राजीव गांधी हत्‍या मामले की दोषी नलिनी ने खुदकुशी करने की धमकी दी: अधिकारी

तमिलनाडु जेल विभाग के प्रमुख सुनील कुमार सिंह ने NDTV को बताया, "यह ब्लैकमेल या धमकी की तरह था. उसने आत्महत्या का प्रयास नहीं किया." घटना वेल्लोर महिला जेल में हुई, जहां नलिनी बंद है.

राजीव गांधी हत्‍या मामले की दोषी नलिनी ने खुदकुशी करने की धमकी दी: अधिकारी

55 वर्षीय नलिनी वेल्‍लोर महिला जेल में बंद है

चेन्‍नई:

राजीव गांधी हत्‍या मामले (Rajiv Gandhi Case) में उम्र कैद की सजा काट रही नलिनी श्रीहरन (Nalini Sriharan) ने सोमवार रात कल रात जेल में आत्महत्या करने की धमकी दी. मामले के एक अन्‍य दोषी की ओर से परेशान किए जाने का आरोप लगाए जाने के बाद नलिनी ने यह धमकी दी. तमिलनाडु के एक शीर्ष अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी. तमिलनाडु जेल विभाग के प्रमुख सुनील कुमार सिंह ने NDTV को बताया, "यह ब्लैकमेल या धमकी की तरह था. उसने आत्महत्या का प्रयास नहीं किया." घटना वेल्लोर महिला जेल में हुई, जहां 55 वर्षीय नलिनी दशकों से जेल में बंद है.

सिंह ने बताया, "नलिनी ने ने खुद को जान से मारने की धमकी दी जब जेल प्रशासन उत्पीड़न की शिकायत के बारे में पूछताछ कर रही थी. एक अन्य दोषी ने आरोप लगाया था कि नलिनी उसे परेशान करती है और वह अलग सेल में शिफ्ट होना चाहती है. नलिनी ने इसके बाद धमकी दी कि यदि महिला को शिफ्ट किया जाता है तो वह आत्महत्या करने कर लेगी.'' उधर, नलिनी के वकील पी. पुगलेंथी को समाचार एजेंसी ANI के हवाले से कहा कि उसने (नलिनी ने) जेल अधिकारी से झगड़े के बाद खुद को मारने की कोशिश की. वकील ने जेल अधिकारियों पर यातना देने का आरोप लगाते हुए तमिलनाडु सरकार से अपील की कि नलिनी को दूसरी जेल में स्थानांतरित किया जाए

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वकील ने कहा कि उन्हें बताया गया था कि यह लड़ाई नलिनी के खिलाफ एक अन्य दोषी द्वारा की गई शिकायत पर शुरू हुई. इस शिकायत को लेकर संदेह है. पुगलेंथी ने ANI  को बताया, "8:30 बजे, जेलर नलिनी की कोठरी में गया और शिकायत के बारे में पूछताछ की. पूछताछ के दौरान, जेलर और नलिनी के बीच झगड़ा हुआ, इसके वह परेशान हो गई और आत्महत्या करने का प्रयास किया." मामले की जांच की मांग करते हुए उन्‍होंने कहा, ''यह अधिकारियों की नजरिया है हालांकि, हम इस पर विश्वास नहीं करते हैं. वह पिछले 30 वर्षों से जेल में है और इस तरह के कदम उठाने का कभी प्रयास नहीं किया है. यह विश्वसनीय नहीं है. मुझे लगता है कि जेल अधिकारियों ने उसे यातना दी थी." वकील पी. पुगलेंथी ने नलिनी की जान को खतरा बताते हुए जेल अधिकारियों और मुख्यमंत्री ई. पलानीसामी से उसे चेन्नई जेल में ट्रांसफर करने का अनुरोध किया था. गौरतलब है कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की 1991 में तमिलनाडु के श्रीपेरंबुदूर में एक चुनावी रैली के दौरान हत्या के मामले में नलिनी और छह अन्य लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी. आतंकी संगठन लिट्टे पर इस हत्‍या की साजिश रचने का आरोप लगा था.