लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने फिर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान एक अपराधी शिक्षा मंत्री हैं. उन्हें हटाया जाना चाहिए. वह हमारे शिक्षा तंत्र के ध्वस्त होने का प्रतीक हैं. उन्हें जाना होगा. उन्हीं की वजह से हजारों लोग बाहर हैं. उन्हें जाना होगा. उन्होंने छात्रों के खिलाफ हुए पुलिस एक्शन को लेकर सरकार पर निशाना साधा.
'छात्रों को मारना और धमकाना बंद कीजिए'
राहुल गांधी ने कहा, 'हमने शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया है. हमारी पहली मांग है कि जिसके कारण पेपर लीक हो रहा है, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए. दूसरी मांग यह है कि हमारे भविष्य पर गोली चलाई गई, लाठियां बरसाई गईं, उन लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए. तीसरी मांग यह है कि नरेंद्र मोदी जी, जो पूरे सिस्टम के ऑपरेटर हैं, वे हजारों युवाओं से माफी मांगें. इन युवाओं को शारीरिक नुकसान पहुंचा है. मैं यह भी नहीं कह सकता कि इनमें से कुछ की आंखें बचेंगी या नहीं. इनकी कोई गलती नहीं है. यही हमारी तीन मांगें हैं. हमारे छात्रों को मारना बंद कीजिए, उन्हें धमकाना बंद कीजिए और उनकी मांगें पूरी कीजिए. यही हमारा संदेश है.
राहुल गांधी ने आगे कहा कि ' जब छात्र हिंदुस्तान का तिरंगा लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे, तब उन पर पैलेट गन चलाई गई. सरकार कह रही है कि कोई पैलेट गन नहीं चली, लेकिन यह देखिए, यही पैलेट गन का असर है. इनकी आंख खराब हो गई है, इन्हें दिखाई नहीं दे रहा है. ये हिंदुस्तान का भविष्य हैं. ऐसे हजारों युवाओं पर पैलेट गन चलाई गई, लाठीचार्ज किया गया, उन्हें मारा-पीटा गया. जबकि ये सिर्फ शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे. ये प्रदर्शन इसलिए कर रहे हैं क्योंकि इनका पेपर लीक हो गया.'
उन्होंने कहा कि इन्होंने पुलिस भर्ती की परीक्षा के लिए सालों तक मेहनत की और फिर एक दिन इन्हें बताया गया कि पेपर लीक हो गया है. जिनके पास 60-70 लाख रुपये थे, वे पेपर खरीदकर आगे निकल गए और जिनके पास नहीं थे, वे पीछे रह गए. यह लाखों लोगों के साथ हुआ है. इनके माता-पिता ने मेहनत की कमाई से इन्हें अवसर दिलाने की कोशिश की. इसलिए सरकार को झूठ बोलना बंद करना पड़ेगा. सरकार ने हमारे भविष्य पर हमला किया है.
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