- राहुल गांधी ने विदेश से लौटकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से पंजाब नेतृत्व संकट पर विस्तृत चर्चा की है
- पंजाब प्रभारी महासचिव भूपेश बघेल को दिल्ली बुलाया गया है, जहां वे राहुल गांधी और खरगे से मिलेंगे
- पंजाब कांग्रेस के अधिकांश नेता दिल्ली पहुंच रहे हैं, जिससे जल्द ही पंजाब का नेतृत्व संकट सुलझाने की उम्मीद है
पंजाब में कांग्रेस पार्टी का जो संकट बना हुआ है, उस पर अगले 12 घंटों में कुछ अहम फैसले आ सकते हैं. राहुल गांधी ने विदेश से लौटने के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के साथ मुलाकात की और माना जा रहा है कि पंजाब में नेतृत्व को लेकर जो पेंच फंसा हुआ है, उसको सुलझाने पर विस्तृत चर्चा हुई है. इसके बाद पंजाब के प्रभारी महासचिव और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को दिल्ली बुलाया गया है. बघेल मंगलवार देर रात को ही दिल्ली पहुंच रहे हैं. हालांकि भूपेश बघेल ने संगठन महासचिव के सी वेणुगोपाल को फोन पर पूरी जानकारी दे दी है, मगर अब उनकी मुलाकात राहुल गांधी और खरगे से होनी है.
बघेल पांच दिनों तक चंडीगढ़ में थे और लगभग पंजाब कांग्रेस के सभी नेताओं से मुलाकात की है. उन्होंने चरणजीत सिंह चन्नी और सुखजिंदर सिंह रंधावा से भी बातचीत की है. उधर राहुल गांधी के दिल्ली आने और खरगे से मुलाकात के बाद चन्नी भी दिल्ली पहुंच रहे हैं. इसके साथ ही पंजाब कांग्रेस के अन्य नेताओं का दिल्ली आने का सिलसिला जारी है, यानि पूरी पंजाब कांग्रेस बुधवार को आपको दिल्ली में ही दिखाई देगी. लगता है पंजाब में अब फैसले की घड़ी आ चुकी है.

पिछले कुछ दिनों में राहुल गांधी ने कनार्टक, केरल और तमिलनाडु को लेकर जिस तरह के फैसले लिए हैं लगता है कि पंजाब को लेकर भी वो सख्त रुख़ अपनाएंगे और पंजाब में चन्नी जैसे नेताओं से उसी तरह निबटेंगे.

मगर कांग्रेस दफ्तर के गलियारों में जो बातें हो रही है, उससे यह लगता है कि शायद राहुल गांधी पंजाब को लेकर कुछ और भी फैसला कर सकते हैं. माना जा रहा है कि पंजाब से जिस तरह की खबरें आ रही हैं, उससे राहुल गांधी चरणजीत सिंह चन्नी की बात सुनने के लिए भी तैयार हैं और जरूरत पड़ा तो पंजाब में एक नया फॉर्मूला भी सामने आ सकता है, क्योंकि राहुल गांधी और खरगे को भी लगने लगा है कि केन्द्रीय नेतृत्व को अपने जिद पर अड़ा नहीं रहना चाहिए.
पंजाब में ये दोनों क्या करेंगे? अभी तो किसी को मालूम नहीं लेकिन जो भी फैसला होगा, वो पंजाब में कांग्रेस का भविष्य तय करेगी. वैसे होने को तो पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वाडिंग खुद अपना इस्तीफा देकर राहुल गांधी और खरगे की मुश्किलों को आसान कर सकते हैं. लेकिन चरणजीत सिंह चन्नी की बात मान ली गई तो कांग्रेस आलाकमान के इक़बाल पर सवाल उठ जाएगा और कल को किसी भी अन्य प्रदेश का नेता या मुख्यमंत्री भी ऐसा कर सकता है. पंजाब कांग्रेस को हमेशा सिरदर्द देता आया है और इस बार देखना होगा कि राहुल गांधी इससे कैसे पार पाते हैं.
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