- झारखंड के गुमला जिले से एक शर्मनाक मामला सामने आया है, यहां 3 साल की एक बच्ची से रेप किया गया.
- बाद में पंचायत ने पीड़िता को न्याय दिलाने के बदले आरोपी को बचाने की कोशिश की.
- पंचायत ने आरोपी पर एक लाख का जुर्माना लगाया और उससे मिले 20 हजार रुपए से पार्टी की.
तीन साल की बच्ची से रेप में समाज का एक ऐसा शर्मनाक फैसला सामने आया है, जिसे सुनकर हर कोई हैरान है. समाज ने तीन साल की बच्ची से रेप के मामले में आरोपी पर एक लाख रुपए का जुर्माना लगाया. फिर आरोपी से मिले 20 हजार रुपए की चिकन और शराब पार्टी की. यह शर्मनाक फैसला झारखंड के गुमला जिले से सामने आया है. जहां कुछ दिनों पहले तीन साल की बच्ची से दुष्कर्म का मामला सामने आया था. इसके बाद दुष्कर्म की घटना को दबाने का प्रयास किया गया. गांव में पंचायत लगाकर दुष्कर्म के आरोपी पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया.
20 हजार की चिकन-दारू पार्टी की
पंचायत के फैसले के बाद आरोपी ने 20 हजार रुपए दिए. उस पैसे से पंचायत ने मांस और दारू की पार्टी की. जबकि आरोपी को 80 हजार रुपये एक सप्ताह के अंदर देने का फरमान सुनाया. गांव में जब दुष्कर्म की घटना के बाद जश्न मन रहा था, तभी पुलिस गांव पहुंची और आरोपी सुनील लोहरा को गिरफ्तार कर लिया.
गुमला के घाघरा थाना क्षेत्र की घटना
मामला गुमला जिले के घाघरा थाने के एक गांव की है. थाना प्रभारी मोहन कुमार ने बताया कि सूचना मिली थी कि तीन साल की बच्ची के साथ दरिंदगी के मामले को पंचायत में पंचायती कर गांव वाले दबाने का प्रयास कर रहे थे. गांव के दबाव के चलते मामला थाना तक नहीं पहुंच रहा था. जिसके बाद घाघरा पुलिस गांव जाकर पीड़िता की मां के बयान पर प्राथमिक दर्ज कर लिया है और आरोपी को गिरफ्तार भी कर लिया गया है.
आरोपी ने बच्ची के घर में ही किया था रेप
शनिवार की शाम चार बजे सुनील लोहरा पीड़िता के घर पहुंचा. घर में महिला अपने तीन वर्षीय बेटी के साथ थी. तभी सुनील ने महिला से कहा कि लाओ तुम्हारी बेटी को मैं पकड़ लेता हूं. तुम अपना काम करो. इसके बाद युवक सुनील लोहरा बच्ची को अपने साथ कमरे में ले गया. जहां बच्ची के साथ दुष्कर्म किया.
रेप की शर्मनाक घटना को दबाने की कोशिश
जब बच्ची खून से लथपथ होकर रोने लगी तो उसकी मां भागते हुए पहुंची. इसके बाद मामला पंचायत के पास पहुंचा. पंचायत के कुछ सदस्यों ने मामला को गांव में ही दबाने की योजना बनाई. पहले बच्ची को एक निजी डॉक्टर से दिखाया गया. इसके बाद रविवार को गांव में पंचायत की बैठक की गयी. जिसमें मामला को दबाने के लिए आरोपी पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया.
जब गांव में हो रही थी, तभी पहुंची पुलिस, आरोपी गिरफ्तार
गांव के एक प्रबुद्ध व्यक्ति ने पुलिस को गुप्त सूचना दी. इसके बाद घाघरा पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया. रविवार को पुलिस टीम गांव पहुंची. उस समय आरोपी द्वारा पंचायत को दिये गये जुर्माना के 20 हजार रुपये से गांव में पार्टी मनायी जा रही थी. पुलिस ने पार्टी मना रहे आरोपी को गिरफ्तार कर लिया. वहीं पीड़िता बच्ची की मां का बयान लिया.
अरंगी पंचायत के मुखिया लोदो एक्का ने कहा है कि पलमा गांव में एक बच्ची से दुष्कर्म के बाद कुछ लोगों ने बैठक की थी. इस बैठक की मुझे कोई सूचना नहीं दी गयी. जब पुलिस गांव पहुंची और मामला उजागर हुआ. तब मुझे गांव में बैठक करने की सूचना मिली.
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