ओडिशा के मलकानगिरी जिले के मथिली थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले दईगुड़ा गांव के पास बुधवार को उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब एक जंगली भालू आबादी वाले इलाके के समीप सड़क पर घूमता हुआ दिखाई दिया. भालू को सड़क किनारे बैठा देख स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई और देखते ही देखते मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई.
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, भालू सड़क पर काफी देर तक बैठा रहा, जिससे आने-जाने वाले वाहनों के पहिये थम गए. कुछ लोगों का कहना है कि भालू भोजन की तलाश में जंगल से निकलकर गांव की ओर आ गया था. भालू के आने की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए, जिससे स्थिति और भी चुनौतीपूर्ण हो गई.
वन विभाग और पुलिस की टीम पहुंची मौके पर भालू के गांव के निकट होने की सूचना मिलते ही वन विभाग और स्थानीय पुलिस की टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुंची. अधिकारियों ने भालू को सुरक्षित तरीके से आबादी वाले क्षेत्र से दूर खदेड़ने के लिए अभियान शुरू किया.
इस दौरान एक दिलचस्प लेकिन चिंताजनक स्थिति तब पैदा हो गई, जब भालू ने पुलिस की पीसीआर (PCR) वैन पर चढ़ने की कोशिश की. अचानक हुई इस घटना से मौके पर मौजूद लोग और अधिकारी भी कुछ देर के लिए हैरान रह गए. हालांकि, वन विभाग की टीम ने सतर्कता बरतते हुए स्थिति को नियंत्रित कर लिया.
भोजन और पानी की तलाश में जंगल से बाहर आया भालू
वन विभाग के अधिकारियों का मानना है कि भीषण गर्मी के कारण जंगल में भोजन और पानी की कमी हो गई है, जिसकी तलाश में भालू जंगल छोड़कर मानव बस्ती की ओर आ गया. गर्मी के मौसम में इस तरह की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, क्योंकि जंगली जानवरों को उनके प्राकृतिक आवास के भीतर पर्याप्त भोजन और पानी नहीं मिल पा रहा है.
अधिकारियों ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे भालू के पास जाने या उसे परेशान करने की कोशिश न करें और वन विभाग के बचाव अभियान में सहयोग करें. फिलहाल, भालू की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है. वन विभाग की विशेष टीम को भालू को सुरक्षित तरीके से पकड़कर पुनः उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ने की जिम्मेदारी सौंपी गई है.
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