विज्ञापन
This Article is From Mar 17, 2026

जीते उपेंद्र कुशवाहा, दोबारा राज्यसभा पहुंचने से परिवार कैसे हुआ मजबूत?

बिहार में सोमवार को कराए गए राज्यसभा के द्विवार्षिक चुनाव में बीजेपी के नेृत्व वाले एनडीए ने सभी पांच सीटों पर जीत दर्ज की है. जीतने वालों ने राष्ट्रीय लोक मोर्चा के प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा भी शामिल हैं. इस कुशवाहा के लिए इस जीत के मायने क्या हैं पढ़िए इस स्टोरी में.

जीते उपेंद्र कुशवाहा, दोबारा राज्यसभा पहुंचने से परिवार कैसे हुआ मजबूत?
नई दिल्ली:

बिहार में राज्यसभा की पांच सीटों के लिए सोमवार को चुनाव कराया गया. इस चुनाव में एनडीए को सभी पांच सीटों पर जीत मिली है. जीतने वालों में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन, केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर, राष्ट्रीय लोक मोर्चा के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा और बीजेपी के शिवेश कुमार शामिल हैं. ठाकुर और कुशवाहा का राज्यसभा के लिए यह दूसरा कार्यकाल है.वहीं विपक्षी इंडिया गठबंधन को इस चुनाव में निराशा मिली है. इस चुनाव में सबसे अधिक फायदे में रालोमो के उपेंद्र कुशवाहा नजर आ रहे हैं. 

इस चुनाव के लिए बीजेपी ने जो क्रम आबंटित किया था, उसमें चौथे नंबर पर उपेंद्र कुशवाहा और पांचवें नंबर पर शिवेश कुमार का नाम था. इसका मतलब यह हुआ कि बीजेपी ने अपने उम्मीदवार से अधिक वरीयता दूसरे पार्टी के उम्मीदवार को दी थी. राज्यसभा चुनाव में अगर विपक्षी खेमे के सभी विधायकों ने वोट किया होता तो बीजेपी उम्मीदवार शिवेश हार भी सकते थे. यह स्थिति यह बताने के लिए काफी है कि बीजेपी के लिए कुशवाहा की अहमियत कितनी है. 

बिहार की राजनीति में उपेंद्र कुशवाहा का परिवार 

बीते साल नवंबर में हुए विधानसभा चुनाव में कुशवाहा के राष्ट्रीय लोक मोर्चा ने चार सीटों पर जीत दर्ज की थी. इसके बाद कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश को बिहार की नीतीश कुमार कैबिनेट में मंत्री बनाया गया. वहीं कुशवाहा की पत्नी स्नेहलता विधायक हैं. दीपक प्रकाश अभी विधानसभा के किसी भी सदन के सदस्य नहीं है. उन्हें बिहार विधान परिषद भेजे जाने की चर्चा है. पत्नी को टिकट दिए जाने से पार्टी के भीतर आलोचकों के निशाने पर आए कुशवाहा की मुश्किलें उस समय और बढ़ गई थीं जब उनके बेटे दीपक को कैबिनेट मंत्री बनाया गया. इसके बाद से रालोमो में बगावत के सुर उभर आए थे. कई पदाधिकारियों ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया था. इसके बाद रालोमो के भविष्य को लेकर अटकलें भी लगाई जाने लगीं. इसके बाद रालोमो के बीजेपी में विलय की चर्चाओं ने भी जोर पकड़ा, कहा गया कि बीजेपी ने राज्यसभा की सीट के बदले कुशवाहा से अपनी पार्टी का विलय करने की शर्त रखी है. लेकिन राज्यसभा चुनाव में मिली जाती के बाद कुशवाहा ने इन सभी चर्चाओं पर विराम लगा दिया है. इस तरह उन्होंने राज्यसभा की सीट जीतने के साथ-साथ अपनी पार्टी की स्थिति भी मजबूत कर ली है.    

बिहार में कुशवाहा वोटों को महिमा कितनी बड़ी है

बिहार में उपेंद्र कुशवाहा की कोईरी जाति का आबादी करीब सवा चार फीसदी है. इस सवा चार फीसदी वोट की अहमियत कितनी है, इसके लिए 2020 और 2025 के विधानसभा चुनाव के परिणाम का आकलन करना होगा. नवंबर 2025 के विधानसभा चुनाव में रालोमो को छह सीटें चुनाव लड़ने के  लिए मिली थीं.ये सीटें थीं-बाजापट्टी, मधुबनी, सासाराम,दिनारा, उजियारपुर और पारु. इसमें से रालोमो ने बाजापट्टी, मधुबनी, सासाराम और दिनारा सीट जीत ली थी. सासाराम से उपेंद्र कुशवाहा की पत्नी स्नेहलता जीती थीं. बिहार में कुशवाहा (कोइरी) जाति की आबादी मगध-शाहाबाद के अलावा सीवान, भागलपुर-बांका और दोनों चंपारण में अच्छी-खासी है. माना जाता है कि इन इलाकों की करीब 45 सीटों पर कोइरी जाति निर्णायक भूमिका में होती है. 

उपेंद्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक समता पार्टी ने 2020 का चुनाव एनडीए की जगह बसपा, एआईएमआईएम और कुछ अन्य दलों के साथ मोर्चा बनाकर लड़ा था. रालोसपा ने 49 सीटों पर चुनाव लड़ा था और हर सीट पर उसे हार का सामना करना पड़ा था. अलग चुनाव लड़ने से केवल कुशवाहा को ही नहीं बल्कि एनडीए को भी नुकसान हुआ था. हालात यह थी कि मगध की 47 सीटों में से एनडीए को केवल 18 सीटें मिली थीं. वहीं 2025 के चुनाव में एनडीए ने इस इलाके में 40 सीटें अपने नाम की थीं. इसी तरह से शाहाबाद में 2020 के चुनाव में एनडीए को केवल दो सीटें मिली थीं, वहां 2025 के चुनाव में एनडीए ने 19 सीटें अपने नाम कर ली थीं. कुशवाहा 2025 के चुनाव से पहले एनडीए में शामिल हो गए थे.ये आकंड़े बिहार के चुनाव मैदान में कुशवाहा की ताकत बताने के लिए काफी हैं. 

ये भी पढें: राज्यसभा में इस चुनाव के बाद एनडीए और भी मजबूत, आने वाले चुनावों में भी रहेगा यही ट्रेंड

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Rajya Sabha Election, Bihar, Upendra Kushwaha
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com