से मिला कमांड मैकेनिज्म इस बात का सबूत है कि IED को नियंत्रित तरीके से सक्रिय किया गया था.

लाल किला के पास 10 नवंबर 2025 को ब्लास्ट हुआ था. इस धमाके में 11 लोगों की मौत हो गई थी और 29 लोग घायल हो गए थे.

चार्जशीट में क्या-क्या सामने आया? 4 बड़ी बातें

  • कार में बैठा था उमर: घटनास्थल से मिले जैविक नमूनों की DNA जांच में अहम सुराग मिला. शरीर के हिस्सों और नाक से लिए गए स्वैब की जांच में TATP और अमोनियम नाइट्रेट के अंश मिले. NIA का दावा है कि इन नमूनों की DNA फिंगरप्रिंटिंग से उनकी पहचान उमर उन नबी के तौर पर हुई. जांच एजेंसी के मुताबिक, इसका मतलब यह है कि धमाके के वक्त उमर उन नबी उसी कार के अंदर मौजूद था.
  • रेड टेप और मेटल पीस: जांच के दौरान लाल रंग के टेप वाले एक कमांड मैकेनिज्म को बरामद किया गया. इस पर विस्फोटक पदार्थों के निशान मिले. NIA के मुताबिक, यह डिवाइस IED को दूर से या कमांड के जरिए सक्रिय करने के लिए इस्तेमाल किया गया था. एजेंसी का दावा है कि यही कमांड सिस्टम धमाके वाली कार के पास से बरामद हुआ. यानी जांच का निष्कर्ष यह है कि कार में विस्फोटक लगाया गया था और उसे एक खास कमांड मैकेनिज्म के जरिए सक्रिय किया गया.
  • 87 फोटो, AK-47 और अल-फलाह कनेक्शन: आरोपी शाहीन सईद के पेन ड्राइव से 87 फोटो मिले, जिसमें आतंकी डॉक्टर मुजम्मिल शकील और शाहीन AK-47, पिस्टल और मैगजीन के साथ दिख रहे हैं. सभी आरोपी अंसार गजवात-उल-हिंद (AGuH) और AQIS से जुड़े थे. फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी के बाहर किराए के ठिकाने से केमिकल, लैब उपकरण, टाइमर और बैटरियां मिलीं.
  • रॉकेट भी बना लिया था: आतंकी जसीर बिलाल वानी ने यूट्यूब और ChatGPT के जरिए रॉकेट बनाने के तरीके सर्च किए थे. चार्जशीट में ये भी लिखा है कि उसने रॉकेट बना भी लिया था जिसकी टेस्टिंग बाद में इन्होंने टाल दी थी. जसीर बिलाल वानी को उमर ने दो ड्रोन भी दिए थे.
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'Mother of Satan' का इस्तेमाल

विशेषज्ञों की रिपोर्ट के आधार पर NIA का कहना है कि इस मामले में इस्तेमाल किया गया विस्फोटक TATP है. TATP को 'Mother of Satan' के नाम से भी जाना जाता है. जांच में Ammonium Nitrate की मौजूदगी भी मिली है. चार्जशीट के मुताबिक, यह TATP की विस्फोटक क्षमता और संवेदनशीलता बढ़ाने के उद्देश्य से इस्तेमाल किया गया हो सकता है.

हालांकि, जांच एजेंसी ने यह भी साफ किया है कि Potassium Nitrate सामान्य तौर पर TATP का हिस्सा नहीं होता. इसके बावजूद आरोपियों के पास कृषि-ग्रेड Potassium Nitrate की बड़ी मात्रा मिलने को NIA ने गंभीरता से लिया है.

चार्जशीट में यह भी कहा गया है कि आरोपियों के कब्जे से Acetone, Hydrogen Peroxide और Hydrochloric Acid जैसी सामग्री और संबंधित उपकरण बरामद हुए.

कितना खतरनाक है TATP?

चार्जशीट में TATP की प्रकृति को लेकर भी एक्सपर्ट रिपोर्ट का हवाला दिया गया है. दस्तावेज के मुताबिक, TATP को Acetone Peroxide भी कहा जाता है और इसे बेहद संवेदनशील homemade explosive के तौर पर जाना जाता है. NIA ने दर्ज किया है कि TATP अपनी संवेदनशीलता के कारण अत्यंत खतरनाक है. 

विशेषज्ञों के अनुसार, यह गर्मी, घर्षण और दबाव जैसी परिस्थितियों के प्रति संवेदनशील हो सकता है. इसी वजह से इसकी बरामदगी और हैंडलिंग को भी गंभीर सुरक्षा जोखिम माना जाता है.

कार को ही बना डाला था 'बम'

NIA ने चार्जशीट में बताया है कि जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि जिस Hyundai i20 कार में ब्लास्ट हुआ था, उसमें डॉ. उमर ही बैठा था. उसने इस कार को ही 'बम' बना डाला था.

NIA के मुताबिक, ब्लास्ट के बाद कुल 73 एग्जिबिट जब्त किए गए थे. इनमें से 64 नमूनों की जांच CFSL चंडीगढ़ में कराई गई, जबकि बाकी 9 नमूने NFSU, गांधीनगर भेजे गए. दोनों लैब की जांच में TATP के साथ Ammonium Nitrate और Potassium Nitrate की मौजूदगी की पुष्टि हुई. 

चार्जशीट में NIA ने इसे अहम कड़ी माना है. एजेंसी का कहना है कि बरामद विस्फोटक सामग्री की संरचना उस सामग्री से मेल खाती है, जिसका इस्तेमाल लाल किला के पास हुए ब्लास्ट में किया गया था.

नौगाम थाने में विस्फोट ने भी खोले कई राज

चार्जशीट में नौगाम पुलिस स्टेशन के बाहर हुए धमाके का भी जिक्र है. जांच के दौरान आरोपी मुजम्मिल के किराये के ठिकाने से विस्फोटक बनाने में इस्तेमाल होने वाली कई चीजें बरामद की गई थीं.

इनमें विस्फोटक और उसके लिए इस्तेमाल होने वाली सामग्री, केमिकल, लैब उपकरण, टाइमर, बैटरियां और दूसरे सामान शामिल थे. यह सामान फरीदाबाद स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी के बाहर किराये की जगह से बरामद किए जाने की बात चार्जशीट में कही गई है.

इन बरामद सामान की जांच के लिए उन्हें नौगाम पुलिस स्टेशन लाया गया था. इसी दौरान 14 नवंबर 2025 को नौगाम थाने के परिसर में अचानक धमाका हो गया.

इस धमाके में 9 पुलिसकर्मियों की मौत और 29 लोगों के घायल होने की बात चार्जशीट में दर्ज है. धमाका इतना जोरदार था कि शवों के चिथड़े उड़ गए थे. आसपास की इमारतों को भी काफी नुकसान हुआ था.

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