- NDTV से बातचीत में आलोक कुमार ने कहा कि फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण यह है कि दर्ज FIR की निष्पक्ष और शीघ्र जांच हो.
- आलोक कुमार से साफ कहा कि राम मंदिर दान चोरी विवाद में जो भी दोषी पाए जाएं, उन्हें कानून के अनुसार सजा मिले.
- उन्होंने इस्कॉन, अक्षरधाम मंदिरों के संचालन का जिक्र करते हुए कहा कि सरकारी प्रबंधन के अनुभव अच्छे नहीं हैं.
अयोध्या राम मंदिर में श्रद्धालुओं के दान के कथित गबन को लेकर उठे विवाद के बीच विश्व हिंदू परिषद (VHP) के अध्यक्ष आलोक कुमार ने मामले की गहन जांच की मांग की है. उन्होंने कड़ी जवाबदेही और भक्तों के चढ़ावे की सुरक्षा के लिए मजबूत प्रशासनिक व्यवस्था की मांग भी की. NDTV से बातचीत में आलोक कुमार ने कहा कि फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण यह है कि दर्ज FIR की निष्पक्ष और शीघ्र जांच हो, जो भी दोषी पाए जाएं, उन्हें कानून के अनुसार सजा मिले. आलोक कुमार ने इस्कॉन, अक्षरधाम और झंडेवालन जैसी मंदिरों के संचालन का जिक्र करते हुए कहा कि मंदिरों के सरकारी प्रबंधन के हमारे अनुभव अच्छे नहीं रहे हैं.
'ऐसी व्यवस्था विकसित हो जिससे कोई गड़बड़ी ना हो'
मंदिरों के सरकारी प्रबंधन पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा, “मंदिरों के सरकारी प्रबंधन के हमारे अनुभव अच्छे नहीं रहे हैं. आवश्यकता प्रबंधन बदलने की नहीं, बल्कि ऐसी व्यवस्था विकसित करने की है जिससे कोई गड़बड़ी न हो.” निजी धार्मिक संस्थाओं द्वारा संचालित मंदिरों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि BAPS, इस्कॉन और दिल्ली के झंडेवालान मंदिर जैसे संस्थानों ने प्रभावी प्रशासन का उदाहरण प्रस्तुत किया है.
'CEO नियुक्त कर पेशेवर प्रशासनिक ढांचा विकसित हो'
आलोक कुमार ने सुझाव दिया कि राम मंदिर ट्रस्ट को एक मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त करने, अधिकारों का उचित विकेंद्रीकरण करने और दैनिक संचालन के लिए पेशेवर प्रशासनिक ढांचा विकसित करने पर विचार करना चाहिए. जब उनसे पूछा गया कि क्या ट्रस्ट में रिक्त पदों को भरने पर विचार किया जा रहा है, तो उन्होंने कहा कि यह निर्णय पूरी तरह ट्रस्टियों के अधिकार क्षेत्र में आता है.

'दान में मिले हर एक रुपए का सही हिसाब-किताब रखा जाए'
उन्होंने कहा कि मंदिर प्रशासन में स्पष्ट कार्यप्रणाली, आधुनिक तकनीक और प्रभावी निगरानी तंत्र होना चाहिए, ताकि श्रद्धालुओं द्वारा दान किया गया हर रुपया सुरक्षित रहे और उसका सही हिसाब-किताब रखा जा सके. उन्होंने आगे कहा कि निर्धारित प्रक्रियाएं, उचित उपकरण और तकनीक तथा मजबूत प्रशासनिक ढांचा होना चाहिए, जिससे पारदर्शिता बनी रहे, श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलें और दान की राशि सुरक्षित रहे.
दोषी जेल जाए, तब लोगों का विश्वास होगा बहालः आलोक कुमार
विश्व हिंदू परिषद के अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा, 'भगवान राम और श्रद्धालुओं के बीच का संबंध अटूट है. जरूरी यह है कि आरोपों के पूरे दायरे की जांच हो, सभी दोषियों को चिन्हित कर जेल भेजा जाए. ऐसा होने पर लोगों का विश्वास फिर से बहाल होगा.' समाजवादी पार्टी द्वारा लगाए गए आरोप कि मामले में प्रभावशाली लोगों को बचाया जा रहा है, आलोक कुमार ने इसे खारिज करते हुए कहा कि ऐसे आरोपों का कोई आधार नहीं है.
भगवान राम और भक्तों का रिश्ता अटूट
उन्होंने कहा, 'किसी को भी नहीं बचाया गया है. पुलिस सभी आरोपों की जांच करेगी और हर दोषी को कानून के कटघरे में लाएगी.' VHP अध्यक्ष ने कहा कि इस विवाद के आधार पर श्रद्धालुओं की आस्था पर सवाल नहीं उठाया जाना चाहिए. उनके मुताबिक हो सकता है कि जिम्मेदारी संभाल रहे कुछ लोग अपने कर्तव्यों में विफल रहे हों, लेकिन भगवान राम और भक्तों के बीच का संबंध इससे कहीं अधिक मजबूत है.
'सपा 2027 के चुनाव से जोड़ रही, मैं ऐसे बयानों को महत्व नहीं देता'
उन्होंने कहा, “ट्रस्ट डीड के अनुसार रिक्त पदों को भरने का अधिकार ट्रस्टियों को है. यह उनका निर्णय है, हमारा नहीं.” विवाद को लेकर हो रही राजनीतिक टिप्पणियों पर आलोक कुमार ने समाजवादी पार्टी के बयानों को खारिज करते हुए उन्हें आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों से जोड़ दिया. उन्होंने कहा, “कुछ सवाल हास्यास्पद हैं. समाजवादी पार्टी हमेशा राम और राम मंदिर का विरोध करती रही है. वे 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारी कर रहे हैं, इसलिए मैं ऐसे बयानों को ज्यादा महत्व नहीं देता.”
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