विज्ञापन

राज्यसभा चुनाव के लिए बीजेपी ने कसी कमर, कुछ राज्यों में क्रॉस वोटिंग पर नजरें

10 राज्यों की 24 राज्यसभा सीटों पर होने वाले चुनाव के लिए बीजेपी ने अपनी रणनीतिक तैयारियां तेज कर दी हैं. पार्टी की नजर कुछ खास राज्यों में विपक्षी विधायकों की संभावित क्रॉस वोटिंग पर है.

राज्यसभा चुनाव के लिए बीजेपी ने कसी कमर, कुछ राज्यों में क्रॉस वोटिंग पर नजरें
Rajya Sabha Election 2026

18 जून को राज्यसभा की 25 सीटों पर होने वाले चुनाव के लिए बीजेपी ने कमर कस ली है. कल देर रात तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में उनके सरकारी निवास पर बीजेपी की केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक हुई. इसमें अन्य राजनीतिक विषयों के अलावा राज्य सभा चुनावों के लिए भी पार्टी की रणनीति पर विचार किया गया. पार्टी जल्दी ही अपने उम्मीदवारों के नामों का ऐलान करने जा रही है. केंद्र सरकार में दो राज्य मंत्रियों का राज्य सभा कार्यकाल भी इसी महीने समाप्त हो रहा है. मोदी मंत्रिपरिषद में संभावित फेरबदल की अटकलों के बीच यह भी देखा जा रहा है कि इन्हें दोबारा राज्यसभा दी जाती है या नहीं.

आज चुनाव आयोग जारी करेगा नॉटिफिकेशन

18 जून को होने जा रहे राज्यसभा चुनाव के लिए आज चुनाव आयोग अधिसूचना जारी कर रहा है और इसी के साथ नामांकन भरे जा सकेंगे. नामांकन की अंतिम तिथि 8 जून है. राज्यसभा चुनाव के इस दौर में 22 सीटों पर कार्यकाल पूरा होने के कारण जबकि तीन उपचुनाव कराए जा रहे हैं. एनडीए को उम्मीद है कि इस दौर के चुनाव के बाद राज्यसभा में उसका आंकड़ा डेढ़ सौ पार हो जाएगा और वह दो-तिहाई बहुमत के नजदीक पहुंच जाएगा. इस महीने बीजेपी के 11 और उसके सहयोगी दलों के तीन सांसद रिटायर हो रहे हैं. जबकि बीजेपी की सहयोगी एनसीपी की नेता और महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के इस्तीफे से खाली सीट पर उपचुनाव हो रहा है. वहीं ओडिशा में बीजेडी के सांसद देबाशीष सामंतरे इस्तीफा देकर बीजेपी में शामिल हो गए. अब उनकी सीट पर भी उपचुनाव कराया जा रहा है. माना जा रहा है कि 25 में से एनडीए को 17-18 सीटें मिल सकती हैं. इस तरह एनडीए राज्य सभा में डेढ़ सौ का आंकड़ा पार कर लेगा जो अभी 148 पर है. सबसे अधिक फायदा टीडीपी को होगा.

कुछ राज्यों में क्रॉस वोटिंग की नौबत आ सकती है. खासतौर से मध्य प्रदेश में कांग्रेस के विधायकों पर नजर रहेगी जहां मौजूदा संख्या बल के हिसाब से कांग्रेस तीन में से एक सीट जीतने की स्थिति में है लेकिन उसे इसके लिए जोर लगाना पड़ेगा. हालांकि उसके पास केवल छह सरप्लस वोट हैं. ऐसे में किसी वरिष्ठ नेता पर दांव लगाया जा सकता है. खुद दिग्विजय सिंह फिर से राज्यसभा जाने से इनकार कर चुके हैं. राज्य में दो सीटें बीजेपी और एक कांग्रेस को मिल सकती है. बीजेपी की ओर से केंद्रीय राज्य मंत्री जॉर्ज कूरियन भी दौड़ में हैं जिनका कार्यकाल इस महीने समाप्त हो रहा है.

केंद्रीय मंत्रियों पर तलवार लटकी

केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण और रेलवे राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू राजस्थान से राज्यसभा सांसद हैं. उनका कार्यकाल 21 जून को समाप्त हो रहा है. इसी तरह अल्पसंख्यक मामलों और मत्स्य पालन मंत्रालय में राज्यमंत्री जॉर्ज कूरियन मध्य प्रदेश से राज्यसभा सांसद हैं. उनका कार्यकाल भी 21 जून को समाप्त हो रहा है. माना जा रहा है कि पंजाब विधानसभा चुनाव के मद्देनजर रवनीत सिंह को पार्टी दोबारा राज्य सभा भेज सकती है. वहीं कूरियन को केरल चुनाव के मद्देनजर सरकार में लाया गया था. अब देखना होगा कि बीजेपी उन्हें फिर से राज्य सभा भेजती है या नहीं. केंद्रीय मंत्रिपरिषद में इन दोनों मंत्रियों का बना रहना इस बात पर निर्भर करेगा कि वे फिर से राज्य सभा में आते हैं या नहीं.

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवेगौड़ा, मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, केंद्रीय मंत्री जॉर्ज कूरियन, और रवनीत सिंह बिट्टू आदि का कार्यकाल समाप्त हो रहा है.

खरगे की वापसी

कर्नाटक से संख्या बल के हिसाब से कांग्रेस को तीन सीटें मिल सकती हैं. इनमें से एक पर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे का चुना जाना तय माना जा रहा है. राजस्थान में बीजेपी को दो और कांग्रेस को एक सीट मिल सकती है. बीजेपी की ओर से केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू और कांग्रेस की ओर से पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पार्टी प्रवक्ता पवन खेड़ा का नाम चल रहा है.

गुजरात में कांग्रेस जीरो

कांग्रेस को बड़ा झटका गुजरात में लगने जा रहा है. अभी गुजरात से राज्यसभा की 11 सीटों में कांग्रेस का केवल एक ही सदस्य हैं. शक्तिसिंह गोहिल विधानसभा में विपक्ष के नेता रहे हैं. वे 21 जून को रिटायर हो रहे हैं. वर्तमान में एक सीट जीतने के लिए 46 वोट चाहिए जबकि कांग्रेस के पास केवल 12 विधायक हैं. यानी कांग्रेस का गुजरात से अपना कोई भी उम्मीदवार राज्यसभा चुनाव में नहीं जीत सकता. यह पहली बार होगा जब गुजरात जैसे महत्वपूर्ण राज्य से कांग्रेस का राज्य सभा में कोई भी सदस्य नहीं होगा.

हालांकि झारखंड में कांग्रेस की उम्मीदें सत्तारूढ़ जेएमएम पर टिकी हैं. वहां दो सीटों पर चुनाव होने हैं जिनमें एक सीट शिबू सोरेने के निधन से खाली हुई थी. कांग्रेस को उम्मीद है कि जेएमएम एक सीट उसे दे देगा.

यह भी पढ़ें: बिहार विधान परिषद चुनाव: क्यों चर्चा में आई RJD और AIMIM की वो पुरानी 'डील', जानिए पूरी कहानी

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com