नेशनल हेराल्ड (National Herald) अखबार से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग जांच में कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) से मंगलवार को दूसरे दिन उनसे 10 घंटे तक पूछताछ की गई. सूत्रों के अनुसार नेशनल हेराल्ड अखबार से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी को कल फिर से प्रवर्तन निदेशालय के सामने पेश होने के लिए कहा गया है. उनसे साढ़े तीन बजे तक करीब चार घंटे तक ईडी दफ्तर में पूछताछ हुई. इसके बाद वे ईडी आफिस से निकल गए. करीब एक घंटे बाद आगे की पूछताछ के लिए वे फिर से ईडी आफिस पहुंचे. यह चौथे चरण की पूछताछ करीब छह घंटे चली. इससे पहले सोमवार को भी उनसे 10 घंटे से अधिक समय तक पूछताछ हुई थी.
इससे पहले ईडी के समन का विरोध कर रहे कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला, उत्तराखंड के पूर्व सीएम हरीश रावत समेत 100 से ज्यादा नेताओं को कांग्रेस दफ्तर के बाहर पुलिस ने हिरासत में लिया. वे सभी राहुल गांधी के साथ ईडी दफ्तर की ओर मार्च करने की कोशिश कर रहे थे.
कांग्रेस दफ्तर और ईडी मुख्यालय के आसपास पुलिस ने धारा 144 लगा रखी है और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम कर रखे हैं. वहां पुलिस और पैरा मिलिट्री के जवान तैनात किए गए हैं. दूसरी तरफ, कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने बीजेपी सरकार पर हमला बोला और बीजेपी नेताओं के नाम गिनाकर पूछा है कि ED हिमंता विस्वा सरमा या येदियुरप्पा को क्यों नहीं बुलाती?
सुरजेवाला ने कहा कि राहुल गांधी के खिलाफ ईडी की जांच उनकी आवाज दबाने की कोशिश है क्योंकि उन्होंने हमेशा मोदी सरकार से चीन द्वारा हमारे क्षेत्र पर कब्जा करने, महंगाई, ईंधन की कीमतों में वृद्धि, बेरोजगारी, धार्मिक प्रतिशोध जैसे मुद्दों पर सवाल उठाए हैं.
सुरजेवाला ने कहा कि बीजेपी मीडिया और वाट्सएप यूनिवर्सिटी का इस्तेमाल कर रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी उद्योगपतियों के एजेंट के तौर पर काम कर रहे हैं और उन्हें विदेशों में ठेके दिला रहे हैं. उन्होंने कहा, क्रोनोलॉजी समझिए कि बीजेपी ने हमला बोला है क्योंकि राहुल गांधी आप जनता की आवाज उठाते हैं. राहुल उनकी आंखों में आंखें डालकर उनकी सरकार पर सवाल उठाते हैं. कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि यह हमला सिर्फ राहुल और कांग्रेस पर नहीं बेरोजगारों और गरीबों पर है.
प्रवर्तन निदेशालय ने नेशनल हेराल्ड अखबार से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूछताछ के लिए राहुल गांधी और उनकी मां सोनिया गांधी को तलब किया था. कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि ये पूछताछ सत्तारूढ़ भाजपा की "प्रतिशोध की राजनीति" का हिस्सा है.