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Parliament LIVE Updates: संसद में आज भी हंगामे के आसार, महिला आरक्षण और परिसीमन पर सत्ता-विपक्ष आमने सामने, आज बोलेंगे राहुल गांधी

संसद में महिला आरक्षण विधेयक पर तीखी बहस हुई. सरकार ने सभी दलों से 33% आरक्षण का समर्थन करने की अपील की, जबकि कांग्रेस ने संशोधन वापस लेने और सर्वदलीय बैठक की मांग की. संसद में आज भी इस मुद्दे पर हंगामे के आसार हैं. राहुल गांधी आज सरकार को घेरेंगे तो वहीं अमित शाह बहस का जबाव देंगे.

Parliament LIVE Updates: संसद में आज भी हंगामे के आसार, महिला आरक्षण और परिसीमन पर सत्ता-विपक्ष आमने सामने, आज बोलेंगे राहुल गांधी
नई दिल्ली:

संसद का विशेष सत्र जारी है. कल लोकसभा में महिला आरक्षण बिल पर जोरदार बहस हुई. प्रधानमंत्री मोदी से प्रियंका गांधी और ओवैसी तक ने इस मुद्दे पर अपने-अपने विचार रखे. विपक्षी दल इस कानून की जल्दबाजी को लेकर सरकार पर निशाना साध रहे हैं. गुरुवार देर रात तक महिला आरक्षण और परिसीमन बिल पर जोरदार बहस हुई. आज शाम चार बजे इस महिला आरक्षण पर वोटिंग भी होनी है. इस बीच महिलाओं को संसद में 33 प्रतिशत आरक्षण देने वाला महिला आरक्षण अधिनियम-2023 गुरुवार से लागू हो गया. इस संबंध में केंद्रीय कानून मंत्रालय ने नोटिफिकेशन जारी कर दिया है.

हालांकि, यह साफ नहीं हो पाया है कि वर्ष 2023 में पारित इस कानून को ऐसे समय में लागू क्यों किया गया, जब संसद में इसके क्रियान्वयन को 2029 से लागू करने के लिए संशोधन पर बहस चल रही है.

केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने शुक्रवार को सभी राजनीतिक दलों से महिला आरक्षण विधेयक का समर्थन करने की अपील करते हुए कहा कि संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित करना हर किसी की जिम्मेदारी है. संसद सत्र के बाद पत्रकारों से बातचीत में रिजिजू ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वयं सभी दलों से इस विधेयक का समर्थन करने की अपील की है और यह स्पष्ट कर दिया है कि इससे किसी भी राज्य को नुकसान नहीं होगा.

कांग्रेस का विरोध, संशोधनों को वापस लेने की मांग

वहीं कांग्रेस नेता के सी वेणुगोपाल ने महिला आरक्षण कानून से जुड़े संशोधनों को वापस लेने और इसके क्रियान्वयन पर चर्चा के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की. लोकसभा में बहस के दौरान उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं के सशक्तीकरण के नाम पर लोकतंत्र को नुकसान पहुंचा रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार का उद्देश्य महिलाओं को अधिकार देना नहीं, बल्कि चुनाव जीतना है. उन्होंने सवाल उठाया, 'महिला आरक्षण बिल 2023 में पास हो चुका था. 2024 में इसे लागू करने से किसने रोका?'

गौरतलब है कि संसद का विशेष तीन दिवसीय सत्र 2029 लोकसभा चुनाव से पहले महिला आरक्षण को लागू करने की प्रक्रिया पर विचार के लिए बुलाया गया है.

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