- पुणे पोर्श हादसे में इंजीनियर अनीश अवधिया की मौत के दो साल बाद भी पीड़ित परिवार न्याय की गुहार लगा रहा है
- अनीश की मां का आरोप है कि आरोपी नाबालिग के पिता विशाल अग्रवाल ने पैसे देकर मामले को प्रभावित किया है
- आरोपी की मां शिवानी अग्रवाल सहित कई आरोपियों को जमानत मिल चुकी है, जिससे पीड़ित परिवार दुखी है
"दो साल बीत चुके हैं, मेरे बेटे को अभी तक न्याय नहीं मिला. पूरा सिस्टम करप्ट है. जेल में बंद सभी लोगों को धीरे-धीरे जमानत मिल रही है. ऐसा लगता है जैसे विशाल अग्रवाल ने पहले भी पैसे खिलाए थे, अब नए जज को भी शायद उन्होंने पैसे खिला दिए होंगे...." ये दर्द है उस मां का, जिसने दो साल पहले पुणे पोर्श कांड में अपने 24 साल के इंजीनियर बेटे को खो दिया था. उनका कहना है कि आरोपी की मां शिवानी अग्रवाल को जमानत मिल गई और सभी डॉक्टर और अन्य संबंधित लोगों को भी धीरे-धीरे जमानत मिल गई.
आरोपियों को जमानत मिलने से पीड़ित परिवार दुखी
पोर्श कार दुर्घटना में जान गंवाने वाले इंजीनियर अनीश अवधिया की मां सविता अवधिया आरोपियों को जमानत मिलने से बहुत दुखी हैं. उनका कहना है किस केस में जो आगे होना चाहिए था वह नहीं हुआ. उनका आरोप है कि वहां की व्यवस्था पूरी तरह से त्रुटिपूर्ण है, क्योंकि एक-एक करके सभी को जमानत मिल रही है. उन्होंने कहा कि हमारी मांग ये थी कि एक्सीडेंट नाबालिग ने किया है, इसको लेकर कानून बनाया जाए, ताकि लोग यह सीखें कि कम उम्र वाले बच्चों को गाड़ियां नहीं देनी चाहिए और न ही इतनी छूट देनी चाहिए.
VIDEO | Pune Porsche car crash case: Family of victim Anish Awadhiya still awaiting justice.
— Press Trust of India (@PTI_News) May 19, 2026
His mother Savita Awadhiya says, “The system there is completely flawed because, one by one, everyone is getting bail. It has been almost two years, and my son still has not received… pic.twitter.com/nqOpgCkQFf
पहले छूट दी, एक्सीडेंट किया तो कह रहे बच्चा है
सविता अवधिया ने कहा कि मां-बाप को अपने नाबालिग बच्चों को इतनी छूट नहीं देनी चाहिए कि आपका बच्चा पब में जाकर शराब पी रहा है. इतनी महंगी गाड़ी लेकर घूम रहा है. आपको लगा होगा कि आपका बच्चा बड़ा हो गया है तभी आपने उसको ये सब दिया है. फिर जब वह ऐसी घटना कर देता है तो कहते हैं कि बच्चा नाबालिग था.
अनीश अवधिया की मां ने की कानून बनाने की मांग
अनीश अवधिया की मां की मांग है कि इस मामले में एक कानून बनाया जाना चाहिए, ताकि लोगों को यह सीख मिले कि उनको अपने बच्चों को इस तरह का व्यवहार करने की अनुमति नहीं देनी चाहिए. उन्होंने कहा कि ये कोई छोटा केस नहीं था कि किसी को थोड़ी सी चोट लगी हो. उन्होंने कहा कि अगर थोड़ी चोट लगी होती तो वे लोग भी कुछ नहीं बोलते. लेकिन उन्होंने अपने बच्चे को खोया है.

आरोपी नाबालिग के पिता पर पैसे खिलाने का आरोप
अनीश की मां का आरोप है कि उसके बाद जो भी हुआ, उसमें आरोपी के बिल्डर पिता विशाल अग्रवाल ने बड़ा खेल किया. उन्होंने सभी को पैसे खिलाए. पैसे के बल पर उन्होंने ब्लड सैंपल बदलवाए, वहां पुलिस वालों को भी पैसा दिया. वह सभी को पैसे खिलाकर अपने हक में फैसला करवा रहे हैं. मामले को दो साल होने वाले हैं लेकिन उनको कोई न्याय नहीं मिला है. उन्होंने कहा कि जो केस उनकी तरफ से फाइल किया गया था उसमें भी कोई कार्रवाई नहीं हो रही है.
18 मई 2024 को एक्सीडेंट में गई अनीश अवधिया की जान
अनीश की मां ने कहा कि 19 मई 2024 को उनके बेटे का एक्सीडेंट हुआ था और 21 मई को उसका शव घर पहुंचा था. बेटे की बरसी आ रही है. उनको लगा था कि अब तो न्याय मिलेगा. उनके नाम का जो भी फंड आता उससे वह बरसी पर कोई चैरिटी का काम करते. लेकिन इस मामले में आगे कुछ भी नहीं हो रहा है.

लग्जरी पोर्श कार से रौंदकर ली दो इंजीनियरों की जान
बता दें कि 19 मई 2024 को पुणे में 17 साल के एक लड़के ने अपनी लग्जरी पोर्श कार से बाइक सवार दो इंजीनियरों को बुरी तरह से रौंद दिया था. इस हादसे में 24 साल के अनीश अवधिया और 24 साल की अश्वनी कोष्टा की दर्दनाक मौत हो गई थी. मध्य प्रदेश के रहने वाले दोनों इंजीनियर पुणे में जॉब करते थे. बाद में पता चला कि एक्सीडेंट करने वाला नाबालिग शराब के नशे में धुत था.
इनपुट-PTI
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