- दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन को अनुमति नहीं मिली और कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया
- सोनम वांगचुक ने गिरफ्तारी की आलोचना करते हुए प्रदर्शनकारियों की रिहाई के लिए सरकार से अपील की
- उन्होंने कहा कि यदि अगले 24 घंटे में प्रदर्शनकारियों को रिहा नहीं किया गया तो वे भी प्रदर्शन कर सकते हैं.
दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन को अनुमति न मिलने और अभिजीत दीपके समेत ज्यादातर लोगों को हिरासत में लिए जाने की सोनम वांगचुक ने आलोचना की है. इसके अलावा उन्होंने खुद भी प्रदर्शन में उतरने की चेतावनी दी है. उन्होंने शनिवार को कहा कि यदि अगले 24 घंटे में गिरफ्तार किए गए लोगों को रिहा नहीं किया गया तो फिर मुझे भी सोचना होगा. उन्होंने कहा कि मैं लद्दाख से लेकर दिल्ली तक कहीं भी अनशन, प्रदर्शन या फिर पदयात्रा के बारे में विचार कर सकता हूं. अब तक वह इस बार के प्रदर्शन से खुद को दूर रख रहे थे. लेकिन शनिवार शाम को उनके तेवर बदले नजर आए.
सोनम वांगचुक ने एक्स पर बयान जारी करते हुए कहा, 'पता चला है कि दिल्ली में आज बड़ी संख्या में छात्र नेताओं, पत्रकारों और वकीलों की गिरफ्तारियां हुई हैं. मैंने शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अपील की थी और मुझे भरोसा था कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में इन लोगों को प्रदर्शन की अनुमति दी जाएगी. लेकिन ज्यादातर लोगों को गिरफ्तार किया गया है और ऐसा लग रहा है कि देश भर में अघोषित आपातकाल जैसे हालात हैं. मैं सरकार से अपील करता हूं कि इन लोगों को अगले 24 घंटों में रिहा किया जाए.'
INDIA IN A STATE OF UNDECLARED EMERGENCY... Yesterday when I posted a message appealing for unity & peace in today's protest I had never imagined that the biggest democracy in the world would be under an undeclared EMERGENCY. I was happy there were so many leaders to lead the movement, but I now learn that they have all been arrested. I hope those arrested will be released soon. I will be compelled to consider an Anshan Fast or Padyatra March if they are not released by tomorrow. #JantarMantar #protest #CJP #CEC #sonamwangchuk
— Sonam Wangchuk (@Wangchuk66) October 10, 2026
लद्दाख में दशकों से क्लाइमेट एक्टिविस्ट के तौर पर सक्रिय सोनम वांगचुक ने कहा कि यदि सरकार ने प्रदर्शनकारियों से नरमी नहीं दिखाई तो फिर मुझे मजबूर होना पड़ेगा. सोनम वांगचुक ने कहा कि यदि इन लोगों को रिहा नहीं किया गया तो मैं भी एक शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने पर विचार करने के लिए मजबूर हो जाऊंगा. वह चाहे धरना हो, प्रदर्शन हो या फिर अनशन हो. दिल्ली में हो या लद्दाख में हो. फिर भी मुझे भरोसा है कि सरकार कोई कदम उठाएगी और हमें ऐसा कुछ करने की जरूरत नहीं पड़ेगी.
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