- नेशनल टेस्टिंग एजेंसी का पुनर्गठन किया जाएगा ताकि परीक्षा व्यवस्था को अधिक मजबूत और लीक-प्रूफ बनाया जा सके
- नीट प्रश्नपत्र लीक विवाद के बाद उच्च शिक्षा सचिव विनीत जोशी को पद से हटा दिया गया था
- नीट पेपर लीक को लेकर छात्र आंदोलन कर रहे हैं, वे शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़े हैं
एनटीए (NTA) संगठन में बड़े बदलाव की तैयारी हो रही है. NTA अपने संगठन में बदलाव के साथ, सिस्टम को मज़बूत करने और देशभर में परीक्षा की शुचिता सुनिश्चित करने की घोषणा करने वाली है. पेपर लीक के खिलाफ सरकार की रणनीति को लेकर ये बड़ी अपडेट आई है. इसके मुताबिक, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के पूरे ढांचे को नए सिरे से तैयार किया जाएगा.
बड़े बदलावों की तैयारी में सरकार :-
- अगले महीने NTA का पुनर्गठन किया जाएगा.
- एनटीए से 47 लोगों को निकाला जाएगा
- इनमें से कुछ के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी
- एजेंसी के आउटसोर्सिंग के तरीकों में बदलाव किया जाएगा.
- एक विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों के आधार पर बदलाव लागू किए जाएंगे.
- एक लीक-प्रूफ सिस्टम बनाया जाएगा.
गौरतलब है कि NTA 15-20 राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाएं आयोजित करती है. इसमें JEE, NEET, CUET आदि शामिल हैं.
परीक्षा विवादों के बीच शिक्षा मंत्रालय में बड़ा बदलाव
प्रश्नपत्र लीक और केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के डिजिटल मूल्यांकन में गड़बड़ियों समेत शिक्षा मंत्रालय से जुड़े हालिया विवादों के कारण कई बड़े अधिकारियों का तबादला किया गया है, हालांकि विपक्ष शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग पर अड़ा है.
नीट यूजी (चिकित्सा स्नातक में प्रवेश से संबंधित परीक्षा) प्रश्नपत्र लीक के खिलाफ विद्यार्थियों के विरोध-प्रदर्शन के जोर पकड़ने पर केंद्र सरकार ने गुरुवार देर रात उच्च शिक्षा सचिव के पद से वरिष्ठ अधिकारी विनीत जोशी को हटा दिया.
एनटीए में जोशी के कार्यकाल के दौरान स्नातक में दाखिले के लिए संयुक्त विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षा (सीयूईटी) शुरू की गई. हालांकि उन्हें इस अहम परीक्षा में आई गड़बड़ियों को लेकर सरकार की आलोचना का सामना भी करना पड़ा. इसके बाद 2023 में, जब पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर में जातीय हिंसा भड़क उठी, तो उन्हें वहां का मुख्य सचिव नियुक्त किया गया.
उच्च शिक्षा सचिव के पद से हटाए जाने के बाद, जोशी को पंचायती राज मंत्रालय में सचिव नियुक्त किया गया है. नरेश कुमार गंगवार को उच्च शिक्षा सचिव और टी के अनिल कुमार को स्कूली शिक्षा सचिव नियुक्त किया गया है. गंगवार पशुपालन मंत्रालय में सचिव थे, जहां वह अलग-अलग वजहों से चर्चा में रहे.

खबरों के मुताबिक, 1994 बैच के राजस्थान-कैडर के भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी गंगवार के परिवार के तीन सदस्यों को राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड योजना के तहत पांच सालों में 1.16 करोड़ रुपये से ज़्यादा की सब्सिडी मिली. गंगवार उससे पहले पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव के तौर पर काम कर चुके हैं, जहां उन्होंने प्रदूषण नियंत्रण और खतरनाक पदार्थों से जुड़े मामलों को संभाला था. टी के अनिल कुमार इससे पहले ग्रामीण विकास मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव थे.
शिक्षा मंत्रालय पिछले दो महीनों से विवादों के केंद्र में है. पहले 12वीं कक्षा के लिए सीबीएसई की ‘ऑन-स्क्रीन मार्किंग' (ओएसएम) व्यवस्था में गलतियों को लेकर और फिर नीट प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर. वहां हाल के दिनों में और भी अधिकारियों को हटाया गया है.
इस फेरबदल में मंत्रालय में मीडिया और संचार प्रमुख आंचल कटियार को भी हटा दिया गया. कटियार को पशुपालन मंत्रालय भेज दिया गया, जबकि उनकी जगह रश्मि रोजा तुषारा नायर को नियुक्त किया गया.

नीट-यूजी को लेकर विद्यार्थियों के नेतृत्व में हो रहे विरोध-प्रदर्शन अब देशव्यापी आंदोलन का रूप ले चुके हैं. इस आंदोलन की वजह प्रश्नपत्र लीक, प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की कथित सख्ती और जवाबदेही की लगातार उठ रही मांगें हैं. विपक्षी पार्टियां भी इस मांग में शामिल हो गई हैं और वे प्रधान के इस्तीफ़े के साथ-साथ संसद में इस मुद्दे पर बहस की मांग कर रही हैं.
जब 2024 में नीट प्रश्नपत्र लीक के आरोपों और यूजीसी-नेट प्रश्न पत्र के लीक होने की पुष्टि के बाद शिक्षा मंत्रालय इसी तरह के विवाद में फंसा था, तो एनटीए के तत्कालीन महानिदेशक सुबोध कुमार सिंह को हटा दिया गया था. स्टील मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव नियुक्त किए जाने से पहले सिंह को लगभग चार महीने तक अनिवार्य प्रतीक्षा पर रखा गया था. बाद में उन्हें उनके छत्तीसगढ़ कैडर में वापस भेज दिया गया.
इसे भी पढ़ें: प्रदर्शनों के दौरान कैसे व्यवहार करे पुलिस? सुप्रीम कोर्ट में PIL दाखिल, अदालत की निगरानी में जांच की मांग
इसे भी पढ़ें: पीएम मोदी की मंत्रियों को सलाह- Gen-Z से जुड़ने के लिए करें Instagram का इस्तेमाल
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं