- अजित पवार की विमान दुर्घटना को उनके भतीजे रोहित पवार ने संभावित साजिश बताया है
- क्रैश से कुछ सेकंड पहले पायलट की घबराई हुई आवाज़ ने अचानक तकनीकी खराबी की आशंका जताई है
- रोहित पवार ने टेक्निकल लॉग, मेंटेनेंस और प्रमाणन प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर गंभीर संदेह व्यक्त किया है
महाराष्ट्र के पूर्व डिप्टी सीएम अजित पवार की 28 जनवरी की एयरक्राफ्ट दुर्घटना पर अब नया विस्फोटक मोड़ आ गया है। NCP (SP) विधायक और उनके भतीजे रोहित पवार ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दावा किया कि यह हादसा “सिर्फ एक एक्सीडेंट नहीं, बल्कि संभवतः एक साज़िश” भी हो सकता है. उन्होंने विमान की उड़ान से लेकर क्रैश के आखिरी सेकंड तक कई बड़े सवाल उठाए.
अजित पवार प्लेन क्रैश पर रोहित पवार की प्रेस कॉन्फ्रेंस; रोहित ने पायलट पर उठाए सवाल#AjitPawar | #RohitPawar | @DeoSikta
— NDTV India (@ndtvindia) February 11, 2026
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रोहित पवार ने बताया कि परिवार को यह जानकारी मिली है कि क्रैश से चंद सेकंड पहले पायलट की घबराई हुई आवाज़ “Oh Sh##” सुनी गई. इससे संकेत मिलता है कि विमान में अचानक ऐसी तकनीकी गड़बड़ी आई जिसे पायलट संभाल नहीं पाए. क्या वह चेतावनी प्रणाली (Warning System) बंद थी? या कोई अलर्ट पायलट को समय पर नहीं मिला?
टेक लॉग, मेंटेनेंस और प्रमाणन पर उठे सवाल
रोहित ने कहा कि हर फ्लाइट से पहले तकनीकी जांच (टेक लॉग) और प्रमाणन अनिवार्य है. उन्होंने पूछा कि किसने टेक लॉग पर साइन किया? रोज़ाना की चेकिंग किसने की? एयरक्राफ्ट को ‘एयरवर्दी' किसने घोषित किया?” उन्होंने आरोप लगाया कि एयरलाइन कंपनी के मेंटेनेंस रिकॉर्ड में गंभीर कमियां थीं और कई प्रक्रियाओं को नज़रअंदाज़ किया गया.
विज़िबिलिटी को लेकर भी रोहित पवार ने उठाए सवाल
रोहित पवार ने यह भी कहा कि नियम स्पष्ट रूप से बताते हैं कि लैंडिंग के लिए कम से कम 5 किलोमीटर की विज़िबिलिटी अनिवार्य होती है, फिर भी हैंडलर और ग्राउंड टीम ने विज़िबिलिटी को “क्लियर” क्यों बताया? उन्होंने मुख्य पायलट कैप्टन कपूर की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाते हुए पूछा कि क्यों उन्होंने आसान रनवे 29 को छोड़कर कठिन रनवे 11 पर लैंडिंग का फैसला लिया क्या इस पर VSR कंपनी का कोई दबाव था?
रोहित ने साफ किया कि सह-पायलट पाठक की कोई गलती नहीं थी, लेकिन मुख्य पायलट के फैसलों, व्यवहार और पिछले रिकॉर्ड पर कई संदेह हैं. उन्होंने कहा कि हर स्थिति की सच्चाई सामने लाने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र, पारदर्शी और गहन जांच बेहद जरूरी है.
ट्रांसपोंडर बंद होने और वॉर्निंग सिस्टम पर भी उठाया सवाल
रोहित ने दावा किया कि विमान का ट्रांसपोंडर क्रैश से ठीक एक मिनट पहले बंद हो गया था. एक ऐसी बात जो “एक्सीडेंट” की धारणा को कमजोर करती है. उन्होंने पूछा कि क्या Enhanced Ground Proximity Warning System (EGPWS) काम कर रहा था? और विमान आखिर 360° घूमते हुए क्यों देखा गया?
रोहित पवार ने कहा कि परिवार अब एक मल्टी-एजेंसी, अंतरराष्ट्रीय स्तर की जांच की मांग करेगा. उन्होंने कहा कि हमारे मन में कई शक हैं… जब तक हर सेकंड का सच सामने नहीं आएगा, हम इसे हादसा नहीं मान सकते.”
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