- केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की संभावना शीर्ष सरकारी सूत्रों ने पूरी तरह से खारिज की है
- सरकार एनटीए में समस्याओं की सूची बना रही है और शीघ्र ही इन मुद्दों के समाधान पर कार्य करेगी
- जंतर-मंतर पर पेपर लीक विरोधी प्रदर्शन सातवें सप्ताह में प्रवेश कर चुका है और हजारों लोग अभी भी मौजूद हैं
दिल्ली में जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शनों के बीच शीर्ष सरकारी सूत्रों ने साफ किया है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की कोई संभावना नहीं है. सरकार को लगता है कि इस्तीफा देना सबसे आसान फैसला है. इस्तीफा देकर जिम्मेदारी से भागना बहुत आसान है. सूत्र का कहना है कि जनता ने सरकार को जनादेश दिया है, और वो इसे पूरा करेगी. सरकार एनटीए में मौजूद समस्याओं की सूची तैयार कर रही है, और इन मुद्दों का जल्द ही समाधान किया जाएगा.
सूत्रों का कहना है कि सरकार ने दस्तावेज लीक में शामिल कई गिरोहों का भंडाफोड़ किया है. अभी और भी कार्रवाई की योजना बनाई जा रही है. सरकार के साथ पार्टी भी धर्मेंद्र प्रधान के साथ खड़ी है.
जंतर-मंतर पर पेपर लीक के विरोध में जारी प्रदर्शन शुक्रवार को सातवें सप्ताह में प्रवेश कर गया. कल देर रात सोनम वांगचुक ने पीएम मोदी का वीडियो आने के बाद अपना अनशन तोड़ दिया. पीएम मोदी ने सख्त एक्शन लेने का देश की जनता को भरोसा दिया था. मगर कॉकरोच जनता पार्टी अभी भी धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अड़ी हुई है.
अभी जंतर-मंतर पर कैसे हालात
अभी भी जंतर-मंतर पर हजारों की संख्या में प्रदर्शनकारी मौजूद हैं. कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) ने केंद्रीय मंत्रियों से शुक्रवार को कहा कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की उसकी मांग को लेकर ‘‘कोई समझौता नहीं हो सकता.'' कॉजपा ने सरकार से 20 जुलाई को ‘‘बेरहमी से पीटे गए'' प्रदर्शनकारी छात्रों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की. कॉजपा के प्रवक्ता सौरभ दास ने कहा कि केंद्रीय मंत्रियों जे. पी. नड्डा और जितेंद्र सिंह के साथ हुई बैठक में तीन मई को हुई ‘‘नीट परीक्षा रद्द होने के बाद आत्महत्या करने वाले'' छात्रों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिए जाने की भी मांग की गई.
दो घंटे दो मंत्रियों से बात हुई
कॉजपा के दो प्रतिनिधियों ने यहां विट्ठलभाई पटेल हाउस में केंद्रीय मंत्रियों जे. पी. नड्डा और जितेंद्र सिंह के साथ करीब दो घंटे तक बैठक की, जिसका इसका मकसद नीट पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में अन्य अनियमितताओं को लेकर जारी विरोध-प्रदर्शनों का कोई सौहार्दपूर्ण समाधान खोजना था. नड्डा ने कहा कि मंत्रियों ने कॉजपा के प्रतिनिधियों की मांगें सुनीं और कहा कि सरकार इस संबंध में उन्हें बाद में जवाब देगी. उन्होंने कहा, ‘‘हम शनिवार को फिर बैठक करेंगे.''
मेट्रो बंद होने से आम लोगों में नाराजगी
वहीं प्रदर्शन के कारण बार-बार मेट्रो स्टेशन बंद करने और यातायात नियंत्रित करने के प्रशासन के फैसले पर यात्रियों ने नाराजगी जताई है. लोगों ने सोशल मीडिया पर सवाल किया कि आखिर हर दिन सफर करने वाले हजारों लोगों को क्यों परेशानी उठानी पड़ रही है.दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) ने शुक्रवार को घोषणा की कि नयी दिल्ली मेट्रो स्टेशन अगले आदेश तक बंद रहेगा. हालांकि इससे पहले ही लगातार तीसरे दिन मध्य दिल्ली के 17 मेट्रो स्टेशन बंद होने से लोगों को परेशानी हो रही थी.
डीएमआरसी ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि नयी दिल्ली मेट्रो स्टेशन अगले आदेश तक बंद रहेगा और इस स्टेशन पर ‘इंटरचेंज' की सुविधा भी उपलब्ध नहीं होगी. सुरक्षा कारणों से शुक्रवार सुबह 7:30 बजे से मध्य दिल्ली के 17 मेट्रो स्टेशन पहले ही बंद थे.
नयी दिल्ली मेट्रो स्टेशन येलो लाइन और एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन को जोड़ने वाला प्रमुख इंटरचेंज स्टेशन है. इसके बंद होने से रोज सफर करने वाले हजारों यात्रियों को परेशानी होने की आशंका है. घोषणा के तुरंत बाद कई लोगों ने ‘एक्स' पर इस फैसले पर सवाल उठाए. कई लोगों ने कहा कि इससे दफ्तर जाने वाले कर्मचारियों, छात्रों और यात्रियों को परेशानी होगी. वहीं कुछ लोगों ने आशंका जताई कि ऐप के जरिये मिलने वाली टैक्सियों का किराया बढ़ सकता है.
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