Kolkata:
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार को एएमआरआई अस्पताल अग्निकांड मामले की न्यायिक जांच की घोषणा की। इस हादसे में 91 लोगों की मौत हो गई। राज्य सचिवालय रायटर्स बिल्डिंग में बनर्जी ने कहा, "हमने इस हादसे की न्यायिक जांच कराने का फैसला किया है। यह जांच खुफिया शाखा के संयुक्त पुलिस आयुक्त दमयंती सेन की जांच के समानांतर होगी।" उन्होंने कहा कि जांच टीम के बारे में फैसला सोमवार को विधानसभा सत्र के दौरान किया जाएगा। गौरतलब है कि कोलकाता पुलिस की एक उच्चस्तरीय टीम सेन के नेतृत्व में पहले ही इस मामले की जांच कर रही है और इस मामले में गिरफ्तार सात निदेशकों को पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। इस भीषण अग्निकांड में मरने वालों की संख्या 90 तक जा पहुंची है, जिसमें से 89 शवों की शिनाख्त हो चुकी है। मरने वालों में 85 रोगी हैं, जबकि 4 अस्पताल कर्मी हैं। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि आग लगने के दो घंटे बाद दमकल गाड़ियां मौके पर आईं। संयुक्त पुलिस आयुक्त दमयंती सेन ने कहा कि अस्पताल के बोर्ड के सदस्यों को गैर इरादन हत्या और लापरवाही बरतने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। इनमें जाने माने उद्योगपति एसके तोड़ी भी शामिल हैं। अस्पताल का दृश्य अभी भी भयावह है। पास के लेक पुलिस थाना को सबसे पहले सूचना चार बजकर 10 मिनट पर मिली, इसके 10 मिनट के अंदर अग्निशमन कर्मी ढाकुरिया स्थित एएमआरआई अस्पताल पहुंच गए। उन्होंने बताया कि एसी की नलिकाओं के जरिए धुआं फैल गया, लेकिन सौभाग्य से ऑक्सीजन सिलेंडरों को आग के प्रसार क्षेत्र से हटा लिया गया। अग्निशमन सेवा और आपदा प्रबंधन मंत्री जावेद खान ने बताया कि अधिकतर लोगों की मौत दम घुटने से हुई। शहर के पुलिस सूत्रों ने बताया कि बाद में एएमआरआई अस्पताल से एक व्यक्ति को बचाया गया और एक निजी अस्पताल पहुंचाया गया लेकिन उसकी मौत हो गई। उल्लेखनीय है कि शुक्रवार तड़के 3.30 बजे जब मरीज सो रहे थे, तभी अस्पताल में अचानक आग लग गई जिसमें लगभग 91 लोगों की मौत हो गई। अधिकांश नर्स, चिकित्सक तथा अन्य कर्मचारी भाग निकले। इस दौरान कई गम्भीर मरीजों की अस्पताल के बिस्तर पर ही मौत हो गई।
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